देश में शुरू हुआ कोरोना वैक्सीन का इंसानों पर ट्रायल! जानें किन-किन जगह पर हो रहा कोरोना वैक्सीन का ट्रायल

Updated at: Jul 20, 2020
देश में शुरू हुआ कोरोना वैक्सीन का इंसानों पर ट्रायल! जानें किन-किन जगह पर हो रहा कोरोना वैक्सीन का ट्रायल

देश में आज से कोरोना वैक्सीन का इंसानों पर ट्रायल शुरू हो गया है। इसके लिए बहुत से लोगों ने पंजीकरण कराया है। जानें किन जगह पर हो रहा ट्रायल।

Jitendra Gupta
लेटेस्टWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Jul 20, 2020

हर गुजरते दिन के साथ कोरोनोवायरस के मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिस तरह वायरस से बचाव के लिए उपायों को ढूंढने की खोज बढ़ रही है ठीक वैसे ही दुनिया भर में वायरस के खिलाफ प्रभावी उपचार खोजने की दौड़ भी तमाम देशों के बीच और तेज होती जा रही है। रविवार को, दुनिया भर में पुष्टि किए गए कोरोनावायरस मामलों की संख्या 1.40 करोड़ के पार हो गई और दुनिया भर में कोरोनावायरस के एक दिन में कुल 602, 914 मामले सामने आए। हर एक मिनट में इसकी संख्या में इजाफा हो रहा है। इस संक्रामक वायरस के विकास पर अंकुश लगाने के लिए दुनिया भर के शीर्ष दिमाग और बड़े-बड़े साइंटिस्ट मानव उपयोग के लिए एक प्रभावी वैक्सीन विकसित करने के लिए बहुत तेज गति से काम कर रहे हैं।

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मौजूदा वक्त में वैक्सीन बनाने की दौड़ में कुल 155 दावेदार है, जो ट्रायल के विभिन्न चरणों में हैं, हालांकि इनमें से 23 मानव परीक्षण चरण तक पहुंच चुके हैं। इस दौड़ में भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियां भी कोरोनावायरस के खिलाफ टीका विकसित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं। भारत में 7 टीकों पर शोध किया जा रहा है, जिसमें से 2 स्वदेशी टीकों ने अब अपने प्रोटोटाइप के मानव नैदानिक परीक्षण शुरू कर दिए हैं।

2 अस्पतालों में शुरू हुआ COVAXIN ट्रायल 

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से विकसित हैदराबाद की भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (BBIL) की COVAXIN सोमवार से मानव परीक्षण के लिए तैयार है। भारत के पहला स्वदेशी टीके को AIIMS आचार समिति से मंजूरी मिल गई है। दिल्ली के एम्स में कोरोना वैक्सीन का इंसानों पर ट्रायल को मंजूरी मिल गई है और यहां पर ये ट्रायल शुरू होगा।

COVAXIN के फेज I और II मानव परीक्षणों का संचालन ICMR द्वारा चुनी गई 12 साइटों पर हो रहा है, इसमें AIIMS पटना और पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PGTS) हरियाणा के रोहतक में ये ट्रायल शुरू किया गया है। 

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निजी अस्पताल भी कर COVAXIN परीक्षण  

कानपुर स्थित प्रखर अस्पताल और गोरखपुर स्थित राणा अस्पताल और ट्रामा सेंटर, उन 12 संस्थानों में से हैं, जो निजी अस्पताल होते हुए भी जल्द ही वैक्सीन का परीक्षण शुरू करने की तैयारी में है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों अस्पतालों में से कोई भी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध नहीं है और यह न ही कोई डेडिकेटेड कोरोनावायरस अस्पताल हैं।

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प्रखर अस्पताल पहले चरण में 50 लोगों के नमूने के आकार का परीक्षण करेगा और दूसरे चरण में 150 का। हालांकि, राणा अस्पताल को इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए एक सुरक्षा प्रमाणपत्र का इंतजार है।

मानव परीक्षण का पहला फेज

COVAXIN के मानव परीक्षण के पहले चरण में वैक्सीन का परीक्षण 375 वालंटियर्स पर किया जाएगा, जिसमें से 100 एम्स के होंगे। बीबीआईएल के अनुसार, परीक्षण का पहला चरण यादृच्छिक रूप से डबल-ब्लाइंड परीक्षण किया जाएगा। इसमें कुछ प्रतिभागियों को वैक्सीन की खुराक दी जाएगी, जबकि अन्य को प्लेसबो दिया जाएगा।

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Zydus Cadila ने भी शुरू किया मानव परीक्षण 

अहमदाबाद स्थित Zydus Cadila ने भी नोवल कोरोनावायरस वैक्सीन, ZyCOV-D का देश भर के विभिन्न केंद्रों पर मानव परीक्षण शुरू कर दिया है। ज़ायडस कैडिला के अध्यक्ष पंकज पटेल ने हाल ही में कहा कि वे 2021 की शुरुआत में जनता के लिए वैक्सीन उपलब्ध होने की उम्मीद कर रहे हैं।

दवा कंपनी परीक्षण के लिए देश भर में 1,000 से अधिक वालंटियर्स का नामांकन करेगी।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कहा है कि वैक्सीन के विकास और विपणन पर कोरोनोवायरस के लिए संभावित टीका 2020 तक ही प्रयोग करने योग्य अवस्था में पहुंचेगा। 

आईएमए बोर्ड ऑफ हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. वी के मोंगा ने कहा कि वायरल संक्रमण के लिए एक वैक्सीन विकसित करना एक लंबी प्रक्रिया है क्योंकि पहली बार इन संक्रमणों में प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और दूसरी बात यह है कि वायरस तेजी से उत्परिवर्तित होते हैं, इसलिए डेवलपर्स को इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है कि देश के किस हिस्से में उत्परिवर्तन हुआ है ।"

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