• shareIcon

Diabetes Tips: डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है तिल, तेजी से कंट्रोल करे ब्लड शुगर लेवल

डायबिटीज़ By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 05, 2019
Diabetes Tips: डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है तिल, तेजी से कंट्रोल करे ब्लड शुगर लेवल

Diabetes Diet Tips: डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसे जिसे कंट्रोल करने के लिए आपका खानपान सही होना बहुत जरूरी है। डायबिटीज होने पर व्यक्ति के शरीर में ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Levels) बढ़ जाता है, जिससे उसको कई तरह की परेशानियां होती हैं। हाई ब्लड शुगर (High Blood Sugar) मरीज के आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है और गंभीर स्थिति में व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। प्रकृति में कुछ ऐसी चीजें मौजूद हैं, जो ब्लड शुगर को घटाती हैं और डायबिटीज के खतरों से आपको बचाती हैं। आप चाहें टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) का शिकार हों या टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes) का, तिल के बीज आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे।

डायबिटीज में फायदेमंद हैं तिल के बीज

तिल के बीज (Sesame Seeds) डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। तिल में प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में होता है इसलिए ये डायबिटीज रोगियों में ब्लड शुगर को बढ़ने नहीं देता है। 100 ग्राम तिल में 12 ग्राम फाइबर होता है। फाइबर वाले आहार खाने से ग्लूकोज शुगर में धीरे-धीरे घुलता है, जिससे अचानक शुगर बढ़ने का खतरा टल जाता है। इसके अलावा इसमें 18 ग्राम प्रोटीन भी होता है। खास बात ये है कि तिल में मैग्नीशियम बहुत ज्यादा होता है। डायबिटीज रोगियों के लिए मैग्नीशियम बहुत फायदेमंद मिनरल है।

इसे भी पढ़ें:- ब्लड शुगर बढ़ने पर इन 5 तरीकों से तुरंत करें कंट्रोल, 10 मिनट में घटेगा ग्लूकोज

डायबिटीज में फायदेमंद है मैग्नीशियम

100 ग्राम तिल में लगभग 350 मिलीग्राम मैग्नीशियम होता है। डायबिटीज के लक्षणों (Symptoms of Diabetes) में बार-बार पेशाब आना प्रमुख है। इसका कारण यह है कि व्यक्ति के खून में घुला हुआ शुगर (ग्लूकोज) छनकर पेशाब के रास्ते से बाहर निकल जाना चाहता है, जिससे व्यक्ति को जल्दी-जल्दी पेशाब आती है। जल्दी-जल्दी पेशाब आने के कारण शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो जाती है। शरीर में मैग्नीशियम की कमी (Deficiency of Magnesium) होने पर व्यक्ति का रक्त प्रवाह (Blood Circulation) प्रभावित होता है।

तिल में एक खास तत्व पाया जाता है, जिसे पिनोरेसिनोल कहते हैं। ये तत्व खाने को पचाने वाले एंजाइम्स- जिन्हें माल्टेज कहते हैं- को बढ़ावा देता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है।

इसे भी पढ़ें:- टाइप 2 डायबिटीज में कैसा होना चाहिए सुबह का नाश्ता? जानें शुगर कंट्रोल करने वाले 4 आहार

प्रोटीन और विटामिन बी का अच्छा स्रोत है तिल

तिल में प्रोटीन भरपूर पाया जाता है। 3 चम्मच तिल में 5 ग्राम तक प्रोटीन होता है। ये प्रोटीन आपकी मसल्स बनाने, हार्मोन्स के उत्सर्जन और पाचन के लिए बहुत जरूरी होते हैं। इसके अलावा तिल में अलग-अलग विटामिन बी भी भरपूर मात्रा में होते हैं। 30 ग्राम तिल में आपकी दैनिक जरूरत का 17% थायमिन (विटामिन बी1), 11% नियासिन (विटामिन बी3) और 5% विटामिन बी6 मिल जाता है।

डायबिटीज रोगी कैसे खाएं तिल (Diabetes Control Diet)

डायबिटीज रोगी अपने आहार में तिल को कई तरह से शामिल कर सकते हैं-

  • तिल के बीजों को हल्की आंच में भूनकर इन्हें कच्चा खाया जा सकता है।
  • भुने हुए तिल के बीजों को सलाद, दही, छाछ आदि में मिलाकर खाने से भी फायदा मिलता है।
  • आप आटे में तिल को मिलाकर इसकी रोटियां, पराठे आदि बना सकते हैं।
  • भुने हुए तिल को पीसकर इसका आटा बनाएं और गेंहू-मक्के के आटे में मिलाकर इसकी रोटियां बनाएं।
  • चिकन, सब्जी, छोले और दूसरे डिशेज में भुने हुए तिल को मिलाकर आप खा सकते हैं।

Read more articles on Diabetes in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK