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कंप्‍यूटर गेम जिससे न बुढ़ाए आपका ब्रेन

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By एजेंसी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 03, 2013
कंप्‍यूटर गेम जिससे न बुढ़ाए आपका ब्रेन

कंप्‍यूटर गेम जिससे न बुढ़ाए आपका ब्रेन : जानिए, ऐसी कंप्‍यूटर गेम के बारे में जिसे सिर्फ दस घंटे तक खेलने से आपका दिमाग तीन साल जवां बन सकता है। इस गेम का असर भी पूरे एक साल तक बना रहता है।

computer game jisse na budhye apka brainआप यही सोचते हैं कि कंप्‍यूटर गेम्‍स आपके दिमाग को नुकसान पहुंचाती हैं, तो आपको अपनी राय पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। एक ऐसी गेम भी है जिसे सिर्फ दस घंटे तक खेलना आपके दिमाग को तीन साल जवां बना सकता है। इस गेम का असर भी पूरे एक साल तक बना रहता है।

 

लेकिन, इससे पहले कि आप अंतिम नतीजे पर पहुंचे यहां एक पेंच है। आपको केवल वही गेम खेलने से फायदा होगा जो विशेषज्ञों ने तैयार किया है। विशेषज्ञों ने इस गेम को एक खासतौर पर ऐसे तैयार किया है जो जानकारियों को व्‍यकुलता के समय में भी लंबे समय तक याद रखने में मदद करती है।

 

जब पचास वर्ष की आयु से अधिक के महिलाओं और पुरुषों ने 'रोड टूर' नाम की यह गेम दस घंटे तक खेली, तो इसके परिणाम उत्‍साहवर्धक नजर आए। इन परिणामों में सामने आया कि एक वर्ष बाद उनका मस्तिष्‍क उम्र के साथ धीमा नहीं पड़ा था। इसके बजाए उनका दिमाग पहले से अधिक तेज हो गया था।

 

औसतन उनका दिमाग तीन साल जवां हो गया था- लेकिन गति और एकाग्रता के एक टेस्‍ट में उनका दिमाग कुल मिलाकर सात गुणा तक जवां नजर आया।

 

हेल्‍थ मैनेजमेंट के टेस्‍ट चलाने वाले प्रोफेसर ने इसे 'रिमार्कबल' बताया। उनकी नजर में इस आसान सी दिखने वाली गेम के यह परिणाम काफी उत्‍साह वर्धक है।

 

प्रोफेसर फ्रेड वोलिन्‍सकी, जिनकी रोड टूर में किसी तरह की कोई व्‍यावसायिक साझेदारी नहीं है, कहते हैं, ' हमें पता है कि यह मस्तिष्‍क की गति को कम होने से रोकती है। और इसके साथ ही कुछ लोगों में संज्ञानात्‍मक गति को बढ़ाती भी है। अगर हमें यह पता है तो क्‍या हमें अन्‍य लोगों को बताकर उनकी मदद नहीं करनी चाहिए। यह काफी आसान है और बुजुर्ग लोग इस गेम को खेल सकते हैं।

कैसी है यह गेम

इस गेम को ऑनलाइन खरीदा जा सकता है। इसमें दो बातें याद रखनी होती हैं- एक वाहन और दूसरा एक रोड साइन।

प्रोफेसर की इस स्‍टडी में 50 वर्ष से अधिक आयु के 700 स्‍त्री-पुरुषों को शामिल किया गया। उन्‍हें रोड साइड और एक सामान्‍य कंप्‍यूटर क्रॉस वर्ड गेम खेलने को दी गई। कुछ लोगों ने एक लैब में निरीक्षण के अंदर यह गेम खेली, कुछ इसे घर ले गए। इन सभी लोगों को टेस्‍ट की शुरुआत में और एक साल बाद जांच की गई। और इसके परिणाम सकारात्‍मक नजर आए।

इससे पहले भी कुछ ऐसी गेम्‍स सामने आती रही हैं, जिनमें तनाव और मेडिकल बिल से मुक्ति के दावे किए जाते थे।

हालांकि, ब्रेन ट्रेनिंग काफी चलन में है, लेकिन इसे लेकर लोगों की मिश्रित प्रतिक्रिया ही सामने आई है। एक ओर जहां, कुछ स्‍टडी यह कहती हैं कि कुछ चुनौतीपूर्ण कंप्‍यूटर एक्‍सरसाइज से हमारा दिमाग बेहतर काम करने लगता है, लेकिन दूसरी ओर इस बात के प्रमाण नहीं है कि इससे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में किसी प्रकार की मदद मिलती है।

 

अल्‍जाइमर सोसायटी में रिसर्च निदेशक डॉक्‍टर डग ब्राउन का कहना है कि हम में से कई लोग किसी गेम पर दिमाग लड़ाते हुए आनंदित होते हैं। हालांकि, ब्रेन ट्रेनिंग के किसी संज्ञानात्‍मक लाभ होने के बहुत कम प्रमाण सामने आए हैं।

 

हालांकि डिमेंशिया का कोई इलाज नहीं है। लेकिन, एक संतुलित आहार, नियमित व्‍यायाम और धूम्रपान से दूरी, इस बीमारी को अधिक असर दिखाने से रोक सकते हैं।

 



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एजेंसी
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMay 03, 2013

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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