कोरोना से ठीक होने के बाद इतने दिन तक इंसान के भीतर रहता है ये जानलेवा वायरस, जानें कितने दिन तक रहता है खतरा

Updated at: Apr 01, 2020
कोरोना से ठीक होने के बाद इतने दिन तक इंसान के भीतर रहता है ये जानलेवा वायरस, जानें कितने दिन तक रहता है खतरा

चीन के साइंटिस्ट ने कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों पर एक अध्ययन किया और पाया कि ये वायरस इतने दिनों तक और इंसानों के भीतर रहता है। 

 

Written by: Jitendra GuptaPublished at: Apr 01, 2020

एक तरफ जहां पूरी दुनिया कोरोनावायरस का तोड़ निकालने के लिए साथ मिलकर काम कर रही है वहीं शोधकर्ताओं ने इस घातक वायरस को लेकर एक और चौंका देने वाला खुलासा किया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि कोरोना से ठीक होने वाले मरीज लक्षण समाप्त होने के बाद भी कम से कम 8 दिन तक संक्रमण फैला सकते हैं, जिसके बाद 14 दिनों तक क्वरांइटन में रखने को लेकर संदेह होने लगा है। चीन के साइंटिस्ट ने कोरोना से पीड़ित रहने वाले 16 मरीजों पर एक अध्ययन में यह भी पता लगाया कि इनके ठीक होने पर  लक्षण भले ही दिखाई देना बंद हो गए लेकिन ये उनके भीतर कम से कम आठ और दिन रहे थे। 

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अध्ययन के मुताबिक,  कोरोना के लक्षण औसतन 5 दिन तक दिखाई देते हैं और कोरोना करीब सात दिनों तक अपनी चरम सीमा पर रहता है। लेकिन हाल ही में सामने आए शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि ये इंसान के भीतर और आठ दिन तक रहता है। जिसके बाद इस वायरस के किसी व्यक्ति में रहने की अवधि 20 दिन हो चुकी है और 14 दिन का क्वरांटइन पीरियड बहुत कम पड़ सकता है।

अमेरिकन जर्नल ऑफ रेस्पिरेटरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, बीजिंग के ट्रीटमेंट सेंटर ऑफ पीएलए जनरल हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने 35 साल के औसत उम्र के मरीजों से प्राप्त डेटा का विश्लेषण किया। 

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याले स्कूल ऑफ मेडिसिन के डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन के प्लमोनरी क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन सेक्शन के इंसट्रक्टर ऑफ मेडिसिन और अध्ययन के सह-लेखक पीएचडी लोकेश शर्मा का कहना है कि हमारे अध्ययन के ये महत्वपूर्ण निष्कर्ष उन आधे मरीजों से प्राप्त हुए हैं, जिनके लक्षण समाप्त हो गए थे और उनमें वायरस खत्म होने की पुष्टि की जा चुकी थी। उनके मुताबिक, अधिक गंभीर संक्रमण और भी लंबे समय तक रह सकता है।

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बीजिंग के चाइनीज पीएलए जनरल हॉस्पिटल के प्लमोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन कॉलेज में प्रोफेसर एमडी लिक्सिन शी का कहना है कि अगर आपको कोरोना के हल्के लक्षण भी थे और आप घर में रह रहे हैं तो भले ही आप लोगों को संक्रमित न करें लेकिन ठीक होने के बाद अपना क्वरांटाइन समय दो सप्ताह के लिए थोड़ा बढ़ा दें। ऐसा करने से आप दूसरे लोगों को संक्रमित नहीं करेंगे।

इस अध्ययन ने पूरे मेडिकल जगत को चेतावनी दी है कि कोरोना के मरीज लक्षणों से उबरने के बाद भी संक्रामक हो सकते हैं इसलिए हाल ही में उबरे लोगों का सावधानी पूर्वक ध्यान रखें जैसा कि लक्षण वाले मरीजों का किया जाता है। हालांकि डॉ. शी का कहना है कि फिलहाल इस पर और अध्ययन किए जाने की जरूरत है कि क्या ठीक होने का बाद भी  कोरोना के मरीज बाद में संक्रमण फैला सकते हैं या नहीं। 

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों से पता चलता है कि इस बीमारी का सबसे आम लक्षण बुखार है, जो 87.9 प्रतिशत मामलों में मौजूद था। वहीं दूसरा सबसे आम लक्षण है सूखी खांसी (67.7 प्रतिशत मामले), और तीसरा लक्षण है  थकान (38.1 प्रतिशत)। इसके अलावा पूरे शरीर में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश COVID-19 के सामान्य लक्षण थे। डेटा भी पाया गया कि दस्त कोरोना के मरीजों में एक दुर्लभ लक्षण था।

कोरोना वायरस से बचाव के तरीके (How to Prevent coronavirus)

इंफेक्शन से बचने के लिए आप डब्ल्यूएचओ (WHO) के इन सुझाव को अपना सकते हैं। इसके साथ ही आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • अपने हाथ को साफ रखें। हाथों को साफ करने के लिए अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर या फिर साबुन और पानी से धोएं। 
  • छींक और खांसी के वक्त अपने मुंह को कोहनी से ढकें। इसके अलावा अपने मुंह और नाक को टिशू पेपर या रूमाल से ढकें।
  • सर्दी और फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से मिलें। 
  • इस स्थिति में इंफेक्शन से बचने के लिए लोगों के साथ निकट संपर्क से बचें।
  • ठीक से पका हुए मांस का ही सेवन करें । 
  • जानवरों के सीधे संपर्क में आने से बचें।

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