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अगर आप भी चटकाते हैं उंगलियां, तो हो जाएं सावधान

तन मन By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 16, 2018
अगर आप भी चटकाते हैं उंगलियां, तो हो जाएं सावधान

कई लोग ऐसे होते हैं जिन्हें दिनभर उंगलियां चटकाने की आदत होती है।

कई लोग ऐसे होते हैं जिन्हें दिनभर उंगलियां चटकाने की आदत होती है। घर पर या फिर ऑफिस में बैठे-बैठे या कुछ पढ़ते—लिखते वक्त उंगलियां चटकाना कई लोगों की आदत में शुमार होता है। अक्सर लोग इस शौक और मामूली आदत मानते हैं। ऐसा अमूमन हर दूसरा इंसान करता है। भले ही उंगुलियों के चटकने के बाद हाथों को काफी आराम मिलता है, लेकिन ये जान लें कि आपको ये शौक आपको गंभीर बीमारी का शिकार बना सकता है। कई लोग तो गर्दन की हड्डियां भी सुबह-सुबह उठकर चटकाते हैं। जबकि इस तरह से हड्डियों को या उंगुलियों को चटकाना काफी नुकसानदेह होता है। आज हम आपको कुछ ऐसी बीमारियों के बारे में बता रहे हैं जो उंगलियां चटकाने के कारण होती हैं।

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जोड़ों में दर्द

आजकल आपने देखा होगा कि छोटे छोटे बच्चे खासकर युवा जोड़ों में दर्द जैसी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। जहां पहले ये समस्या 60 साल से अधिक के लोगों को होती थी वहीं अब 20 से 25 साल के युवा भी इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं। आपको बता दें कि जोड़ों में होने वाले दर्द के लिए उंगलियां चटकाना भी काफी हद तक जिम्मेदार है। दरअसल उंगलियां चटकाते समय जोड़ों में खिचांव पड़ना है, जिससे दर्द की समस्या होती है। शरीर की हड्डियां लिगामेंट से जुड़ी होती हैं, जिसे जोड़ कहते हैं। इन जोड़ों के बीच एक द्रव कार्बन डाई आक्साइड होता है, जो ग्रीस की तरह होता है। आपके बार-बार उंगलियां चटकाने के कारण यह द्रव खत्म होता है। जिससे इस द्रव में बुलबुले बन जाते है। इसलिए इस बीमारी को आज ही छोड़ दें।

गठिया का रोग का है खतरा

उंगुलियां चटकाने से गठिया जैसी खतरनाक बीमारी होती है। ब्रिटेन के एक अंग्रेजी अखबार में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार उंगलियों की हडि्डयों को चटकाना गठिया रोग का कारण बनता है। इस रिपोर्ट के अनुसार हमारी हडि्डयां लिगामेंट से एक दूसरे से जुड़ी होती हैं जिसे जोड़ कहते हैं। इन जोड़ों के बीच एक द्रव होता है जो उंगुलियों के चटकने के दौरान कम हो जाता है। ये द्रव जोड़ों में ग्रीस के समान होता है जो हडि्डयों को आपस मे रगड़ खाने से रोकता है। ऐसे में बार-बार उंगुलियों के चटकने से जोड़ों की पकड़ कमजोर हो जाती है। साथ ही हडि्डयों के जोड़ पर मौजूद ऊतक भी नष्ट हो जाते हैं जिससे गठिया जैसे रोग हो जाते हैं। 

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क्यों पड़ती है उंगलियां चटकाने की आदत?

लगभग हर इंसान को ये आदत होती है। जबकि इस आदत के बारे में कोई किसी को सिखाता भी नहीं है। तो ऐसे में सवाल उठता है कि ये आदत कैसे पड़ती है? दरअसल उंगलियों को चटकाने से जोड़ों के आसपास की मसल्स और हाथों को आराम मिलता है। इसलिए लोग लिखते-पढ़ते या ऑफिस व अन्य जगह में बैठे-बैठे ही उंगलियां चटकाने लगते हैं क्योंकि ऐसा करने से उन्हें आराम मिल जाता है।

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