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    गठिया रोग को है भगाना, तो दालचीनी आजमाना!

    अर्थराइटिस By Shabnam Khan , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 10, 2014
    गठिया रोग को है भगाना, तो दालचीनी आजमाना!

    बढ़ती उम्र में अक्सर लोगों को गठिया रोग हो जाता है, जिसमें उन्हें जोड़ों में दर्द और सूजन की शिकायत रहती है। इस रोग में दालचीनी का सेवन करने से काफी आराम पहुंच सकता है।

    अक्सर उम्र बढ़ने पर लोगों को गठिया की समस्या का सामना करना पड़ता है। जब हड्डियों के जोड़ों में यूरिक ऐसिड जमा हो जाता है, तो वह गठिया का रूप ले लेता है। गठिया होने पर रोगी के एक या कई जोड़ों में दर्द, सूजन या अकड़न हो जाती है। जोड़ों में गांठें जैसी बन जाती हैं और कुछ चुभने जैसा दर्द होता है। इस रोग के बढ़ जाने पर रोगी को चलने-फिरने के साथ साथ हिलने-डुलने तक में तकलीफ होने लगती है। गठिया रोग का प्रभाव सबसे ज्यादा घुटनों, नितंबों व मेरू की हड्डियों में होता है, फिर बाद में कोहनी, कलाई, टखनों और कंधों पर भी इसके प्रभाव दिखने लगते हैं।गठिया रोग को ठीक करने के लिए बहुत सारे घरेलू नुस्खे अपनाए जाते हैं। जिनमें सबसे प्रमुख है, दालचीनी का सेवन।

     

    Arthritic Pain

     

    गठिया रोग में दालचीनी का सेवन


    दालचीनी दक्षिण भारत का एक खास पेड़ है। इस पेड़ की छाल को औषधियों और मसालों के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। दालचीनी की उपयोगिता इतनी है कि खाने के मसाले के अतिरिक्त इसका इस्तेमाल माउथ वॉश से लेकर पेस्ट कंट्रोल जैसे कामों तक में किया जाता है। इसके साथ ही, कैंडी बनाने में तो खासतौर पर इसका इस्तेमाल होता है। सर्दियों में ये और अधिक गुणकारी हो जाती है। जब बात गठिया रोग के घरेलू इलाज की होती है तो दालचीनी का नाम सबसे पहले आता है। प्राचीन काल से जोड़ों के दर्द के लिए एक आयुर्वेदिक इलाज के रूप में इसका इस्तेमाल होता आया है। दालचीनी में एक ऐसा तत्व शामिल होता है जो सूजन-विरोधी होता है। ये गठिया रोग के लिए ज़िम्मेदार सूजन को कम करके दर्द से राहत पहुंचाता है। दालचीनी जीवाणुरोधी के रूप में भी काम करता है।

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    साल 2008 में "बायोर्गैनिक एंड मेडिशनल केमेस्ट्री" में प्रकाशित एक स्टडी ने दालचीनी के उपयोगों और हड्डी रोगों पर इसके प्रभाव के बारे में बात की। ओस्टेओक्लास्ट्स नाम से जाने वाली कोशिकाओं की गतिविधियां बढ़ने से हड्डियों को नुकसान पहुंचता है। इस स्टडी ने बताया कि दालचीनी इस गतिविधि को रोकती है और हड्डियों को होने वाले नुकसान को कम कर देती है।

     

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    कैसे करें उपयोग

    • डेढ़ चम्मच दालचीनी पाऊडर और एक चम्मच शहद मिला लें। रोज़ सुबह खाली पेट एक कप गर्म पानी के साथ इसका सेवन करें। एक सप्ताह में इसका असर दिखना शुरू हो जाएगा। जो लोग इस रोग की वजह से चलने फिरने में असमर्थ हो गए हैं, वो भी चलने फिरने लायक हो जाएंगे।
    • दालचीनी पाऊडर में कुछ बूंदे पानी की मिला लें। इसका एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को जोड़ों पर लगाएं और फिर मुलायम कपड़े से ढंक दें, ताकि वो लंबे समय तक लगा रहे।
    • 250 ग्राम दूध व उतने ही पानी में दो लहसुन की कलियां, एक-एक चम्मच सौंठ या हरड़ तथा एक-एक दालचीनी और हरी इलायची डालकर उसे अच्छी तरह से धीमी आंच पर पकाएं। जब पानी जल जाए, तो उस दूध को पियें, गठिया रोगियों को जल्द फायदा होगा।


    गठिया के आर्युवैदिक व घरेलू इलाज के नाम पर सबसे पहले नाम दालचीनी का ही आता है लेकिन, ऐसा नहीं है कि गठिया के सभी रोगियों को इससे फायदा पहुंचे। दालचीनी से आपका गठिया रोग ठीक होता है या नहीं, इसे जांचने का सबसे अच्छा तरीका है आप इसका सेवन करके देखें। कम से कम तीन महीने दालचीनी का सेवन करें।

     

    Image Source - Getty Images

     

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    Disclaimer

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