कोविड-19 से रिकवरी और अस्पताल से छुट्टी के बाद भी कोरोना मरीजों को 10 दिन तक फॉलो करने चाहिए ये 10 टिप्स

Updated at: Sep 24, 2020
कोविड-19 से रिकवरी और अस्पताल से छुट्टी के बाद भी कोरोना मरीजों को 10 दिन तक फॉलो करने चाहिए ये 10 टिप्स

कोविड-19 की चपेट में आ चुके लोगों को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद भी इन 10 बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि कोई खतरनाक स्थिति न हो पैदा।

Anurag Anubhav
अन्य़ बीमारियांWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Sep 24, 2020

भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार अभी थमी नहीं है। पिछले 2 सप्ताह से हर रोज 80 हजार से ज्यादा नए मरीज सामने आ रहे हैं। एक पॉजिटिव बात ये है कि पिछले कुछ दिनों में हर रोज संक्रमित होने वाले मरीजों से ज्यादा संख्या ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की है। कोरोना वायरस से रिकवरी होने और मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिल जाने का अर्थ यह नहीं है कि खतरा टल गया है। पूरी दुनिया में ऐसे लाखों मामले सामने आए हैं, जहां रिकवर होने के बाद और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मरीजों को अचानक लो-ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल की शिकायत हुई और उन्हें दोबारा हॉस्पिटल की तरफ भागना पड़ा।

Coronavirus After Recovery

ध्यान रखें, कोविड-19 एक वायरस के कारण फैलने वाली बीमारी है। ये वायरस संक्रमण के दौरान आपके शरीर के भीतर जो नुकसान पहुंचा चुका होगा, उसे ठीक होने में कुछ दिनों से लेकर कुछ सप्ताह तक का वक्त लग सकता है। इसलिए कोविड-19 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद या होम आइसोलेशन में ही ठीक होने के बाद भी कम से कम 10 दिन तक इन 10 बातों का ख्याल रखना चाहिए।

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  • सबसे पहली और जरूरी बात तो यही है कि अस्पताल से छुट्टी होने के बाद भी अपने डॉक्टर या अस्पताल स्टाफ के साथ कम से कम अगले 10 दिन तक संपर्क में रहें।
  • अपने पास पल्स ऑक्सीमीटर रखें और दिन में 2-3 बार अपने शरीर में ऑक्सीजन सैचुरेशन चेक करते रहें। ये ऑक्सीजन लेवल किसी भी स्थिति में 94% से नीचे नहीं जाना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो आपको तुरंत हॉस्पिटल पहुंचना चाहिए।
  • अपने पास थर्मोमीटर भी रखें और दिन में 1 बार अपने शरीर का तापमान चेक करें। 100F से ज्यादा तापमान होने पर आपको फोन से ही डॉक्टर से संपर्क करके उन्हें स्थिति बतानी चाहिए या डॉक्टर द्वारा दी गई दवा का सेवन करना चाहिए।
  • अपने शरीर के लक्षणों पर ध्यान देते रहें। आराम के दौरान भी बहुत ज्यादा खांसी आने या सांस लेने में तकलीफ होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
  • कोरोना वायरस से रिकवरी के दौरान खानपान का विशेष ध्यान रखें। ऐसी चीजें खाएं, जिनसे इम्यूनिटी बढ़े और आपके शरीर को ऊर्जा मिले। जंक फूड्स और फास्ट फूड्स अगले कुछ समय तक नहीं खाना चाहिए।

  • अगर कोई मरीज पहले से ही डायबिटीज रोगी है, तो उसे अपने ब्लड शुगर को भी चेक करते रहना चाहिए। बॉडी ग्लूकोज चेक करने का सही समय सुबह का है, यानी खाली पेट ब्लड शुगर चेक करें।
  • अगर कोई मरीज पहले से हाई ब्लड प्रेशर का रोगी रहा है, तो उसे अपना ब्लड प्रेशर चेक करते रहना चाहिए, ताकि किसी तरह की कोई समस्या न हो।
  • अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद मरीजों में थकान, चक्कर आना, भूख कम लगना, हल्की-फुल्की खांसी आदि की समस्या सामान्य है। इसलिए इनके लिए घबराना नहीं चाहिए। हालांकि कोई भी समस्या अधिक बढ़ जाने पर डॉक्टर से संपर्क करना भी जरूरी है।
  • अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अपने खून की जांच खासकर CBC, CRP आदि जरूर कराएं। इसके बारे में आप अपने डॉक्टर से भी पूछ सकते हैं।
  • अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद आपको अपनी छाती का सीटी स्कैन कराना चाहिए, ताकि फेफड़ों में होने वाले डैमेज का पता चल सके। इसके बाद आपको हर 3 महीने में तब तक सीटी स्कैन कराते रहना चाहिए, जब तक कि फेफड़े पूरी तरह रिकवर नहीं हो जाते।
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इन बातों का ध्यान न रखने पर होने वाली समस्याएं

कोरोना वायरस से ठीक होकर घर लौटने वाले मरीज अगर अगले कुछ समय तक इन बातों का ध्यान नहीं रखते हैं, तो उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल अस्पताल मरीज की कोविड रिपोर्ट निगेटिव आने या लक्षणों के 3 दिन तक न दिखने पर उन्हें डिस्चार्ज कर देते हैं। लेकिन मरीज का शरीर धीरे-धीरे रिकवर होता है और इस बीच की बार स्थिति बिगड़ भी सकती है। कुछ मरीजों में रिकवरी के बाद पल्मोनरी फाइब्रोसिस, लिवर डिस्फंक्शन, एक्यूट स्ट्रोक, मायोकार्डियल इंफार्कशन, किडनी की समस्याएं, साइटोकाइन स्टॉर्म आदि की समस्याएं देखी जा रही हैं। इसलिए मरीज को इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

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