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बच्‍चों पर नकारात्‍मक प्रभाव डालती हैं ये 5 बातें, कभी न कहें!

परवरिश के तरीके
By Atul Modi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 18, 2017
बच्‍चों पर नकारात्‍मक प्रभाव डालती हैं ये 5 बातें, कभी न कहें!

कभी-कभी पैरेंट्स अच्‍छी सीख देने के बजाए बच्‍चों से इतनी गलत तरीके से बातें करते हैं जो उनके मस्तिष्‍क पर नकारात्‍मक प्रभाव डालते हैं।

Quick Bites
  • बच्‍चों को डांट से नहीं बल्कि प्‍यास से समझाएं।
  • आपकी डांट बच्‍चों पर नकारात्‍मक प्रभाव डालती है।
  • बच्‍चों को ताना न मारें, उनका ख्‍याल रखें।

जब तक बच्‍चों की अच्‍छी परवरिश नहीं होती है, तब तक उनका संपूर्ण विकास नहीं हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि बच्‍चों का देखभाल सही तरीके से हो। उनका खान-पान और रहन-सहन बेहतर होना बहुत जरूरी है। इसके साथ-साथ उन्‍हें अच्‍छी सीख भी देनी चाहिए, लेकिन कभी-कभी पैरेंट्स अच्‍छी सीख देने के बजाए उनसे इतनी गलत तरीके से बातें करते हैं जो उनके मस्तिष्‍क पर नकारात्‍मक प्रभाव डालते हैं। आपकी इन बातों से बच्‍चे डरपोक या फिर हिंसक भी हो सकते हैं। ऐसे में आप बच्‍चों से ऐसी बातें न करें जिससे बच्‍चों पर बुरा असर पड़े।

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डांटने के बजाए समझाएं

अगर बच्चा पढा़ई में अच्छे ग्रेड्स नहीं ला पाता तो पैरेंट्स उसे डांटते-मारते हैं। इससे बच्‍चे का आत्‍मविश्‍वास कम हो जाता है। उनके अंदर डर बैठ जाता है। जबकि ऐसा नही उसे डांटे नहीं बल्कि उसे पढ़ाई करने के लिए समझाएं। उसके साथ कुछ भी मेहनत करें और उसकी कमियों को दूर करें। इससे बच्‍चे का आत्‍मविश्‍वास बढ़ेगा।

 

पापा से शिकायत

आमतौर बच्चे मां से ज्यादा अपने पिता से डरते है। परन्तु बार-बार पापा के नाम की धमकी देकर आप बच्चों को अनुशासित भी ठीक नहीं है। इससे बच्चों के मन पिता के लिए सम्मान की बजाएं खौफ बेठ जाता है।

 

बच्चों को ताना देना

पेरेंट्स कई बार बच्चों को ताना मारने लगते है। ऐसे बच्चों को ताना देने से बच्चो गुस्सैल और चिढ़चिढ़े हो जाते हैं। वह बात-बात पर जिद्दी होने लगते हैं।

 

दूसरे बच्‍चों से तुलना करने से बचें

कई बार पेरेंट्स न चाहते हुए भी अपने बच्चों से भेदभाव दिखा देते हैं। अपने बच्चे की तुलना किसी दूसरे बच्चे से न करें। इससे बच्चे में हीन भावना पनपने लगेगी।

 

बच्चों की डाइट

कुछ पेरेंट्स बच्चे की डाइट को लेकर भी बात का बतंगड़ बनाने लगते है, जिससे बच्चा इन बातों को सुनकर खाना-पीना भी छोड़ सकता है।

 

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Written by
Atul Modi
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMay 18, 2017

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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