• shareIcon

Cervical Cancer Signs: 35 से 40 की उम्र में बढ़ जाता है सर्वाइकल कैंसर का खतरा, जानें इसके 5 शुरुआती संकेत

महिला स्‍वास्थ्‍य By जितेंद्र गुप्ता , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 26, 2019
Cervical Cancer Signs: 35 से 40 की उम्र में बढ़ जाता है सर्वाइकल कैंसर का खतरा, जानें इसके 5 शुरुआती संकेत

ब्रेस्ट कैंसर के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा महिलाएं सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) से पीड़ित होती हैं। सर्वाइकल कैंसर, महिलाओं के गर्भाशय के निचले हिस्से में यानी की सर्विक्स (गर्भाशय और योनि को जोड़ने वाला हिस्सा) में होता है। 

ब्रेस्ट कैंसर के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा महिलाएं सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) से पीड़ित होती हैं। सर्वाइकल कैंसर, महिलाओं के गर्भाशय के निचले हिस्से में यानी की सर्विक्स (गर्भाशय और योनि को जोड़ने वाला हिस्सा) में होता है। इस प्रकार के कैंसर की शुरुआत महिलाओं में 35-40 साल की उम्र के बाद होती है, विशेषकर तब, जब महिलाओं में पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं या फिर गुप्तांग से ब्लड ज्यादा निकलने लगता है। सर्वाइकल कैंसर को काफी खतरनाक माना जाता है क्योंकि यह कैंसर सर्वाइकल से फैलते हुए लिवर, ब्लैडर, योनि, फेफड़ों और किडनी तक चला जाता है और हमारे शरीर को अंदर से प्रभावित करने लगता है। हालांकि सर्वाइकल कैंसर बहुत धीरे-धीरे बढ़ता है, जिसके कारण अधिकतर महिलाएं इसके संकेतों को पहचान नहीं पातीं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार हो जाती हैं। खराब जीवनशैली महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का सबसे आम कारण है। भारत ही नहीं बल्कि विकासशील देशों में इस कैंसर के प्रति जागरूकता और इलाज की कमी के कारण बहुत सी महिलाएं अपनी जान गंवा देती हैं। इसलिए इसके शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है। अगर आप भी इसके शुरुआती  संकेतों से अंजान हैं तो हम आपको ऐसे 5 संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको इस बीमारी से बचा सकते हैं।

सर्वाइकल कैंसर के 5 शुरुआती संकेत

असामान्य रक्तस्राव

आमतौर पर सर्वाइकल कैंसर 35 से 40 साल की उम्र के बाद होता है लेकिन इसके संकेतों को आप पहले ही पहचान सकते हैं। अगर शारीरिक संबंध और मीनोपॉज के बाद आप अधिक रक्तस्राव या फिर अपने प्रजनन अंग में तेज दर्द महसूस करती हैं तो ये सर्वाइकल कैंसर का एक सकेंत हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप तुंरत डॉक्टर से बात करें और इस समस्या से बारे में बात करें।

इसे भी पढ़ेंः इन 6 कारणों से गर्भावती महिलाओं के पेट में लात मारता है बच्चा, जानें क्यों होता है ऐसा

वाइट डिस्चार्ज होना

अक्सर महिलाएं वाइट डिस्चार्ज जैसी परेशानी को यूं ही आम समस्या  मानकर नजरअंदाज करती है, जो आगे चलकर बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकता है। लेकिन ऐसी किसी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि ये सर्वाइकल कैंसर का एक गंभीर सकेंत हो सकती है।

पेडू का दर्द

मासिक धर्म में आमतौर पर महिलाओं को पेडू का दर्द नहीं होता लेकिन अचानक हल्का या तेज दर्द होना सर्वाइकल कैंसर का सकेंत हो सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

इसे भी पढ़ेंः गर्भवती महिलाएं इन 5 बातों का रखें ख्याल, जीका वायरस नहीं भटकेगा पास

पेशाब करते वक्त दर्द होना

अक्सर संकेतों या लक्षणों को नजरअंदाज करने पर कैंसर इतना बढ़ जाता है कि वह यूरिन की थैली तक पहुंच जाता है। पेशाब के दौरान दर्द होने से मतलब है कि कैंसर यूरिन थैली तक जा पहुंचा है। ऐसी स्थित में आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और जांच करवानी चाहिए।

गुप्तांग में जलन

पीरियड्स के दौरान संबंध बनाते वक्त रक्तस्राव होना या फिर अचानक गर्भाशय ग्रीवा में जलन होना भी सर्वाइकल कैंसर का एक संकेत हैं। इसलिए इस परिस्थिति को नजरअंदाज न करें और किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह लें क्योंकि इस प्रकार का कैंसर आपके लिए घातक और जानलेवा साबित हो सकता है।

Read More Articles On Women's Health in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK