बच्चों में भी हो सकती हैं सांस से जुड़ी ये 6 गंभीर बीमारियां, जानें इनके बारे में

बच्चों में सांस से जुड़ी बीमारियां न सिर्फ सांस लेने में दिक्कत पैदा करती हैं बल्कि ये जानलेवा भी हो सकती हैं, जानें इनके बारे में।

Prins Bahadur Singh
बच्‍चे का स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jun 22, 2021
Updated at: Jun 22, 2021
बच्चों में भी हो सकती हैं सांस से जुड़ी ये 6 गंभीर बीमारियां, जानें इनके बारे में

बड़े और व्यस्क लोगों की तरह बच्चों में भी सांस से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। हमारे सांस की नाली के जरिये सांस लेते समय रोगाणु आसानी से प्रवेश कर सकते हैं जो बाद में सांस से जुड़ी बीमारियों का कारण बनते हैं। चूंकि बच्चों का शरीर, बड़े लोगों की तुलना में कम रोग प्रतिरोधक होता है, ऐसे में अगर उनके शरीर के भीतर सांस से जरिये रोगाणु पहुंच जाते हैं तो इससे उन्हें बीमारी होने का खतरा अधिक होता है। बच्चों में सामान्यतः होने वाली बीमारियों ज्यादा प्रभावी और नुकसान पहुंचाने वाली होती है। बच्चों के शरीर में सांस से जुड़ी कुछ कॉमन बीमारियां (Common Respiratory Diseases in Children) हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। आइए जानतें हैं सांस से जुड़ी कुछ प्रमुख बीमारियों के बारे में, जो बच्चों में भी हो सकती हैं। इन बीमारियों का उचित समय पर इलाज न हो पाने से आगे चलकर स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा उत्पन्न हो जाता है।

बच्चों में होने वाली सांस की बीमारियां (Common Respiratory Diseases in Children)

Common-Respiratory-Diseases-in-Children

बच्चों में रेस्पायरेटरी बीमारियां या सांस से जुड़ी बीमारियां अगर नजरंदाज की गयीं तो ये आगे चलकर हेल्थ के लिए एक बड़े खतरे के रूप में उभर सकती हैं। इन बीमारियों (Respiratory diseases in Children) की वजह से बच्चों को सांस लेने में समस्या तो होती ही हैं बल्कि इसकी वजह से उनके विकास में भी दिक्कत आती है। समय रहते बच्चों में होने वाली सांस से जुड़ी बीमारियों का इलाज न कराये जाने पर बच्चे की जान जाने की नौबत भी आ सकती है। इन बीमारियों की पहचान कर समय पर इनका इलाज किया जाना जरूरी है।

बच्चों में सांस की बीमारी के कारण (What Causes Respiratory Disease in Children?)

बच्चों में सांस की बीमारी होने के कई कारण हो सकते हैं। ये आनुवंशिक स्थितियों, सर्जरी, संक्रमण और वायरस आदि की वजह से सबसे ज्यादा होती हैं। सांस से जुड़ी बीमारियां कभी-कभी संक्रमण आदि के संपर्क में आने से भी हो सकती हैं। हालांकि बच्चों में रेस्पायरेटरी बीमारियां कई वजहों से हो सकती हैं लेकिन इनके कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार से हैं।

  • चिंता
  • दमा
  • सिस्टिक फाइब्रोसिस
  • हाइपरवेंटिलेशन सिंड्रोम
  • न्यूरोलॉजिकल और विकास संबंधी समस्याएं
  • छाती में संक्रमण और निमोनिया
  • टेट्राप्लेजिया

बच्चों में होने वाली प्रमुख रेस्पायरेटरी बीमारियां इस प्रकार से हैं

1. अस्थमा (Asthama)

Common-Respiratory-Diseases-in-Children

बच्चों में अस्थमा एक सामान्य स्थिति है। अस्थमा फेफड़ों के वायुमार्ग को संकरा कर देता है। इससे बच्चों का सांस लेना और छोड़ना मुश्किल हो जाता है। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। इसकी वजह से ज्यादातर बच्चों में घबराहट, सांस लेने की दिक्कत, कफ आदि की समस्या का सामना करना पड़ता है। हालांकि बच्चों में अस्थमा जैसी बीमारी होने की कई वजहें हो सकती हैं लेकिन सबसे ज्यादा यह समस्या धूल, मिट्टी और प्रदूषण की वजह से होती है। बच्चों में अस्थमा के लक्षण दिखने पर आप डॉक्टर से संपर्क कर बच्चे का उचित इलाज जरूर कराएँ।

इसे भी पढ़ें: ज्यादातर बच्चों की त्वचा पर क्यों दिखते हैं जन्मजात निशान (बर्थमार्क)? डॉक्टर से जानें इसके बारे में सबकुछ

2.  बच्चों में साइनस (Sinusitis in Children)

बच्चों में साइनस की समस्या संक्रमण की वजह से होती है। साइनसाइटिस ऊतक की सूजन या सूजन है जिसे साइनस के नाम से जाना जाता है। इस समस्या में नाक और आंख के पीछे सामान्य रूप से हवा से भरी थैलियों में द्रव जमा हो सकता है और संक्रमण का कारण बन सकता है। बच्चों में साइनस की समस्या अक्सर सिरदर्द, बुखार और सर्दी से शुरू होती है।

बच्चों में साइनस के लक्षण

  • चेहरे में दर्द और दबाव, खासकर आंखों और नाक के पीछे।
  • बहुत अधिक भरा हुआ महसूस करना।
  • खांसी और बहती नाक।
  • गले में खराश, सांसों की दुर्गंध और मतली या उल्टी।

3. बच्चों में ब्रोंकाइटिस (Bronchitis in Children)

Common-Respiratory-Diseases-in-Children

ब्रोंकाइटिस की समस्या बच्चों में आम समस्या मानी जाती है और यह कुछ समय बाद खुद से ही ठीक भी हो जाती है। सर्दी या फ्लू के संक्रमण की वजह से भी यह समस्या हो सकती है। इस बीमारी का क्लासिक लक्षण लगातार खांसी आना होता है। ब्रोंकाइटिस की समस्या में बलगम की अधिकता हो जाती है और सांस की नाली में सूजन आ सकती है। 

ब्रोंकाइटिस के लक्षण

  • बहती नाक।
  • सीने में दर्द और जकड़न।
  • बुखार और ठंड लगना।
  • घरघराहट।
  • गले में खरास।
  • लगातार खांसी।

4. सामान्य सर्दी (Common Cold)

Common-Respiratory-Diseases-in-Children

बच्चों में सर्दी लगने की समस्या आम है, लेकिन इसकी वजह से सांस से जुड़ी दूसरी समस्याएं भी हो सकती हैं। किसी भी तरह के इन्फेक्शन आदि की वजह से बच्चों में सर्दी की समस्या होती है। इसकी वजह से बच्चों को सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है। 2 साल की उम्र से कम वाले बच्चों में इस समस्या को नजरअंदाज किया जाना भरी पड़ सकता है।

बच्चों में सामान्य सर्दी के लक्षण

  • नाक बहना।
  • गले में खरास।
  • खांसी।
  • छींक आना।
  • सिरदर्द और शरीर में दर्द।

5. गले का संक्रमण (Strep Throat)

Common-Respiratory-Diseases-in-Children

बच्चों में गले का संक्रमण काफी आम समस्या है। 10 में से 3 बच्चों को अक्सर यह समस्या होती है। गले में संक्रमण की समस्या में भी बच्चों को सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है। चूंकि यह संक्रमण जीवाणुओं के संपर्क में आने से होता है इसलिए इसके इलाज में आमतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। स्ट्रेप को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और बच्चों और वयस्कों दोनों में जल्द से जल्द इलाज किया जाना चाहिए। अगर समय पर इसका उचित इलाज नहीं हुआ तो आगे चलकर दिक्कत पैदा हो सकती है।

6. निमोनिया (Pneumonia)

Common-Respiratory-Diseases-in-Children

निमोनिया की बीमारी बच्चों में होने वाली एक प्रमुख बीमारी है। इस गंभीर बीमारी की वजह से बच्चों की मौत भी हो जाती है। बच्चे को सर्दी, फ्लू या गले में खराश होने के बाद निमोनिया का संक्रमण हो सकता है। बैक्टीरियल निमोनिया के इलाज में एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादातर बच्चों में निमोनिया फेफड़ों के संक्रमण के कारण होता है और एक खतरनाक स्थिति बन सकती है। 

निमोनिया के लक्षण

  • तेजी से सांस लेना।
  • तेज बुखार और ठंड लगना।
  • खांसी।
  • थकान।
  • सीने में दर्द, खासकर सांस लेते समय।

ये बच्चों में होने वाली कुछ प्रमुख सांस की बीमारियां या  रेस्पायरेटरी बीमारियां हैं। बच्चों में इन बीमारियों के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक की परामर्श के अनुसार इलाज किया जाना चाहिए। इनमें से कुछ बीमारियां जानलेवा भी हो सकती हैं। इन बीमारियों से बचाव सबसे जरूरी माना जाता है। बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी मुद्दे पर अगर आपके कोई सवाल हैं तो उसे आप हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर भेज सकते हैं। हम आपके सवाल का जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे।

Read more on Children Health in Hindi

 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK