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कॉफी के सेवन से मल्टीपल स्क्लेरोसिस का खतरा कम

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 02, 2015
कॉफी के सेवन से मल्टीपल स्क्लेरोसिस का खतरा कम

मल्टीपल स्कलेरोसिस मस्तिष्‍क की बीमारी है। जिसमें तंत्रिका कोशिका पर धब्बा पड़ने के कारण तंत्रिकाओं के क्रिया-कलापों में कमी आने लगती है। लेकिन अमेरिका के बाल्टीमोर में जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन के अध्‍ययन में यह बात सामन

मल्टीपल स्कलेरोसिस, एमएस मस्तिष्क और मेरुरज्जु की बीमारी है जिसमें तंत्रिका कोशिका पर धब्बा पड़ने के कारण तंत्रिकाओं के क्रिया-कलापों में कमी आने लगती है। बहुत-से मरीजों में लकवा के विभिन्न चरणों के लक्षण दिखाई देते हैं।

multiple sclerosis in hindi

मल्टीपल स्क्लेरोसिस

मल्टीपल स्कलेरोसिस में बार-बार प्रदाह या सूजन आने के कारण तंत्रिका तंतुओं को ढंकने वाली माइलिन शीथ नष्ट हो जाती है और तंत्रिका कोशिकाओं के आवरण की पूरी लंबाई में जगह-जगह स्कार टिश्यू (स्क्लेरोसिस) के क्षेत्र बन जाते हैं। इससे संबंधित क्षेत्र में तंत्रिका आवेग धीमा पड़ जाता है या अवरुद्ध हो जाता है।

मल्टीपल स्क्लेरोसिस का खतरा कम करती कॉफी

कॉफी पीने वालों के लिए यह खबर बड़े काम की है, क्‍योंकि यह उनके मानसिक स्‍वास्थ्‍य के लिए एक वरदान की तरह है। हाल ही में हुए एक शोध की मानें तो कॉफी पीने से केंद्रीय स्नायुतंत्र की खतरनाक बीमारी 'मल्टीपल स्क्लेरोसिस' (एमएस) के खतरे को कम किया जा सकता है।

coffee


शोध के अनुसार

हालांकि इस बात का खुलासा पहले ही हो चुका था कि कॉफी का सेवन पार्किंसन व अल्जाइमर जैसे दिमाग से संबंधित रोगों का खतरा कम करती है। अमेरिका के बाल्टीमोर में जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन के अध्‍ययन में यह बात सामने आयी है, इस अध्ययन के लेखक एलन मॉरी बताया कि कॉफी का सेवन एमएस से भी हमें सुरक्षा प्रदान कर सकता है। इससे इस विचार को बल मिलता है दवाएं मस्तिष्क को भी प्रभावी ढंग से सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं।

अध्ययन में कॉफी नहीं पीने वाले लोगों की तुलना में दिनभर में चार से छह कप कॉफी का सेवन करने वाले लोगों में मल्टीपल स्क्लेरोसिस का खतरा एक से आधे प्रतिशत तक कम देखा गया। मॉरी ने बताया कि इस बीमारी के उपचार के लिए कैफीन पर अध्ययन किया जाना चाहिए। अध्ययन का निष्कर्ष वाशिंगटन डीसी में 18-25 अप्रैल को अमेरिकन अकादमी ऑफ न्यूरोलॉजी की 67वीं सालाना बैठक के दौरान साझा किया जाएगा।

Image Source - Getty Images

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