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नाक और मसूढ़ों से खून आना भी है डेंगू बुखार का एक संकेत, जानें डेंगू रक्तस्रावी ज्वर के अन्य लक्षण

अन्य़ बीमारियां By जितेंद्र गुप्ता , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 25, 2018
नाक और मसूढ़ों से खून आना भी है डेंगू बुखार का एक संकेत, जानें डेंगू रक्तस्रावी ज्वर के अन्य लक्षण

Dengue Hemorrhagic Fever : अगर साधारण डेंगू बुखार के लक्षणों के साथ-साथ ये लक्षण भी दिखाई दें तो डीएचएफ हो सकता है। जानें डेंगू हीमोरेजिक के लक्षण।

डेंगू खतरनाक बीमारी है जो मच्‍छर के काटने से फैलता है। एडीज मादा मच्‍छर के काटने से डेंगू फैलता है। यह मच्‍छर साफ पानी में पनपता है। डेंगू बरसात के मौसम में ज्‍यादा फैलता है। बरसात का पानी गमलों, कूलरों, टायर आदि में एकत्रित हो जाता है जिसमें एडीज मच्‍छर पनपते हैं। हर बीमारी के फैलने का कारण होता है फिर वह कारण एक जगह से दूसरी जगह संक्रमण होना हो या फिर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में। डेंगू वायरस का कारण भी कुछ ऐसा ही है।

कहने को डेंगू महामारी एडीस इजिप्टस मच्छर के काटने से फैलती है लेकिन इस रोग का मुख्या कारण विषाणु मच्छरों द्वारा मानव शरीर में पहुचना हैं। डेंगू का कहर अलग-अलग स्थितियों में दिखाई पड़ता है। डेंगू रक्तस्रावी ज्वर के फैलने के भी कई कारण है। 

डेंगू रक्तस्रावी ज्वर के कारण

  • आमतौर पर डेंगू बुखार उस मच्छर के काटने से होता है जिसने पहले से ही किसी डेंगू के मरीज़ को काटा है।
  • डेंगू महामारी फैलाने वाला एडीस इजिप्टत मादा मच्छर बरसात के मौसम में ज्यादा फैलते हैं और यह उन जगहों पर तेज़ी से फैलते हैं जहां पानी जमा हो । 
  • यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलता लेकिन उस मच्छर के काटने से होता है जिसने किसी संक्रमित व्यक्ति को काटा है। 
  • डेंगू उन लोगों को जल्दी प्रभावित करता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
  • आमतौर पर एक व्यकक्ति को एक बार डेंगू होने पर दोबारा नहीं होता लेकिन इसके होने की संभावना लगातार बनी रहती है और यदि ऐसा होता है तो हमेशा ही यह जरूरी नहीं कि एक जैसा ही डेंगू हो। दूसरी बार पहले के मुकाबले अधिक घातक या फिर जीवन के लिए खतरनाक डेंगू रक्तस्रावी ज्वर भी हो सकता है।

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  • दिन में काटने वाला एडिस मच्छजर काले व सफेद धारी वाले होते है। इन मच्छरों के काटने से डेंगू की बीमारी फैलती है और ये मच्छर मुख्य रूप से ठहरे हुए पानी में पनपते हैं। जैसे कूलर, गमले में जमा पानी, छत पर जमा पानी आदि स्थानों पर।
  • डेंगू रक्त स्रावी ज्वजर में तेज बुखार के साथ-साथ शरीर के उभरे चकत्तों से खून बहना शुरू हो जाता हैं।
  • डेंगू रक्त।स्रावी ज्वजर/ हैमरेज ज्वर बहुत तेजी से मांसपेशीय पर प्रभाव डालते हैं जिससे रोगी किसी घातक बीमारी का शिकार हो सकता है या फिर उसकी मृत्युत भी हो सकती है।
  • रक्तस्रावी ज्वार डेंगू बुखार की दूसरी स्टेज होती है। अगर रक्त्स्रावी ज्वर की स्थिति में रोगी की देखभाल सही तरीके से न की जाए तो उसकी मृत्युभी हो सकती है।
  • डेंगू की सही समय पर पहचान कर समय रहते उसका इलाज करा लेना चाहिए। अन्यूथा रोगी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

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डेंगू ज्वर के लक्षण

  • तेज बुखार, डेंगू का प्रमुख लक्षण है।
  • शरीर में बहुत तेज दर्द होता है, विशेषकर जोड़ों और अस्थियों में।
  • सिर में बहुत तेज दर्द होता है।
  • हाथ-पैर में चकत्ते होना, खासकर दबे हुए हिस्‍से में।
  • मतली और उल्‍टी होना।

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