ब्‍लूबेरी का सेवन रखता है मोटापे और हृदय रोग से दूर

Updated at: Nov 07, 2013
ब्‍लूबेरी का सेवन रखता है मोटापे और हृदय रोग से दूर

रोजाना ब्‍लूबेरी का सेवन आपको मोटापे, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी बीमारियों से बचाने में मददगार होता है कैसे जानने के लिए पढ़ें यह स्‍वास्‍थ्‍य समाचार।

एजेंसी
लेटेस्टWritten by: एजेंसीPublished at: Nov 07, 2013

blueberry keeps various diseases away रोजाना एक कटोरी ब्‍लूबेरी (नीलबदरी) का सेवन आपको कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से बचा सकती है। नये शोध में यह बात सामने आयी है कि रोजाना ब्‍लूबेरी का सेवन आपको मोटापे, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी बीमारियों से बचाने में मददगार होता है।

 

शोध में यह बात भी सामने आयी है कि आठ सप्‍ताह तक बेरी का सेवन आपके मेटाबॉलिक सिंड्रोम को मजबूत बना सकता है। मेटाबॉलिक सिंड्रोम, डायबिटीज, उच्‍च रक्‍तचाप और मोटापे के समन्‍वय के लिए इस्‍तेमाल होने वाली चिकित्‍सीय पारिभाषिक शब्‍द है। यह हृदय रोग, स्‍ट्रोक और रक्‍त वाहिनियों को प्रभावित करने वाले अन्‍य रोगों को बढ़ावा देता है।

 

उच्‍च रक्‍तचाप, डायबिटीज और मोटापे में से कोई भी रक्‍तवाहिनियों को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है। लेकिन, कोई व्‍यक्ति अगर तीनों रोगों से एक साथ पीडि़त है, तो उसक लिये खतरा काफी अधिक हो जाता है।

 

बैरीज में पॉलीफिनोल्‍स-एंटीऑक्‍सीडेंट्स होते हैं, जो हृदय कोशिकाओं को मजबूत बनाते हैं और साथ ही रक्‍तचाप को कम करने में भी मदद करते हैं। इसके साथ ही डायबिटीज को कम करने में भी इसकी काफी महत्‍वपूर्ण भूमिका होती है।

 

अप्‍लाइड साइकोलॉजी, न्‍यूट्रीशियन एंड मेटाबॉलिज्‍म, जर्नल में प्रकाशित स्‍टडी के मुताबिक, प्रयोगशाला में बड़े किये गए मोटे चूहों को ब्‍लूबेरी का सेवन करने को दिया गया। इसकी मात्रा मनुष्‍यों में रोजाना दो कप के अनुपात में ही रखी गयी।

 

शोधकर्ताओं ने पाया कि इससे चूहों की रक्‍तवाहिनियों में तनाव दूर हुआ और उनमें मजबूती आयी। इससे उनके रक्‍त-प्रवाह और रक्‍तचाप पर भी सकारात्‍मक प्रभाव देखा गया।

 

माइन यूनिवर्सिटी में क्लिनिकल न्‍यूट्रीशन के प्रोफेसर, डोर्थी क्लिमिस-जकास, जो इस शोध की सह-लेखक भी हैं, का कहना है कि 'मेटाबॉलिक सिंड्रोम मोटापे के कारण पैदा होने वाले खतरों का समूह है। इसमें उच्‍च रक्‍तचाप, सूजन, उच्‍च कोलेस्‍ट्रोल, ग्‍लूकोज के प्रति असहनशीलता, इनसुलिन न बन पाने, और अन्‍त: अस्‍तर संबंधी रोग शामिल होते हैं।

 

उन्‍होंने कहा कि हमारे आहार में ऐसे कई खाद्य पदार्थ होते हैं, जो मेटाबॉलिक सिंड्रोम को कम करने में मदद कर सकते हैं, जिससे दवाओं पर हमारी निर्भरता कम हो सकती है।

 

डॉक्‍टर डोर्थी आगे कहती हैं कि चूहों पर किए गए पिछले शोध में यह बात सामने आई थी कि पॉलिफिनोल युक्‍त ब्‍लूबेरी का इस्‍तेमाल उनके रक्‍तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। उन्‍होंने कहा कि इस बार उन चूहों पर प्रयोग किया गया, जिनका शरीर मनुष्‍यों की तरह ही बर्ताव करता है।

 

प्रोफेसर जकास का कहना है कि नए शोध में यह बात भी सामने आयी है कि ब्‍लूबेरी का नियमित सेवन रक्‍तवाहिनियों में सूजन को कम करता है और इसके साथ ही शरीर के कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है।

 

अच्‍छा यही है कि इन ब्‍लूबेरी का सेवन कच्‍चा ही किया जाए। पिछले शोधकर्ता का कहना है उन्‍हें पकाकर खाना उसकी पौष्टिकता को कम कर देता है।

 

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