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अनिद्रा के शिकार तो नहीं

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By अन्‍य , दैनिक जागरण / Aug 24, 2011
अनिद्रा के शिकार तो नहीं

जो लोग जरूरत से ज्यादा सामाजिक होते हैं, वे अक्सर अनिद्रा के शिकार हो जाते हैं। एक नए शोध में यह बात सामने आयी है कि लोगों के बीच जल्द घुल-मिल जाने वालों और अधिकांश समय दोस्तों के साथ बिताने वालों को रात में सोते समय दिक्कतें पेश

social networkजो लोग जरूरत से ज्यादा सामाजिक होते हैं, वे अक्सर अनिद्रा के शिकार हो जाते हैं। एक नए शोध में यह बात कही गई है।


शोधकर्ताओं ने पाया कि लोगों के बीच जल्द घुल-मिल जाने वालों और अधिकांश समय दोस्तों के साथ बिताने वालों को रात में सोते समय दिक्कतें पेश आती हैं।


अमेरिका में 48 लोगों पर यह शोध किया गया। इनमें से आधे लोगों को दोस्तों के बीच और बाकी को एकांत में रखा गया। उसके बाद मेरीलैंड के वाल्टर रीड आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च के शोधकर्ताओं ने इनकी नींद पर अध्ययन किया।


प्रमुख शोधकर्ता डॉ. ट्रेसी रप ने बताया, 'जिन लोगों ने अपने दोस्तों के साथ लंबा वक्त बिताया था, रात में उनकी नींद बार-बार टूटी। जबकि एकांत में रहने वालों को रात में निरंतर अच्छी नींद आई।' रात में जागने वालों से बात करने पर पता लगा कि नींद के दौरान उनके दिमाग में दिन भर हुई बातें घूमती रही। यह शोध स्वास्थ्य पत्रिका 'स्लीप' में प्रकाशित हुआ है।

 

Written by
अन्‍य
Source: दैनिक जागरणAug 24, 2011

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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