• shareIcon

संक्रामक बीमारी है 'छोटी माता', शरीर में खुजली और लाल चकत्‍ते हैं इसके आम लक्षण

अन्य़ बीमारियां By Atul Modi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 07, 2019
संक्रामक बीमारी है 'छोटी माता', शरीर में खुजली और लाल चकत्‍ते हैं इसके आम लक्षण

चिकनपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है। चिकन पॉक्स छोटी चेचक नाम से भी जानी जाती है। यह संक्रमण ज्या‍दातर 1 से लेकर 10 वर्ष तक के बच्चों में पाया जाता है। संक्रमण की वजह से वयस्‍कों को भी हो सकता है। ज्यादा दिनो

चिकनपॉक्स (चेचक), जिसे बेरीसेला भी कहा जाता है। इस संक्रमण को लोग छोटी माता के नाम से भी जानते हैं। पूरे शरीर में दिखने वाले खुजली रहित लाल फफोले इस रोग की विशेषता है। एक वायरस इस स्थिति का कारण बनता है। यह अक्सर बच्चों को प्रभावित करता है, और यह इतना सामान्य होता है कि कई जगह इसे बचपन का संस्कार माना जाता है। चिकनपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है। यह संक्रमण ज्या‍दातर 1 से लेकर 10 वर्ष तक के बच्चों में पाया जाता है। संक्रमण फैलेने की वजह से वयस्‍कों को भी हो सकता है। ज्यादा दिनों तक बीमार रहने पर भी यह इंफेक्शन हो जाता है। चिकनपॉक्स का संक्रमण एक से अधिक बार होना बहुत दुर्लभ माना जाता है। 1990 के दशक के मध्य में चेचक का टीका लगाए जाने के बाद से, मामलों में गिरावट आई है।

 

चिकनपॉक्‍स के लक्षण 

शरीर में उपजे खुजली वाले दाने चिकनपॉक्स का सबसे आम लक्षण है। यह संक्रमण शरीर में 7 से 21 दिनों के बीच रहता है, इससे पहले शरीर में दानें और अन्‍य लक्षण दिखाई देते हैं। त्वचा पर दाने निकलने के 48 घंटे पहले तक आप अपने आसपास के लोगों के लिए संक्रामक होने लगते हैं। इसमें सबसे पहले बुखार आता है जो दो दिनों तक रहता है। फिर शरीर में दाने निकल आते हैं। यह लाल उभरे दाने से शुरू होता है। लाल दाने बाद में फफोलों में बदल जाते हैं। मवाद आने लगता है, मवाद फूटकर खुरदुरा हो जाता है। यह मुख्य रूप से चेहरे, खोपडी, रीढ और टांगों पर दिखाई देती है। इसमें तेज खुजली होती है। भूख ना लगना, उल्टी होना इसका प्रमुख लक्षण है। 

चिकनपॉक्स के कारण

  • यह बीमारी खान-पान में असावधानी बरतने से ज्यादातर होती है। जैसे दूषित भोजन या पानी का सेवन कर लेना या फिर खुला खाद्य पदार्थ खाना, इस बीमारी को दावत देने जैसा होता है।
  • इसके अलावा अत्यधिक ठंड या गर्म होने से भी यह बीमारी होती है। हवा में मौजूद बेरीसेला वायरस ठंड में ज्यादा सक्रिय होता है जो बच्चों को प्रभावित करता है।
  • जिन बच्चों  की त्वचा ज्यादा संवेदनशील होती है, उसे चिकनपॉक्स होने की ज्यादा संभावनाएं होती हैं।
  • ज्यांदा कडे साबुन या ज्यादा देर तक स्नान करने से भी यह इंफेक्शन हो जाता है।
  • ज्यादा छोटे बच्चों में मां के दूध को एकाएक छोडकर अन्य खाद्य पदार्थ खिलाने से यह इंफेक्शन फैल सकता है।
 

चिकनपॉक्‍स से बचाव 

  • चिकन पॉक्स से बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है खान-पान का ध्यान रखें। खुले में रखा खाद्य पदार्थ बिल्कुल भी न लें।
  • चिकन पॉक्‍स एक संक्रमण की बीमारी होती है जो एक व्‍यक्ति से दूसरे में जा सकती है। इसलिए जिसे भी यह बीमारी हुई वे एक-दूसरे से दूर रहें जिससे इंफेक्शन का खतरा न हो।
  • बच्चे के माता-पिता इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बच्चा यदि बीमार है तो उसे स्कूल न भेजें ताकि दूसरे बच्चे इस संक्रमण की चपेट में न आएं।
  • यह बीमारी ज्यादा खतरनाक तो नहीं है लेकिन बच्चे के शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। जैसे भी इस बीमारी के लक्षण दिखें तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें।
  • इस बीमारी से बचने के लिए ठंड से बच्चों का बचाव करें, क्योंकि ठंडी हवा में इस बीमारी का वायरस बेरीसेला ज्यादा सक्रिय होता है।
  • चिकन पॉक्स के इलाज के लिए कई प्रकार की दवाईयां और वैक्सीन बाजार में उपलब्ध हैं। इनका प्रयोग करके इस बीमारी से निजात पायी जा सकती है।

चिकनपॉक्‍स का उपचार 

चेचक का कोई ज्ञात उपचार नहीं है। वायरस के संपर्क में आने के 3 से 4 दिनों के भीतर टीका लगवाने से बीमारी की गंभीरता कम हो सकती है या शायद इसे रोकने में मदद भी मिल सकती है। साथ ही इस बैक्टीरिया से संबंधित एंटी बैक्टीरियल दवाएं लेकर भी आप खुद को सुरक्षित कर सकते हैं। 

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Other Diseases In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK