• shareIcon

बच्चों व युवाओं की मानसिक स्थिति पर असर डाल रही है साइबर बुलिंग

लेटेस्ट By एजेंसी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 22, 2013
बच्चों व युवाओं की मानसिक स्थिति पर असर डाल रही है साइबर बुलिंग

इंटरनेट के बढ़ता संसार युवाओं व बच्चों को जहां हर तरह की जानकारी उपलब्ध करता है वहीं साइबर बुलिंग की संभावना भी बढ़ रही है। जानिए क्या है साइबर बुलिंग।

cyeber bullyingइंटरनेट ने एक ओर जहां हमारी जिंदगी आसान बनाई है, वहीं निजी जिंदगी में इसकी दखलंदजी में मुश्किलें भी बढ़ा दी है। खासतौर पर बच्चे और युवा वर्ग इंटरनेट हस्तक्षेप में सबसे ज्यादा पीड़ित है। साइबर बुलिंग दखलअंदाजी का सबसे डरवाना हथियार है।

ब्रिटिश संस्था 'एंटी बुलिंग अलायंस' के नए सर्वे के मुताबिक आधे से ज्यादा बच्चे और युवा रोजाना की जिंदगी में इसका शिकार बन रहे हैं। साइबर बुलिंग बच्चों के मानसिक व शैक्षणिक विकास पर बहुत बुरा असर डाल रही है। इसके बावजूद अभिभावक और शिक्षक मानते हैं कि उनके पास इससे निपटने का समाधान नहीं है।

सर्वे में शामिल करीब 55 फिसदी बच्चों ने स्वीकारा कि साइबर बुलिंग उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई है।

साठ फिसदी अभिभावक अपने बच्चों के साथ ऐसा होने की बात स्वीकारते हैं। बच्चों को इससे बचाना अभिभावकों के बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। 49 फीसदी माता-पिता मानते हैं कि उनके बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल काम है।

 

Read More Health News In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK