कोविड का शिकार होने के बाद इन बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा, एक्सपर्ट से जानें क्या है कारण

Updated at: Dec 04, 2020
कोविड का शिकार होने के बाद इन बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा, एक्सपर्ट से जानें क्या है कारण

अगर आप भी कोरोना वायरस से पीड़ित हैं तो एक्सपर्ट से जानें इस दौरान आपको किन दूसरी बीमारियों का खतरा होता है ज्यादा। 

Vishal Singh
अन्य़ बीमारियांWritten by: Vishal SinghPublished at: Dec 04, 2020

दुनियाभर में कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार फैलता जा रहा है, रोजाना हजारों लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। वहीं, लाखों लोग अब तक इस वायरस के कारण अपनी जान गवां चुके हैं। ऐसे में लोगों के बीच अभी कोरोना वायरस को लेकर डर बना हुआ है, वैज्ञानिकों की मानें तो जब तक इसकी दवा या वैक्सीन नहीं आ जाती है तब तक हमे इस स्थिति का सामना करना होगा। इस वायरस से बचाव का एक मात्र तरीका है कि हम लोगों से दूरी बनाए रखें। दूसरी ओर कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें ये देखा जा रहा है कि कोरोना वायरस के बाद लोगों में कुछ बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है, जो उन्हें एक गंभीर स्थिति में धकेल रही है। लोग इस सवाल के जवाब को जानना चाहते हैं कि कोरोना से पीड़ित मरीजों को किन दूसरी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इस विषय पर हमने बात की डॉक्टर अनार सिंह मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष शल्य तंत्र डॉक्टर राखी मेहरा से। जिन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के बाद मरीजों में किन दूसरी बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। 

डॉक्टर राखी मेहरा ने बताया कि जिन लोगों को कोरोना वायरस का शिकार होना पड़ रहा है उसका एकमात्रा प्रमुख कारण है कि उनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। जिसके कारण वो कोरोना वायरस जैसे संक्रमणों का शिकार आसानी से हो जाते हैं। ऐसे में जब वायरस मरीज के शरीर में प्रवेश करता है तो वो और भी ज्यादा इम्यून सिस्टम को कमजोर करने का काम करता है। इसके कारण कोरोना वायरस तो शरीर में फैलता ही है बल्कि कई दूसरी बीमारियों का भी खतरा बढ़ जाता है। 

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कोरोना वायरस के बाद किन दूसरी बीमारियों का खतरा बढ़ता है

निमोनिया 

निमोनिया एक ऐसा संक्रमण है जिसके कारण फेफड़ों पर प्रहार होता है, निमोनिया के दौरान फेफड़ों पर वायरस और बैक्टीरिया बुरी तरह से प्रभावित करते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक, कोरोना वायरस के बाद जब इम्यून सिस्टम काफी कमजोर हो जाता है और कोरोना वायरस तब तक फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचा रहा होता है, जिसके बाद फेफड़ों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। 

डेंगू

डेंगू भी एक ऐसी बीमारी है जो मच्छरों के काटने से फैलती है, ये कोरोना वायरस के बाद आसानी से आपको अपना शिकार बना सकती है। कोरोना काल में कुछ लोगों के साथ ये देखा गया है कि कोरोना का शिकार होना पड़ा है उन लोगों को डेंगू का भी शिकार होना पड़ा है। इसका कारण यही है कि रोगी अपने प्रतिरक्षा प्रणाली को उतना मजबूत नहीं रख पाता जिस कारण डेंगू आपको अपना शिकार बना लेता है। डेंगू भी उन बीमारियों में से शामिल है जिनमें मरीज को समय पर इलाज की जरूरत होती है और अगर इसमें लापरवाही बरती जाए तो ये किसी के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। 

हृदय रोग

जिन लोगों को पहले ही हृदय रोग है उन लोगों को कोरोना वायरस का खतरा बहुत ज्यादा होता है। वहीं, जब  हृदय रोगी कोरोना वायरस का शिकार होता है तो इसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें उसे सांस लेने में बहुत ज्यादा परेशानी हो सकती है, ब्लड प्रेशर में बहुत ज्यादा गिरावट देखने को मिल सकती है। इसके पीछे कारण ये है कि फेफड़े सही तरीके से काम नहीं कर पा रहे होते हैं जिस कारण हृदय को बुरा तरह से प्रभावित होना पड़ता है।

 

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अस्थमा

अस्थमा भी बहुत गंभीर बीमारी है जिसके कारण आपको गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। अस्थमा एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपके वायुमार्ग संकीर्ण और सूज जाते हैं और कफ होता है।  कोरोना वायरस के रोगी को अस्थमा का भी खतरा हो सकता है जिसमें उन्हें सांस लेने में परेशानी, खांसी, कफ और अन्य संक्रमण हो सकता है। डॉक्टर राखी मेहरा बताती हैं कि ऐसे लोग जिन्हें सांस लेने में परेशानी होती है और अस्थमा के कुछ लक्षण पहले से ही हैं उन लोगों को काफी सतर्क होने की जरूरत है और उन्हें नियमित रूप से अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखना चाहिए। 

डिप्रेशन

डॉक्टर राखी मेहनरा बताती हैं कि डिप्रेशन का आंकड़ा कोरोना वायरस के दौरान में काफी तेजी से बढ़ रहा है और ज्यादातर लोगों में इसके लक्षण देखने को मिल रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना वायरस के दौरान लोगों को लंबे समय तक आइसोलेशन में रहना पड़ता है जिसके कारण वो दूसरे व्यक्ति के न तो संपर्क में आते हैं न ही उनके साथ अच्छी तरह से बातचीत कर पाते हैं। जबकि किसी भी व्यक्ति को भावनात्मक प्यार मिलना बहुत जरूरी होता है और जब कोई लंबे वक्त तक अकेले रहता है और डर के साथ रहता है तो इस दौरान उसे धीरे-धीरे तनाव का शिकार होना पड़ता है जिसके बाद ये स्थिति गंभीर डिप्रेशन का भी शिकार बना सकती है। 

जोड़ों का दर्द 

कोरोना वायरस के बाद अक्सर लोगों को देखा गया है कि वो कमजोरी का शिकार होने के बाद जोड़ों का दर्द शुरू होने लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर में बहुत ज्यादा कमजोरी आने लगती है। उन लोगों को कमजोरी के कारण ज्यादा तकलीफ हो सकती है जिन लोगों को पहले से ही गठिया या जोड़ों के दर्द की समस्या है। इसके लिए उन्हें अपनी डाइट को हेल्दी बनाए रखना चाहिए और खुद को एक्सरसाइज रूटीन में शामिल करना चाहिए। 

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बचाव

डॉक्टर राखी मेहरा का कहना है कि जिन लोगों को कोरोना वायरस से पीड़ित हैं उन लोगों को आइसोलेशन के दौरान अपने आपको एक्टिव और स्वस्थ रखने की कोशिश करनी चाहिए जिससे वो कोरोना जैसी बीमारी से भी कामयाब रहें और दूसरी बीमारियों के खतरे से भी दूर रहें। इसके लिए कुछ बचाव और तरीके अपनाने चाहिए। जैसे: 

हेल्दी डाइट

जरूरी नहीं कि आप कोरोना वायरस का शिकार हैं तो आप बहुत गंभीर स्थिति में होंगे, आप खुद को स्वस्थ उस दौरान भी रख सकते हैं। जिससे की कोरोना वायरस आप पर ज्यादा प्रभावी न हो। इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी डाइट को हेल्दी रखें। डाइट आपके स्वास्थ्य और आपकी इम्यूनिटी पर सीधा असर करती है। आप रोजाना हेल्दी डाइट लें या फिर जो आपको डॉक्टर द्वारा सलाह दी जाती है उसका पालन करें। 

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गुनगुना पानी पिएं

गुनगुना पानी आपके शरीर में मौजूद वायरस को आसानी से मार सकते हैं, आप थोड़ी-थोड़ी देर में गुनगुना पानी पीते रहें। इससे आप अपने लक्षणों को भी कम कर सकते हैं और जल्द स्वस्थ हो सकते हैं। पानी आपके शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है ये आपको लंबे समय तक स्वस्थ रखने के साथ कई संक्रमण और वायरस से बचाने का काम करता है। 

नियमित रूप से एक्सरसाइज करें

एक्सरसाइज आपको स्वस्थ रखने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, आप खुद को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए रोजाना करीब 30 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें। इससे आपके फेफडें भी नियमित रूप से एक्टिव रह सकते हैं और उनकी कार्य क्षमता भी बढ़ती रहती है। वहीं, जिन लोगों मानसिक रोग का खतरा होता है उन लोगों के लिए एक्सरसाइज एक बचाव का विकल्प है। जिसकी मदद से वो खुद को डिप्रेशन जैसी स्थिति से बाहर रख सकते हैं। 

इस लेख में हमने आपको कोरोना वायरस के बाद होने वाली कुछ बीमारियों के बारे में बताया है जिनका खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। जिसपर सभी जानकारी डॉक्टर अनार सिंह मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष शल्य तंत्र डॉक्टर राखी मेहरा से बातचीत पर निर्भर है।

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