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चिकन पॉक्‍स के कारण

अन्य़ बीमारियां By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 12, 2012
चिकन पॉक्‍स के कारण

मौसम बदलते ही संक्रामक रोगों से पीडित रोगियों की संख्या बढने लगती है। चिकनपॉक्स, खसरा, काला जार व डायरिया का संक्रमण फैलने लगता है। तेजी से खुजली होना, लाल दाने निकल आना इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं।

Chicken pox
मौसम बदलते ही संक्रामक रोगों से पीडित रोगियों की संख्या बढने लगती है। चिकनपॉक्स, खसरा, काला जार व डायरिया का संक्रमण फैलने लगता है। चिकन पॉक्स एक संक्रामक बीमारी है। चिकन पॉक्स छोटी चेचक नाम से भी जानी जाती है। यह संक्रमण 1 से लेकर 10 वर्ष तक के बच्चों में ज्या‍दातर पाया जाता है। ज्यादा दिनों तक बीमार रहने पर भी यह इंफेक्शन हो जाता है। खान-पान में आई अनियमितता इस बीमारी का प्रमुख कारण होता है। तेजी से खुजली होना, लाल दाने निकल आना इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं।

चिकनपॉक्स  के कारण

 

  • यह बीमारी खान-पान में असावधानी बरतने से ज्यादातर होती है। जैसे दूषित भोजन या पानी का सेवन कर लेना या फिर खुला खाद्य पदार्थ खाना, इस बीमारी को दावत देने जैसा होता है।
  • इसके अलावा अत्यधिक ठंड या गर्म होने से भी यह बीमारी होती है। हवा में मौजूद बेरीसेला वायरस ठंड में ज्यादा सक्रिय होता है जो बच्चों को प्रभावित करता है।
  • जिन बच्चों  की त्वचा ज्यादा संवेदनशील होती है, उसे चिकेन पॉक्स होने की ज्यादा संभावनाएं होती हैं।
  • ज्यांदा कडे साबुन या ज्यादा देर तक स्नान करने से भी यह इंफेक्शन हो जाता है।
  • ज्यादा छोटे बच्चों में मां के दूध को एकाएक छोडकर अन्य खाद्य पदार्थ खिलाने से यह इंफेक्शन फैल सकता है।


चिकन पॉक्स के लक्षण

  • सबसे पहले बच्चों में बुखार आता है जो दो दिनों तक रहता है। फिर शरीर में दाने निकल आते हैं। इसमें छह दिन बाद दाने स्वयं ही समाप्त हो जाते हैं लेकिन पीडि़त बच्चा कमजोर हो जाता है और शरीर की प्रतिरोधी क्षमता कमजोर हो जाती है।
  • यह लाल उभरे दाने से शुरू होता है।
  • लाल दाने बाद में फफोलों में बदल जाते हैं।है।
  • मवाद आने लगता है, मवाद फूटकर खुरदुरा हो जाता है।
  • यह मुख्य रूप से चेहरे, खोपडी, रीढ और टांगों पर दिखाई देती है।
  • इसमें तेज खुजली होती है।
  • भूख ना लगना, उल्टी होना इसका प्रमुख लक्षण है।

चिकन पॉक्स से बचाव के लिए रखें ख्याल

  • चिकन पॉक्स से बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है खान-पान का ध्यान रखें। खुले में रखा खाद्य पदार्थ बिल्कुल भी न लें।
  • चिकन पॉक्‍स एक संक्रमण की बीमारी होती है जो एक व्‍यक्ति से दूसरे में जा सकती है। इसलिए जिसे भी यह बीमारी हुई वे एक-दूसरे से दूर रहें जिससे इंफेक्शन का खतरा न हो।
  • बच्चे के माता-पिता इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बच्चा यदि बीमार है तो उसे स्कूल न भेजें ताकि दूसरे बच्चे इस संक्रमण की चपेट में न आएं।
  • यह बीमारी ज्यादा खतरनाक तो नहीं है लेकिन बच्चे के शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। जैसे भी इस बीमारी के लक्षण दिखें तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें।
  • इस बीमारी से बचने के लिए ठंड से बच्चों का बचाव करें, क्योंकि ठंडी हवा में इस बीमारी का वायरस बेरीसेला ज्यादा सक्रिय होता है।

चिकन पॉक्स के इलाज के लिए कई प्रकार की दवाईयां और वैक्सीन बाजार में उपलब्ध हैं। इनका प्रयोग करके इस बीमारी से निजात पायी जा सकती है।

 

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Written by
Nachiketa Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMar 12, 2012

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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