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जूते चुनते समय रखें सावधानी, गलत जूतों का इस्तेमाल बन सकता है इन 5 रोगों का कारण

तन मन By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 10, 2018
जूते चुनते समय रखें सावधानी, गलत जूतों का इस्तेमाल बन सकता है इन 5 रोगों का कारण

जूते चुनते समय ज्यादातर लोग उसका स्टाइल और लुक देखकर उसे खरीदते हैं जबकि जूते चुनते समय सबसे जरूरी चीज है कंफर्ट। गलत साइज या गलत स्टाइल के जूते चुनने से पैरों में कई तरह के रोग हो सकते हैं।

आजकल फैशन के चलते लोग जल्दी-जल्दी जूते बदलते हैं और अलग-अलग तरह के जूते पहनते हैं। जूते चुनते समय ज्यादातर लोग उसका स्टाइल और लुक देखकर उसे खरीदते हैं जबकि जूते चुनते समय सबसे जरूरी चीज है कंफर्ट। आपको हमेशा ऐसे जूते चुनने चाहिए जिन्हें पहनने पर आपके पैरों को कोई कष्ट न हो और आप आराम महसूस करें। गलत साइज या गलत स्टाइल के जूते चुनने से पैरों में कई तरह के रोग हो सकते हैं।
फैशन के इस दौर में कई तरह के जूते पुरुष और महिलायें प्रयोग कर रही हैं। फिटिंग वाले जूते, हाई हील, नैरो जूते (संकरे और आगे की तरफ पतले) और संकीर्ण यानी टाइट जूते लोग पहन रहे हैं। कुछ लोग इतने संकीर्ण जूते पहनते हैं कि इससे न केवल उनके पैरों में दर्द होता है बल्कि इसके कारण उन्‍हें चलने में भी परेशानी होती है। लेकिन आपको शायद ही पता हो कि गलत जूते पहनने से कई बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है।

इन बीमारियों का रहता है खतरा

एथलीट फूट

यह पैरों में होने वाली एक ऐसी बीमारी है जिससे न केवल एथलीट ही प्रभावित होते हैं बल्कि सामान्‍य लोगों को भी होती है। यह बीमारी कवक संक्रमण के कारण होती है। यह उंगलियों के बीच में होती है, इसके कारण खुजली और जलन की समस्‍या होती है। अधिक संकीर्ण जूते पहनने के कारण उंगलियों के बीच में पसीना हो जाता है और यह संक्रमण का कारण बनता है।

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गोखरू

यह पैरों में गांठ की तरह दिखाई देते हैं जो अक्‍सर तलवों या उंगलियों में होते हैं। जब भी आप मोजे के साथ ऐसे जूते पहनते हैं जो आगे से बहुत संकीर्ण होते हैं, तब उंगलियों और तलवों में दबाव के कारण गोखरू की समस्‍या होती है। यह पैरों की बड़ी उंगली में सबसे अधिक होती है। यह दूसरी उंगलियों में भी हो सकता है।

कॉर्न्‍स

यह समस्‍या भी गलत जूतों के कारण तलवों में होती है, यह मोटी त्‍वचा के धब्‍बे की तरह उभरता है और दबाव के माध्‍यम से बढ़ता है। कॉर्न्‍स अक्‍सर तेज दर्द का कारण भी बन जाता है। घरेलू नुस्‍खों के प्रयोग से कॉर्न्‍स का उपचार आसानी से किया जा सकता है।

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डायबिटिक

फूट जो लोग डायबिटीज से ग्रस्‍त होते हैं उनके पैरों में तंत्रिका क्षति अक्‍सर देखने को मिलती है। इसके कारण पैरों में सुनसुनी नहीं होती है। डायबिटिक फूट के कारण पैरों में होने वाली समस्‍यायें जैसे - खुजली और जलन का भी एहसास नहीं होता। तंग जूते पहनने के कारण ये फफोले या घावों में भी तब्‍दील हो सकते हैं।

हैमर टो

तंग और संकीर्ण जूते पहनने के कारण पैरों की उंगलियां मुड़ जाती हैं, यह पंजे की तरह दिखाई देते हैं। इसके कारण अंगूठे के बगल वाली उंगली सबसे अधिक प्रभावित होती है। मध्‍य उंगली में अधिक दबाव पड़ने के कारण दर्द भी होता है। इसके कारण उंगली बहुत कठोर हो जाती है और जोड़ हमेशा के लिए उखड़ जाता है।

एड़ी में गांठ

एड़ी के नीचे की हड्डी का विकास जब होता है तब यह समस्‍या होती है। यह पैर की लंबाई के साथ मांसपेशियों और और एड़ी की हड्डी के साथ भी जुड़े होते हैं। इसके कारण एंड़ी का विस्‍तार आधा इंच तक हो सकता है, यह गंभीर दर्द भी पैदा करता है। बहुत कसे हुए जुतों के कारण यह समस्‍या होती है।

मेटाटर्साल्जिया

इसे स्‍टोन ब्रूज या पत्‍थर खरोंच भी बुलाते हैं। यह पैरों के सामने के हिस्‍से को प्रभावित करती है, जो कि बहुत ही दर्दनाक स्थिति है। इसमें आमतौर पर पैर की बॉल सबसे अधिक प्रभावित होती है और इसमें सूजन और दर्द होता है। तंग जूतों के साथ व्‍यायाम करने, दौड़ने और कूदने के कारण यह समस्‍या होती है।

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