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विटामिन डी की कमी से बच्चों में आता है गुस्सा और चिड़चिड़ापन, खिलाएं ये 7 फूड्स

बच्‍चे का स्‍वास्‍थ्‍य By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 23, 2019
विटामिन डी की कमी से बच्चों में आता है गुस्सा और चिड़चिड़ापन, खिलाएं ये 7 फूड्स

छोटे बच्चों में चिड़चिड़ापन, गुस्सा और मूड स्विंग्स का कारण विटामिन डी की कमी हो सकती है। जानें विटामिन सी से भरपूर 7 आहार, जिन्हें खिलाने से दूर होगी बच्चों में चिड़चिड़ेपन की समस्या और मजबूत होंगी उनकी हड्डियां।

क्या आपको हैरानी नहीं होती जब छोटे बच्चों को गुस्सा आता है या वे जिद करते हैं? बच्चों में चिड़चिड़ेपन को अक्सर लोग परिवार के किसी सदस्य का अनुवांशिक असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। मगर बच्चों के चिड़चिड़े स्वभाव का कारण उनमें विटामिन डी की कमी बी हो सकती है। जी हां, हाल में हुई एक रिसर्च में इस बात का खुलासा किया गया है कि विटामिन डी की कमी से छोटे बच्चों में चिड़चिड़ेपन की समस्या हो सकती है। ये रिसर्च 'जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन' नाम के जर्नल में छापी गई है। आइए आपको बताते हैं इस रिसर्च में पता चलने वाली मुख्य बातें और विटामिन डी वाले आहार, जिन्हें बच्चों को खिलाने से चिड़चिड़ापन दूर होगा।

क्या कहती है रिसर्च?

Journal of Nutrition में छपे एक नए रिसर्च के अनुसार विटामिन डी की कमी से स्कूल जाने वाले (5 साल से बड़े) बच्चों में एक तरह का चिड़चिड़ापन आ जाता है और उनका व्यवहार आक्रामक हो जाता है। इसके अलावा ऐसे बच्चे अपने आप में खोए हुए, चिंतित और अवसादग्रस्त हो जाते हैं। इन बच्चों में जल्दी-जल्दी मूड बदलने (मूड स्विंग्स) की समस्या देखी जाती है। ये रिसर्च मिशिगन यूनिवर्सिटी (University of Michigan) द्वारा की गई है। हमारे शरीर के स्वास्थ्य के साथ-साथ विटामिन्स और पोषक तत्व हमारे मूड को भी प्रभावित करते हैं। आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए सभी तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है।

इस रिसर्च के लिए प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले 5 साल से 12 साल की उम्र के 3202 बच्चों पर अध्ययन किया गया। इन बच्चों की रोजाना की आदतें, मां-बाप का शैक्षिक बैकग्राउंड, वजन, लंबाई और उनके खानपान आदि को ध्यान में रखकर शोधकर्ताओं ने आंकड़े जुटाए और फिर ब्लड टेस्ट किया। इसके बाद उन्होंने निष्कर्ष दिया कि छोटे बच्चों में विटामिन डी की कमी से व्यवहार परिवर्तन की समस्या बढ़ गई है।

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बच्चों में विटामिन डी की कमी

मुख्य शोधकर्ता प्रोफेसर Eduardo Villamor बताते हैं कि जिन बच्चों में स्कूली शिक्षा के दौरान विटामिन डी की कमी होती है, उनमें बिहैवियर प्रॉब्लम और चिड़चिड़ेपन की समस्या ज्यादा देखी गई है। आपको बता दें कि बच्चों के स्वभाव में चिड़चिड़ेपन की समस्या पिछले कुछ समय में काफी बढ़ गई है। छोटी उम्र में ही बच्चों को छोटी-छोटी बातों पर इतना गुस्सा आता है कि वे गुस्से के कारण चीजों को तोड़ने-फोड़ने और खुद को नुकसान पहुंचाने में भी नहीं सोचते हैं।

क्यों हो रही है बच्चों में विटामिन डी की कमी?

गांवों की अपेक्षा शहरों में बच्चों में विटामिन डी की कमी ज्यादा तेजी से बढ़ी है। विटामिन डी का सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत सूरज की किरणें हैं। आजकल शहरों में बच्चे बाहर पार्क में खेलने के बजाय घर के अंदर रहना ज्यादा पसंद करते हैं। इसके अलावा आजकल स्कूलों में बच्चों को इतना काम दे दिया जाता है, जिससे उनके पास खेलने-कूदने का टाइम नहीं मिलता है। ये बच्चों में विटामिन डी की कमी के बड़े कारण हैं। इसके अलावा बच्चों में जंक फूड्स, रेडी टू ईट फूड्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स आदि की लत के कारण भी विटामिन डी की कमी हो जाती है।

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विटामिन डी की कमी पूरी करने वाले आहार

  • विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत दूध है, इसलिए बच्चों को रोज रात में एक ग्लास दूध जरूर पिलाएं।
  • योगर्ट भी विटामिन डी का अच्छा स्रोत है। बच्चों के लंच बॉक्स में खाने या सलाद के साथ योगर्ट दे सकते हैं।
  • मशरूम विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत है इसलिए बच्चों के लंच और डिनर में मशरूम वाली डिशेज बनाकर दें।
  • चीज़ खाना बच्चों को पसंद होता है। चीज़ में भी अच्छी मात्रा में विटामिन डी होता है।
  • अंडे के पीले हिस्से में विटामिन डी होता है।
  • संतरे का जूस भी विटामिन डी का अच्छा स्रोत है।
  • मछलियां विटामिन डी का अच्छा स्रोत हैं।

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