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डायबिटीज रोगी इन 5 तरीकों से करें एलोवेरा का सेवन, शुगर रहेगा कंट्रोल

डायबिटीज़ By शीतल बिष्‍ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 07, 2019
डायबिटीज रोगी इन 5 तरीकों से करें एलोवेरा का सेवन, शुगर रहेगा कंट्रोल

जब शरीर में इंसुलिन पहुंचना कम हो जाता है, तो खून में ग्‍लूकोज का स्‍तर बढ़ने लगता है। इस स्थिति को डाय‍बिटीज कहते हैं। डायबिटीज के दो प्रकार होते है- डायबिटीज टाइप-1 और डायबिटीज टाइप-2। अगर समय रहते डायबिटीज का इलाज किया जाए, तो उसे क

एलोवेरा का इस्‍तेमाल न केवल आपकी त्‍वचा, बल्कि आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए कई तरह से फायदेमंद है। आपको जानकर हैरानी होगी कि एलोवेरा के सेवन से डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है। कई अध्‍ययनों में भी एलोवेरा को डायबिटीज का इलाज के रूप में फायदेमंद माना गया है। एलोवेरा में पाया जाने वाला इमोडिन शरीर में मौजूद ग्‍लूकोज को कम करता है और एलोवेरा के सेवन से शरीर को मूसिलेज और ग्‍लूकोमेनन 2 तरह के फाइबर मिलते हैं। यह वजन को कम करने में भी मददगार होते हैं। इसके अलावा एलोवेरा में ऐसे तत्‍व पाये जाते हैं, जो इंसुलिन के स्‍तर को बनाए रखने और डायबिटीज को दूर करने में मददगार होते हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि डायबिटीज के लिए एलोवेरा का सेवन किन तरीकों से करना चाहिए।  

एलोवेरा 

यदि आप रोजाना एलोवेरा जूस या 2 से 3 चम्‍मच एलोवेरा जूस का सेवन करते हैं, तो आपके शरीर का शुगर लेवल काफी हद तक कम होता है। डायबिटीज के रोगियों के घाव जल्‍दी नहीं भरते ऐसे में एलोवेरा एक बेहतर विकल्‍प है। एलोवेरा को पीने के साथ घाव पर लगाने से घाव भी भर जाता है और यह दर्द को दूर करने में भी मददगार है। 

एलोवेरा व नीम

एलोवेरा की तरह नीम को भी कई रोगों के इलाज में औषधी के रूप में इस्‍तेमाल किया जाता है। यदि डायबिटीज के रोगी रोजाना एलोवेरा और नीम का सेवन करते हैं, तो डायबिटीज को नियंत्रित रखा जा सकता है। इसके लिए आप नीम की कुछ पत्तियां लें और फिर एलोवेरा की पत्‍ती को काट कर उसका गूदा या जैल को सुबह खाली पेट खायें। इसके सेवन से आपका पेट भी साफ रहेगा और डयबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है। आप चाहें, तो नीम और एलोवेरा का रस मिलाकर पी सकते हैं। नीम के पत्‍तों में एंटीडाइबिटिक गुण होते हैं और यह खून में ग्‍लूकोज के लेवल को कम करने में मददगार है।

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एलोवेरा और आंवला

आंवला में क्रोमियम पाया जाता है, जो शुगर लेवल को कंट्रोल करने में सहायक है। यदि डायबिटीज के रोगी एलोवेरा और आंवला का सेवन करते हैं, तो डायबिटीज को काफी हद तक रोका जा सकता है। इसके लिए आप आंवला 2 या 3 चम्‍मच आंवला का रस लें और उसमें एलोवेरा का गूदा या रस मिलाएं। आप चाहे तो इसे ऐसे भी पी सकते है और इसके अलावा इस रस में चुटकी भर हल्‍दी और शहद मिलाकर भी पी सकते हैं। यह डायबिटीज के लिए रामबाण है।

एलोवेरा और दूध 

गाय के कच्‍चे दूध में एलोवेरा रस मिलाने से भी डायबिटीज को निंयत्रित रखने में मदद मिलती है। यदि आप रोजाना सुबह खाली पेट गाय के दूध के साथ एलोवेरा का रस मिलाकर पीते हैं, तो इससे डायबिटीज की बीमारी में मदद मिलती है। 

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एलोवरा व करेले का जूस 

डायबिटीज के रोगियों को डाक्‍टर भी करेले का जूस पीने की सलाह देते हैं। यदि आप करेले के जूस के साथ एलोवेरा का रस, चुटकीभर नमक, नींबू और काली मिर्च मिलाकर रोजाना खाना खाने से पहले पीते हैं, तो डायबिटीज को कम करने में मदद मिलती है। आप रोजाना इसका सेवन 2 या 3 बार कर सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें, तो रेाजाना दालचीनी पाउडर को गर्म पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं। इससे आपको डायबिटीज को कम करने और निंयत्रित रखने में मदद मिलेगी।  

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