• shareIcon

किशोरावस्था में दिखें ये 5 संकेत तो हो जाएं सावधान, बच्चे उठा सकते हैं कुछ गलत कदम

तन मन By पल्‍लवी कुमारी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 21, 2019
किशोरावस्था में दिखें ये 5 संकेत तो हो जाएं सावधान, बच्चे उठा सकते हैं कुछ गलत कदम

टीनएज जीवन की एक ऐसी स्टेज है, जब लड़के- लड़कियां तमाम परिवर्तनों से गुजरते हैं। ज्यादातर बच्चे किशारावस्था में तनाव का अनुभव करते हैं। उनमें अक्सर ड्रिप्रेशन से पीड़ित होने के कुछ लक्षण दिखाई पड़ते हैं। ऐसे में किशोर होते बच्चों का अतिरिक्त ख्याल

किशोरावस्था (ऐडॅलेस्अन्स) उम्र का वह पड़ाव है, जिसमें हर बच्चे के शरीर में काफी सारे बदलाव तेजी से होते है। इस दौरान बच्चे के शरीर में हार्मोनल ही नहीं बल्कि शारीरिक और मानसिक बदलाव भी आते हैं। कभी कभार इस उम्र में बच्चे अचानक से किसी बात दुखी हो जाते हैं या कोई बात दिमाग में बैठ जाए, तो अवसादग्रस्त हो जाते हैं। इसके अलावा तमाम तरह की परेशानियां जैसे- तनाव, अधिक जिम्मेदारियां, पर्यावरण और सामाजिक प्रेशर के कारण भी किशोरावस्था में बच्चे अवसाद की ओर बढ़ जाते हैं। साथ ही आज के समय में ऐसे बहुत से कारण हैं, जिसकी वजह से एक किशोर युवक या युवती परेशान रहते हैं। इस उम्र के बच्चों में अक्सर किसी भी चीज के प्रति अति उत्सुकता तो कभी घोर निराशावादी रवैया देखने को मिलता है। ऐसे में जरूरी होता है कि बच्चे अपने मां-बाप से बात करें, मां-बाप बच्चों की छोटी छोटी चीजों पर ध्यान दें और उन्हें थोड़ा सा समझते हुए स्पेस दें और ज्यादा प्यार करें।

Inside_depression

इस उम्र में पीयर प्रेशर होना सबसे गंभीर समस्या है। इस उम्र में बच्चे अपने पैरेंट्स पर भरोसा ना करते हुए अपने दोस्तों पर ज्यादा भरोसा करने लगते हैं, जिस कारण कभी-कभार वो स्मोकिंग, ड्रिंकिंग जैसी गलत आदतों के शिकार भी हो जाते हैं। इसके अलावा कुछ बच्चे अकेलेपन का शिकार होने लगते हैं। उन्हें लगता है कोई उन्हें समझ नहीं पाएगा, इसलिए अकेले रहो। ऐसे में बच्चे जाने किस-किस बात को मन में बिठा लेते हैं और सही मार्गदर्शन न मिलने पर गलत राह पर भी चल सकते हैं। इस तरह कुछ बच्चे कब ड्रिप्रेशन में चले जाते हैं, उनको पता नहीं चलता और अवसाद के कारण आत्महत्या भी कर लेते हैं। आइए हम आपको यहां कुछ सबसे आम चेतावनी या संकेत के बारे में बताते हैं, जो किशोरावस्था के दौरान अवसाद से पीड़ित या आत्मघाती स्वभाव को दर्शाते हैं-

समाज से दूरी बनाना

आज की किशोरी युवा पीढ़ी तेजी से पीछे हटती जा रही है और इस तरह वह समाज से कट रही है। आज के किशोर सामाजिक संपर्क से बच रहे हैं और अकेले रहना पसंद कर रहते हैं। इसके अलावा वो अचानक से धीरे-धीरे शांत होने लगते हैं, जो कि एक संकेत है कि यह युवा अवसाद यानी डिप्रेशन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। जब भी आपको आपके किशोर बच्चे में ये हरकते दिखें, आप सावधान हो जाइए।

इसे भी पढ़ें : दिमाग की क्षमता तेज करने और याददाश्त बढ़ाने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स और 3 फूड्स, मिलेगी सफलता

अचानक मूड में बदलाव

रोना, चिड़चिड़ापन या गुस्सा हो जाना इस उम्र के बच्चों की एक खास पहचान होती है। ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि उनके अंदर बढ़ी हुई भावनात्मक प्रतिक्रिया उनके मूड को बार-बार ट्रिगर करता है। छोटी सी बात के लिए  भावनात्मक रूप से असंतुलित होना, चीजों को न समझना इस उम्र के बच्चों में अक्सर देखने को मिलता है। 

भूख या नींद के पैटर्न में बदलाव

किसी व्यक्ति की नींद या भूख में अचानक, बेवजह आए परिवर्तनों के लिए हमेशा सतर्क रहनाष। किशोरावस्था में बच्चों की नींद में अचानक से अधिकता या कमी आ जाती है।

इसे भी पढ़ें : हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए सोने से पहले करें ये 5 काम, अच्छी नींद आएगी और रहेंगे स्वस्थ

जोखिम लेने वाले व्यवहार में वृद्धि

अक्सर इस उम्र के लड़के और लड़कियों में जोखिम लेने की क्षमताओं में वृद्धि हो जाती है। इसके अलावा वह शराब - ड्रग्स जैसे नशीली चीजों की ओर आकर्षित होने लगते हैं। इतना ही नहीं मूड में गड़बड़ी, बहुत गुस्सा होना और आत्मघाती इरादे अचानक से इनके होर्मोनस द्वारा ट्रिगर हो सकता है।

बेबसी की भावना

जो किशोर बेहद दुखे होते हैं, वे नियंत्रण की कमी और निराशा की भावना का अनुभव करते हैं। इसके अलावा ऐसे बच्चों में कुछ संकेत ऐसे भी दिखते हैं कि कुछ समझ नहीं आ रहा कि वह क्या करें। साथ ही भविष्य के लिए काम करने की निरर्थकता, अगले चरण की योजना बनाने में उनकी उदासीनता या कोई लक्ष्य निर्धारित न कर पाने के कारण आत्महत्या के बारे में सोचना। इस तरह के किसी किशोर या किशोरी में सामान्य स्वभाव के विपरीत अगर कोई भी व्यवहार दिखे या उनकी बातचीत से ऐसा महसूस हो तो इसे बिलकुल भी नजरअंदाज न करें।

Read more articles on Mind-Body in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK