Dengue Prevention: किस मौसम में खतरनाक होता है डेंगू बुखार और कैसे बचें इस जानलेवा रोग से, जानें

Updated at: Sep 06, 2019
Dengue Prevention: किस मौसम में  खतरनाक होता है डेंगू बुखार और कैसे बचें इस जानलेवा रोग से, जानें

बारिश के मौसम में ऐसी ही कई और बीमारियों के होने की भी सम्भावना बढ़ जाती हैं। आइए जानें, भारत में डेंगू बुखार का प्रकोप क्यों और कैसे बढ़ रहा है।

सम्‍पादकीय विभाग
अन्य़ बीमारियांWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Aug 05, 2011

मौसम परिवर्तन के साथ ही जहां एक ओर सुहावना मौसम होता है वहीं दूसरी ओर फैलने लगती हैं। बारिश के मौसम में बीमारियां कोई छोटी-मोटी नहीं बल्कि डेंगू बुखार, चिकनगुनिया, मलेरिया इत्यादि जैसी होती हैं। डेंगू का प्रकोप गर्म और गीले क्षेत्र में अधिक फैलता है और बारिश के मौसम में ऐसी ही कई और बीमारियों के होने की भी सम्भावना बढ़ जाती हैं। आइए जानें, भारत में डेंगू बुखार का प्रकोप क्यों और कैसे बढ़ रहा है।

कब फैलता है डेंगू वायरस?

डेंगू बुखार का वायरस बारिश के मौसम में यानी जून से सितंबर-अक्‍टूबर के बीच ही फैलता है। इसका सबसे बड़ा कारण है भारत में बदलता तापमान, इसिलए भी डेंगू बुखार का मौसम बारिश के साथ ही शुरू हो जाता है। आमतौर पर जून कें अंत में बारिश शुरू हो जाती है जुलाई, अगस्त , सितंबर तीन महीनों में डेंगू बुखार सबसे ज्यादा फैलता है, क्योंकि पूरे भारत में सबसे अधिक बारिश इन तीन महीनों के बीच ही होती हैं।

भारत में मौसम का उतार-चढ़ाव लगातार चलता रहता है, कभी बहुत अधिक बारिश तो कभी बहुत अधिक गर्मी या ठंडी होती है जिससे डेंगू के मच्छरों की पैदाइश अधिक बढ़ जाती हैं।

इन महीनों में लगातार बारिश और मौसम के उतार-चढ़ाव से काफी उमस और चिपचिपाहट होती है और इसी उमस के कारण डेंगू बुखार के फैलने की संभावना बढ़ जाती है।

डेंगू का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरीके से होता है क्योंकि मौसम का उतार-चढ़ाव और बारिश का कभी एक क्षेत्र में आना तो कभी दूसरे में आना इसका मुख्य कारण है। डेंगू मच्छ़र यानी एडिस एजिप्टी मादा मच्छर आमतौर पर दिन के समय ही काटता है।

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डेंगू से जुड़ी जरूरी जानकारियां

  • भारत में जैसे-जैसे मौसम बदलता है, लोगों को बुखार की शिकायत होने लगती हैं। डेंगू से बचने के लिए सावधानियां बरतनी बहुत आवश्यक हैं।
  • हालांकि डेंगू का इलाज संभव है, लेकिन इसके साथ ही डेंगू से जान का जोखिम भी रहता है।
  • डेंगू से बचने के लिए ज़रूरी है कि बदलते मौसम में सामान्य बुखार को नजरअंदाज न करें बल्कि उसका सही उपचार करवाएं।
  • तीन दिन से अधिक दिन तक बुखार होने पर लापरवाही न बरतें बल्कि डॉक्टर्स से संपर्क करें।
  • डेंगू बुखार आमतौर पर मच्छर के काटने से फैलता है। लेकिन डेंगू एक संक्रमित बीमारी है।
  • यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलता लेकिन उस मच्छर के काटने से होता है जिसने किसी संक्रमित व्यक्ति को काटा है।
  • डेंगू मच्छर बरसात के मौसम में ज्यादा फैलते हैं और यह उन जगहों पर तेज़ी से फैलते हैं जहां पानी जमा हो। फिर चाहे पानी साफ ही क्यों न हो।
  • जिन लोगों का इम्‍यून सिस्टम कमजोर होता है उन्हें डेंगू बुखार बहुत अधिक प्रभावित करता है।
  • डेंगू बुखार में बहुत अधिक ठंड के साथ कंपकंपी और तेज बुखार होने लगता है।
  • डेंगू बुखार में शरीर के सभी अंगों में दर्द होता है साथ ही रक्तचाप सामान्य से कम हो जाता है।
  • डेंगू बुखार के कारण व्यरक्ति को बहुत अधिक कमजोरी, सरदर्द, गले में दर्द इत्यादि समस्याएं हो जाती हैं।
  • डेंगू वैसे तो चार-पांच दिन तक रहता है लेकिन सही समय पर इसका ईलाज ना होने पर इसे ठीक होने में वक्त भी लग सकता है।
  • इसके साथ ही इससे हुई कमजोरी को भरने में भी समय लगता हैं।
  • जैसे-जैसे मौसम बदलेगा डेंगू का प्रकोप उतना ही अधिक बढ़ता जाएगा। ऐसे में कोशिश करें की कहीं भी गंदगी न रहने दें और पानी को इकट्ठा न होने दें।

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