• shareIcon

कूल्हों में लगातार दर्द को न करें नजरअंदाज, ऑस्टियोअर्थराइटिस भी हो सकता है कारण

अन्य़ बीमारियां By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 28, 2019
कूल्हों में लगातार दर्द को न करें नजरअंदाज, ऑस्टियोअर्थराइटिस भी हो सकता है कारण

कूल्हों में लगातार होने वाले दर्द को नजरअंदाज करना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है क्योंकि कई बार ये दर्द ऑस्टियोअर्थराइटिस जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। जानें कूल्हों में दर्द का कारण और इससे राहत पाने के लिए घरेलू उपाय।

कूल्हों में होने वाले दर्द को अक्सर लोग थकान या गलत साइड से सोने-बैठने का परिणाम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। मगर यदि कूल्हों में दर्द लंबे समय तक हो, तो ये किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। कूल्हों में दर्द के कारण व्यक्ति को बैठने, लेटने, सोने और चलने में परेशानी होती है। इसके अलावा ये दर्द कई बार कमर, पीठ और पैरों तक पहुंच जाता है। दरअसल हमारे जोड़ों में एक खास लिक्विड होता है, जो दो हड्डियों के बीच चिकनाई बनाए रखने का काम करता है, ताकि हड्डियां अलग-अलग दिशाओं में घूमकर काम कर सकें। मगर उम्र के साथ ये लिक्विड कम होने लगता है। इस लिक्विड की कमी के कारण हड्डियों को हिलाने-डुलाने पर इनमें आपस में रगड़ पैदा होने लगती है, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और दर्द शुरू हो जाता है। इन कमजोर हड्डियों के कारण फ्रैक्चर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। लंबे समय तक कूल्हों के दर्द का इलाज न कराने के कारण कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

ऑस्टियोअर्थराइटिस भी हो सकता है कारण

कूल्हों में लगातार कई दिनों तक दर्द होने पर आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कई बार ये दर्द ऑस्टियोअर्थराइटिस के कारण हो सकता है। ऑस्टियोअर्थराइटिस हड्डियों से जुड़ी सबसे आम समस्या है, जिसके कारण करोड़ों लोग प्रभावित हैं। आमतौर पर ये समस्या तब होती है जब प्रोटेक्टिव कार्टिलेज खराब हो जाते हैं। इसके कारण जोड़ों में सूजन आ जाती है ऊपरी हिस्सा डैमेज हो जाता है और दर्द होने लगता है। ऑस्टियोअर्थराइटिस ज्यादा उम्र के कारण भी हो सकता है और अनुवांशिक कारणों से भी हो सकता है।

इसे भी पढ़ें:- जानें कब पड़ती है रिप्लेसमेंट की जरूरत

डॉक्टर को कब दिखाएं?

  • अगर आपके कूल्हों में 3-4 दिन से ज्यादा समय तक दर्द बना हुआ है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
  • अगर किसी वजह के महीने में 7-8 दिन कूल्हों में दर्द रहता है, तो आपको चिकित्सक को दिखाना चाहिए।
  • दर्द के कारण रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो, तो डॉक्टर को दिखाएं।
  • बैठने, चलने, लेटने आदि में परेशानी हो, तो दिखाएं।
  • अगर आपके कूल्हों का आकार बदलने लगे, तो ये भी गंभीर समस्या हो सकती है।
  • कूल्हों में दर्द के साथ बुखार भी आए, तो डॉक्टर से जरूर मिलें।

कैसे करें कूल्हों के दर्द का इलाज

अगर आपको सामान्य कारणों जैसे- ज्यादा काम करने, चोट लगने, एक्सरसाइज करने आदि के कारण दर्द है, तो आप घर पर ही इसका आसानी से इलाज कर सकते हैं। इसके लिए दर्द वाली जगह पर नमक पानी या बर्फ से सिंकाई करने से लाभ मिल जाएगा। सिंकाई के लिए 3 मिनट गर्म पानी और फिर 1 मिनट ठंडे पानी का इस्तेमाल करें। इसके अलावा तिल के तेल को गुनगुना करके मालिश करने से भी लाभ मिलेगा।

इसे भी पढ़ें:- जानें कब और क्यों किया जाता है जॉइंट रिप्लेसमेंट और क्या हैं जरूरी सावधानियां

हड्डियों को कमजोरी से बचाने के लिए सावधानियां

  • ज्यादा नमक और चीनी वाले आहार न खाएं।
  • कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा और अल्कलाइन ड्रिंक्स न पिएं।
  • धूम्रपान, शराब आदि का सेवन बिल्कुल न करें।
  • अपनी डाइट में ज्यादा से हरी सब्जियों और नट्स को शामिल करें।
  • रोजाना थोड़ी देर एक्सरसाइज, दौड़ या स्ट्रेचिंग जरूर करें।

Read more articles on Other Diseases in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK