कब्ज और बदहजमी से हैं परेशान? सोते समय गर्म दूध की जगह पिएं ये खास छाछ

Updated at: Jul 31, 2020
कब्ज और बदहजमी से हैं परेशान? सोते समय गर्म दूध की जगह पिएं ये खास छाछ

  त्रिफला का सेवन करने से हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप में आराम मिलता है। पर अगर आप इसे छाछ के साथ पिएं, तो ये कब्ज ठीक करने में मददगार है।

 

Pallavi Kumari
घरेलू नुस्‍खWritten by: Pallavi KumariPublished at: Jul 31, 2020

छाछ (Buttermilk) भारतीय घरों के मेनू कार्ड का एक अभिन्न हिस्सा है। ये लोगों को यहां खाने के साथ ही दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि खाने के बाद इसे पीने से खाना आसानी से पच जाएगा और पेट तो थोड़ी ठंडक मिलेगी। साथ ही ये उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है, जिन्हें पेट से जुड़ी कोई न कोई समस्या लगी रहती है। जैसे कि जिन लोगों को खाते ही पेट में गैस और बदहजमी की परेशानी होती है, उनके लिए भी रात के समय में दूध की जगह छाछ पीना ज्यादा कारगर है। वहीं अगर छाछ के साथ त्रिफला मिला जाएं, तो ये आपके कब्ज और बदहजमी के लिए आयुर्वेदिक उपचार के रूप में काम कर सकता है। तो आइए जानते हैं कैसे बनाएं ये खास छाछ और इसके स्वास्थ्य लाभ।

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कैसे तैयार करें त्रिफला छाछ (chhachh for constipation and indigestion)?

  • -त्रिफला चूर्ण को 1 घंटे तक एक कप पानी में भिगोएं
  • -छाछ
  • -काला नमक
  • -चीनी
  • -पीसा हुआ पुदीना

बनाने का तरीका

त्रिफला छाछ बनाने के लिए भीगे हुए त्रिफला चूर्ण को लें और उसमें छाछ मिलाएं। इसमें पीसा हुआ पुदीने मिलाएं, काला नमक और चीनी मिलाएं। इसे फ्रिज में रख लें अब जब खाने के बाद सोने जाने लगे तो एक गिलास त्रिफला छाछ पी लें। सुबह उठते ही आपका पेट साफ होगा और आप बहुत अच्छा महसूस करेंगे।

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त्रिफला छाछ पीने के फायदे (buttermilk benefits)

1. पेट को शांत करता है

त्रिफला छाछ पेट को शांत कर सकता है। जैसा ही आप इसे पीते हैं तो ये आपके पाचन तंत्र को शांत करता है। इस छाछ में त्रिफला के अलावा इसमें मिलाया जाने वाला काला नमक, जीरा, करी पत्ता और अन्य मसालों से पेट को शांत करने में मदद मिलती है और मसालेदार भोजन के कारण होने वाली किसी भी जलन से राहत दिलाती है।

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2. फैट को धोता है

भारी भोजन करने के बाद त्रिफला छाछ पीना पेट के फैट पर तेजी से असर दिखाता है। त्रिफला शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर पेट, छोटी आंत और बड़ी आंत को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह एक कोलोन टोनर के रूप में कार्य करता है और कोलन के ऊतकों को मजबूत करने और टोनिंग में मदद करता है। यह बदले में, किसी व्यक्ति के वजन को संतुलित रखने में भी आसानी से मदद करता है।

3. कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी लाता है

यह आयुर्वेदिक जड़ी बूटी भी कब्ज और पाचन तंत्र की सूजन से लड़ने में मदद करती है। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी काफी कम कर देता है और सूजन को कम करके फैट को कम करने में मदद करता है। इस छाछ में अदरक, काली मिर्च और अन्य मसाले पाचन में सुधार करने और आपको खाने के बाद हल्का महसूस करने में मदद करते हैं। इसके अलावा छाछ तेल या घी जैसे फैट पदार्थ को कम करने में भी सहायक है।

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4. कब्ज से राहत दिलाता है

अदरक, काली मिर्च, जीरा और त्रिफला इस छाछ को उत्कृष्ट पाचन एजेंट बनाते हैं। ये पेट में एक हलचल पैदा करता है, जिससे आपको पेट साफ करने में मदद मिल सकती है। जिन लोगों को लंबे समय से कब्ज और बदहजमी परेशान करती है, उन्हें हर रात सोने से पहले इसे जरूर लेना चाहिए। साथ ही ये छाछ इलेक्ट्रोलाइट्स और बहुत सारे पानी के साथ पैक होता है, जिससे पेट साफ होने के बाद आपको कमजोरी भी कम महसूस होती है।

इस तरह त्रिफला छाछ आपको कई तरह से फायदा पहुंचाता है। अगर पेट से जुड़ी परेशानियों को हटा दें, तो छाछ कैल्शियम का एक बेहतरीन सोर्स है। तो जो लोग दूध पीना पसंद नहीं करते तो उन्हें रात में कम से कम एक गिलास छाछ पी कर सोने की कोशिश करनी चाहिए।

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