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अधिक चिकन खाने से लोगों में कम हो रही है फर्टिलिटी रेट

एक्सरसाइज और फिटनेस By Gayatree Verma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 17, 2017
अधिक चिकन खाने से लोगों में कम हो रही है फर्टिलिटी रेट

अगर आप चिकन खाने के शौकीन हैं तो सतर्क हो जाएं। क्योंकि चिकन खाने से महिलाओं और पुरुष दोनों में फर्टिलिटी रेट कम हो जाती है।

Quick Bites
  • चिकन खाने से लोगों में फर्टिलिटी रेट कम हो जाती है।
  • चिकन खाने से हम छोटी-छोटी मात्रा में लेते हैं ओक्सिटोसिन।
  • इससे पुरुषों में फर्टिलिटी रेट कम हो जाती है।

भागती-दौड़ती जिंदगी में हेल्दी रहने के लिए और अधिक से अधिक पोषक-तत्वों का सेवन करने के लिए लोग शाकाहारी चीजों के बजाय मांसाहारी चीजों का सेवन करते हैं। जबकि मांसाहारी पदार्थों से कई सारी बीमारियों होती हैं।


जां हां। ये खबर सुनकर चौंकने की जरूरत नहीं है। नॉनवेज खाने से कई सारी बीमारियां पैदा होती है। खासकर फर्टिलिटी रेट कम होने जैसी समस्या इस कारण ही होती है।


दरअसल आजकल जानवरों को ओक्सिटोसिन का इंजेक्शन देकर जल्दी-जल्दी बड़ा और मोटा किया जाता है। उन जानवरों को तो ओक्सिटोसिन का इंजेक्शन जरूर ही दिया जाता है जिन्हें मांस के लिए काटा जाता है। इस ओक्सिटोसिन के इंजेक्शन द्वारा मोटे और बड़े हुए जानवरों का मांस खाने से शरीर में कई सारी बीमारियां पैदा होती हैं। लेकिन सबसे खतरनाक इसका जो प्रभाव होता है वो ये कि इससे महिलाओं में फर्टिलिटी रेट कम हो जाती है।

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अन्य कारण

कोई भी दुकानदार ये तो मानेगा नहीं की उसने अपने बूचड़खाने में पल रहे मुर्गे-मुर्गियों को ओक्सिटोसिन का इंजेक्शन लगाया है। ऐसे में आप दुकानदार की बात मानकर चिकन को साफ और हेल्दी समझकर ले रहे हैं तो अन्य कारणों की भी जानकारी ले लें।


दरअसल इन ढेर सारे मुर्गे-मुर्गियों को जिस जगह में रखा जाता है वहां उनके लिए सांस लेना भी मुश्किल होता है। इन जगहों में वे ठीक ढंग से चलना-फिरना तो दूर ठीक ढंग से सांस भी नहीं ले पाते। जिसके कारण वे अनेक प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। इन बीमार मुर्गियों के अंडे तथा मांस के सेवन से उसमें जो हानिकारक व वायरस बैक्टीरीया उपस्थित होते हैं वे मनुष्य के शरीर में पहुंच जाते हैं तथा उनमें कई सारी बीमारियां पैदा होने का कारण बनते हैं।

 



चिकन से कम हो रही फर्टिलिटी रेट

इन चिकन के खाने से महिलाओं में फर्टिलिटी रेट कम हो रही है। मतलब की इस चिकन के कारण महिलाओं में गर्भ धारण करने की संभावना कम हो जाती है। फोर्टिस हॉस्पीटल की डायटीशियन डॉ. सिमरन सैनी का कहना है कि, "जब हम चिकन खाते हैं तो छोटी-छोटी मात्रा में ऑक्सीटोसिन का सेवन कर रहे होते हैं। जिससे हमारा डीनए और हार्मोंस बैलेंस बिगड़ जाता है। जिसके कारण ही आजकल लोगों में फर्टिलिटी रेट कम होने की समस्या अधिक बढ़ गई है।"

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इसलिए होता है ऐसा

दरअसल ज्यादातर मांस मुर्गे का होता है जिसका लिंग नर है। ऐसे में मुर्गे का मांस रोज रोज खाने से महिलाओं में नर हार्मोंस का सेवन अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में जब महिलाएं रोज-रोज नर हार्मोंस खाती है तो उसके अन्दर के सारे हारमोंस का बैलेंस बिगड़ने लग जाता है और यहाँ तक की उस औरत के मादापन यानी औरत के स्वाभाविक गुण भी ख़तरे में पड़ जाते हैं।

 

पुरुष भी होते हैं प्रभावित

पुरुषों में भी इस कारण से फर्टिलिटी रेट कम हो रही है। ऐसा मुर्गों को लगाए जाने वाले ओक्सिटोसिन इंजेक्शन के कारण हो रहा है। 

 

ये है उपाय

फोर्टिस हॉस्पीटल की डायटीशियन डॉ. सिमरन सैनी इस का उपाय सुझाते हुए कहती हैं कि, "हमें तुरंत चिकन खाना छोड़ देना चाहिए। अगर खाना भी है तो ऑर्गेनिक पॉल्ट्री फॉर्म से चिकन लेकर खाएं। अधिक से अधिक मात्रा में फल और सब्जियां खाएं। कपाल भाति प्राणायाम इसका एक विधिवत समाधान है।"


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Written by
Gayatree Verma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMay 17, 2017

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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