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महिलाओं में किडनी स्टोन के आम लक्षण

महिला स्‍वास्थ्‍य By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 25, 2014
महिलाओं में किडनी स्टोन के आम लक्षण

कम पानी पीने और खानपान पर विशेष ध्यान ना देने के कारण महिलाओं में किडनी की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए इसके शुरुआती लक्षणों को जानना बहुत जरूरी है।

किडनी की समस्या खान-पान की गलत आदतें और पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने के कारण हो सकती है। आमतौर देखा जाता है कि महिलाएं कम मात्रा में पानी पीता हैं और अपने खान-पान का खयाल भी ठीक से नहीं रखती है जिसकी वजह से यह समस्या हो सकती है।  पेट की निचली तरफ अचानक तेज दर्द होने के साथ पेशाब के समय जलन होना या जी मिचलाना किडनी में पथरी का संकेत हो सकता है।

पथरी, एक या दोनों ओर की किडनी में हो सकती है। कुछ स्थितियों में यह पेशाब के दौरान बाहर निकलने के बाद दोबारा भी बनती रहती है। आजकल यह समस्या ज्यादातर युवाओं को अपनी चपेट में ले रही है, जिनके परिवार में ऐसा इतिहास नहीं रहा है। लंबे समय तक पथरी का उपचार न कराने पर किडनी की सुचारू प्रक्रिया में कमी आ सकती है, साथ ही कैंसर की आशंका बढ़ जाती है।
kidney stone

क्या होती है पथरी

पथरी का कारण किडनी में कुछ खास तरह के साल्ट्स का जमा होना है। पहले स्टोन का छोटा हिस्सा बनता है, जिसके चारों ओर सॉल्ट जमा होता रहता है। पुरुषों में महिलाओं की तुलना में पथरी होने की आशंका अधिक होती है। जेनेटिक कारण, हाइपरटेंशन, मोटापा, मधुमेह और आंतों से जुड़ी कोई अन्य समस्या होना भी पथरी की वजह बन सकता है।


पथरी के लक्षण

  • कब्ज या दस्त का लगातार बने रहना
  • उल्टी जैसा होना बैचेनी
  • थकान
  • पेट में दर्द
  • मूत्र संबंधी संक्रमण साथ ही बुखार
  • कंपकंपी
  • पसीना आना
  • पेशाब  के साथ-साथ दर्द होना
  • बार बार और एकदम से पेशाब आना
  • रुक रुक कर पेशाब आना
  • रात में अधिक पेशाब आना
  • मूत्र में रक्त भी आ सकता है
  • पेशाब का रंग असामान्य होना।

 

stomachache

पथरी के कारण

  • खान-पान की गलत आदतें और अस्त-व्यस्त जीवनशैली
  • पानी की कमी से यूरीन में समस्या होती है। शरीर द्वारा कैल्शियम का सही अवशोषण न होने के कारण सॉल्ट जमने और पथरी के कण बनने की आशंका बढ़ जाती है।
  • प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन भी पथरी का कारण बन सकता है। इनमें सोडियम की अधिकता होती है, जिससे कैल्शियम का अधिक उत्सर्जन होने लगता है। यानी
  • पेशाब में सोडियम की मात्रा तो बढ़ती ही है, साथ ही यह कैल्शियम उत्सर्जन का कारण भी बन जाता है। प्रोसेस्ड फूड में फाइबर की कमी भी कैल्शियम ऑक्जेलेट और यूरिक एसिड की प्रक्रिया में बाधा बनती है।
  • अधिक सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन भी यूरिन में ऑक्जलेट्स के स्तर को बढ़ा देता है। अधिक सॉफ्ट ड्रिंक्स व कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का सेवन शरीर के द्वारा कैल्शियम को ग्रहण करने की क्षमता को कम कर देता है। ऐसे में कैल्शियम के उत्सजर्न की आशंका बढ़ती है, जो पथरी का कारण बनती है।
  • मोटापे के कारण पानी पीने की मात्रा और शारीरिक सक्रियता घट जाती है। शरीर में एसिडिक यूरिन अधिक बनता है।

 

पथरी की जांच और उपचार

  • मरीज के लक्षण के आधार पर जांच का तरीका तय किया जाता है। रेडियोलॉजिकल इन्वेस्टिगेशन्स जैसे एक्सरे, अल्ट्रा-सोनोग्राफी या कम्यूटराइज्ड टोमोग्राफी (सीटी) के जरिए पथरी की पुष्टि की जाती है। इनमें से सीटी स्कैन सबसे मानक माना जाता है।
  • पथरी का उपचार इसके आकार और जगह पर निर्भर करता है। चार एमएम से कम की पथरी अपने आप या कुछ दवाओं के जरिए यूरिन के रास्ते बाहर निकल जाती है। इसके अलावा मूत्र मार्ग में निचली तरफ आ चुके स्टोन के लिए यूरेट्रोस्कॉपी की जाती है।
  • गुर्दे और ऊपर की ओर के स्टोन के लिए लीथोट्राइप्सी को अपनाया जाता है। किडनी का आकार बढ़ने पर नेफ्रोलिथोटॉमी को अपनाया जाता है।

 

 

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