सर्दियों में किन बीमारी और संक्रमण से बच्चों को बचाना है जरूरी, जानें क्या है बचाव का तरीका

Updated at: Oct 22, 2020
सर्दियों में किन बीमारी और संक्रमण से बच्चों को बचाना है जरूरी, जानें क्या है बचाव का तरीका

अगर आप भी अपने बच्चों को आने वाली सर्दी के मौसम में बीमारियों और संक्रमण से बचाना चाहते हैं तो इस तरह बच्चों का करें बचाव। 

Vishal Singh
अन्य़ बीमारियांWritten by: Vishal SinghPublished at: Oct 22, 2020

दुनियाभर में चल रहे कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर शोध भी सामने आए हैं कि आने वाली सर्दी के मौसम में कोरोना वायरस का खतरा बढ़ सकता है। ये न सिर्फ आपके लिए खतरनाक है बल्कि ये आपके बच्चों के लिए भी बहुत खतरनाक हो सकता है। वहीं, अगर बात की जाए कोरोना वायरस के अलावा भी सर्दियों में की ऐसे संक्रमण और बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है, जिनका प्रकोप बच्चों पर आसानी से होता है। ऐसे संक्रमण और बीमारियों से आपको अपने बच्चों का बचाव करना बहुत जरूरी है। इसके लिए आपको ये जानना जरूरी है कि सर्दियों में बच्चों को किन संक्रमण का खतरा होता है और इनसे कैसे आपको अपने बच्चे का बचाव करना चाहिए। हम आपको इस लेख में बताएंगे कि आपको आने वाली सर्दियों में किन वायरस और संक्रमण से अपने बच्चों का बचाव करना जरूरी है। 

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इन्फ्लूएंजा

इंन्फ्लूएंजा एक ऐसा संक्रमण है जो सर्दियों में ज्यादा प्रभावी हो जाता है, जिसके लक्षण के रूप में गले में खराश, बुखार, खांसी, सिरदर्द, मांसपेशियां में दर्द होता है। इसका खतरा बच्चों में ज्यादा होता है, इसके लक्षण को सही समय पर पहचानना जरूरी होता है। इससे बच्चों के बचाव के लिए आपको उनकी डाइट को बेहतर बनाना चाहिए, तरल पदार्थ ज्यादा पीने की आदत और ज्यादा बाहर जाने से रोकना चाहिए। इसके साथ ही अगर वो इस संक्रमण की चपेट में आते हैं तो इसके लिए जरूरी है कि आप फ्लू शॉट लें। 

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निमोनिया

निमोनिया बच्चों की सबसे आम और सबसे बड़ी बीमारी माने जाने वाली एक स्थिति है। जिस दौरान बच्चों को सांस लेने में परेशानी, खांसी और बुखार जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। ये बच्चों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाती है जिसमें तुरंत इलाज की जरूरत होती है। निमोनिया का सही समय पर इलाज न होने के कारण बच्चे की मौत भी हो सकती है। इसलिए आप निमोनिया के लक्षण देखने के साथ तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर जांच कराएं। 

गले की समस्या

सर्दियों में बच्चे ही नहीं बल्कि बड़े भी इसकी चपेट में आते हैं, गला खराब होना सर्दी के दौरान एक आम समस्या है। लेकिन इसका प्रकोप बच्चों पर इसलिए ज्यादा होता है क्योंकि बड़ों की तुलना में उनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। कई मामलों में ये समस्या एक स्ट्रेप गले की स्थिति भी बना सकता है। जिस दौरान बच्चे को गले में तेज दर्द, निगलने में परेशानी और सूजन महसूस हो सकती है। इसके साथ ही सामान्य सर्दी, खांसी और कफ भी हो सकता है। इससे बचाव के लिए बच्चों को हमेशा गुनगुना या गर्म पानी पिलाएं। इसकी मदद से आप संक्रमण को काफी हद तक दूर कर सकते हैं। 

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सांस की नली में सूजन

जैसा कि पहले बताया बच्चों को ये आम समस्याएं काफी दर्द दे सकती है, इसी कड़ी में एक समस्या है जिसमें बच्चों की सांस की नली में सूजन पैदा हो जाती है। इसे रेस्पिरेटरी सिंकिटियल वायरस (आरएसवी) ब्रोंकियोलाइटिस का कारण भी माना जाता है। इस स्थिति में वायुमार्ग में सूजन पैदा होती है जिससे सांस लेने में बच्चों को काफी परेशानी हो सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए आपको डॉक्टर एंटीबायोटिक्स देगा और साथ ही ज्यादा से ज्यादा गर्म पानी पीने की सलाह देगा। जिसकी मदद से आप इसे दूर कर सकते हैं। 

बचाव

  • बार-बार बच्चों को हाथ धोने की आदत डालें। 
  • हेल्दी डाइट और ज्यादा पानी पीने की सलाह दें।
  • सभी फल और हरी सब्जियों को बच्चों की डाइट में करें शामिल। 
  • ज्यादा बाहर जाने से रोकें। 
  • बढ़ते प्रदूषण में बच्चों को मास्क जरूर पहनाएं। 

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