1 दिन का नवजात भी हुआ कोरोनावायरस का शिकार, हालत स्थिर

Updated at: Feb 07, 2020
1 दिन का नवजात भी हुआ कोरोनावायरस का शिकार, हालत स्थिर

चीन के वैज्ञानिकों ने बताया है कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों में कोरोनावायरस का खतरा कम है। 

Jitendra Gupta
लेटेस्टWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Feb 07, 2020

चीन के वुहान शहर में दहशत फैला चुके कोरोनावायरस (coronavirus) ने 1 दिन के बच्चे को अपने नया शिकार बनाया है। ये बच्चा 30 घंटा का है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट के मुताबिक, ऐसा कहा जा रहा है कि ये संक्रमण बच्चे को गर्भवती महिला से हुआ है। हालांकि शुरुआत में बच्‍चे के मरने की खबर आई थी लेकिन बाद में इसे खारिज कर दिया गया। नवजात के कोरोनावायरस से संक्रमित होने की पीछे का तर्क दिया जा रहा है कि बच्‍चे को मां के गर्भ में ही वायरस ने अपना शिकार बनाया। कुछ डॉक्टर ये भी मान रहे हैं कि स्‍तनपान के कारण भी बच्‍चे को वायरस पहुंचा हो। फिलहाल नवजात की हालत स्थिर बताई जा रही है और उसे इनक्‍यूबेटर में रखा जाएगा। वुहान के चिल्‍ड्रेंस हॉस्पिटल के नियोनैटेल विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर झेंग लिंगकोंग का कहना है कि इस मामले के सामने आने के बाद गर्भवती महिलाओं को संक्रमित मरीजों से दूर रहने को कहा गया है।

coronavirus

चीन के वैज्ञानिकों ने पाया है कि 15 साल की उम्र से कम के बच्चों में नए प्रकार के कोरोनावायरस (coronavirus) के संक्रमण का खतरा कम है। चीन में कोरोनावायरस (coronavirus) अब तक 565 लोगों की जान ले चुका है। वैज्ञानिकों ने  चीन के वुहान शहर में 2019 कोरोनावायरस के पहले 425 मामलों का अध्ययन किया है। एक विशेष कार्यक्रम के तहत पीड़ितों के कॉन्टेक्ट, वायरस के रूप, लक्षण के समय और बीमार होने से दो सप्ताह पहले वे किस जगह पर गए थे, इसकी जानकारी ली गई थी।

वैज्ञानिक इस वायरस का मुकाबला करने के लिए प्रमुख गतिविधियों के साथ डिजिटल प्रोसेसिंग का सहारा ले रहे हैं ताकि इस महमारी को खत्म करने का तरीका खोजा जा सके। जेएएमए नेटवर्क में प्रकाशित एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों में कोरोनावायरस के मामले बहुत ही दुर्लभ है।

वैज्ञानिकों ने पाया कि वे लोग, जो संक्रमित हुए उनमें से 95 फीसदी को पहला लक्षण 12 दिनों में दिखाई दिया। जबकि औसत इनक्युबेशन पीरियड 5.2 दिन का है। इसके साथ ही हर 7.4 दिन में शुरुआती चरण के संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या दोगुनी पाई गई। इसके बाद इस संक्रमण के फैलने की दर धीमी हुई।

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वुहान में 15 साल से कम उम्र का कोई भी बच्चा कोरोनावायरस से पीड़ित नहीं है। दरअसल बच्चे रोशनी के रूप में कोरोनावायरस के संचरण के संपर्क में कम आते हैं। वहीं 49 से 56 साल के आस-पास के लोगों में इस संक्रमण के फैलने का खतरा अधिक है। इसके साथ ही कोरोनावायरस संक्रमण से पीड़ित होने वाले में  59 फीसदी पुरुष हैं। 

coronavirus in kids

चीनी डॉक्टर रिचर्ड मैरटिनेल्लो का कहना है, '''हमें बीजिंग और जर्मनी में बच्चों में संक्रमण का सिर्फ एक मामला मिला है। ऐसा लगता है कि ये वायरस सिर्फ व्यस्कों पर ही हमला करता है लेकिन हम अभी भी नहीं कह सकते हैं कि ऐसा क्यों है। हालांकि हमें बच्चों के अस्पतालों से किसी प्रकार का डेटा नहीं मिला है, इसलिए तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं हो पाई है।''

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वहीं रिपोर्ट के मुख्य लेखक डॉ. कार्लोस डेल रियो का कहना है कि इस वक्त बच्चें इस संक्रमण से कम प्रभावित क्यों हैं ये कल्पना से परे है।

डॉक्टर ने कहा कि आमतौर पर ये संक्रमण आपके फेफड़ों को प्रभावित करता है, जैसे निमोनिया और फ्लू। आप ये जानते होंगे कि ये व्यस्कों में अधिक गंभीर हो जाता है खासकर ये उन लोगों में गंभीर स्थिति धारण कर लेता है, जो फेफड़ों से संबंधित समस्याओं का शिकार होते हैं।

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