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चिकनपाक्स से हुई मौतों की संख्या में कमी

अन्य़ बीमारियां By अन्‍य , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 03, 2011
चिकनपाक्स से हुई मौतों की संख्या में कमी

भारत में चिकनपोक्स से होने वाली मृत्‍युदर में कमी आई है।

Chickenpox childयूएस में चिकनपोक्स की वजह से  हुई मौतों की संख्या में १९९५ से ८८ % गिरावट आई है  जैसा की एक नया अध्ययन बताता है जो की सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल द्वारा किया गया था ।इस साल वेरिसेला टीकाकरण अभ्यान शुरू हुआ था और इसका बड़ी मात्रा में प्रयोग की ही वजह से यह रोग आज सफलतापूर्वक नियंत्रण में है ।बच्चों और किशोरों में १९९५ से चिकनपोक्स के द्वारा मौत का निवारण ९७ % तक हो चुका है । यह अध्ययन यूएस के राष्ट्रीय आंकडो का मूल्यांकन पर आधारित है  जिसमे की बिमारी के कारण हुई मौत के आंकड़े लिए गए थे जो की साल २००२ से २००७ तक के बीच के हैं।


पहले के अध्ययन जो की इन आंकड़े पर किये गए हैं जिसमे की टीकाकरण के पहले ६ साल के आंकड़े लिए गए थे ( १९९५ से २००१ तक) बताते हैं की चिकनपोक्स के द्वारा हुई मौतों की संख्या में ६६ % तक की कमी आई है  ।शोधक यह कहते हैं की टीकाकरण अभियान ने पिछले दशक में बहुत ही बड़े  इलाके को प्राभावित किया है  ।पहले १२ साल में वेरिसेला टीकाकरण अभियान में टीके की एक मात्रा दी जाती थी। जिसकी वजह से इस रोग की वजह से हो रही मौतों की वार्षिक म्रत्यु दर  ८८ % गिर गयी है ।


शोधक यह भी कहते हैं की एक खुराक वेरिसेला टीकाकरण अभियान की किफायती कीमत शोधको की अपेक्षा से कई गुना आगे निकल गयी हैं ।इस टीके के आने से पहले १०० मौते और हर साल ११००० मरीजों के अस्पताल में बरती होने की खबर यूएस में आती थी ।एक टीका वेरिसेला टीकाकरण कार्यक्रम में एक और वेरिसेला का टीका जोड़ने का सुझाव २००६ में मान लिया गया ।पहला टीका तब दिया जाता है जब बच्चा १२ से १८ महीने का होता है जबकी दूसरा टीका तब दिया जाता है  जब बच्चा ४ से ६ साल की उम्र का होता है ।इस सुझाव के साथ  अधिकारियों को इस बात का भरोसा हो गया है की वे इस रोग को भविष्य में मिटा सकेंगे ।

Written by
अन्‍य
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागAug 03, 2011

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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