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    इन कारणों से दिमाग हो जाता है अस्वस्थ

    मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Aditi Singh , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 26, 2015
    इन कारणों से दिमाग हो जाता है अस्वस्थ

    दिमागी रूप से अस्वस्थ होने का कारण कई बार आपकी समस्‍याओं से अलग पारिवारिक भी हो सकता है। इस तरह की समस्‍या के लिए जिम्‍मेदार कारकों के बारे में जानने के लिए इस लेख को पढ़ें।

    किसी व्‍यक्ति के दिमागी रूप से अस्‍वस्‍थ होने पर उसके व्‍यवहार में बदलाव आ जाता है। ऐसा व्‍यक्ति के चीजों को महसूस करने और उन्‍हें समझने की क्षमता में परिवर्तन हो जाता है। आम बोल-चाल की भाषा में लोग ऐसे व्‍यक्ति को पागल कहते हैं। दिमाग हमारे शरीर के मंत्रिमंडल का प्रधानमंत्री होता है। यदि किसी कारण यह सही प्रकार काम न करे, तो इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। जो व्‍यक्ति दिमागी रूप से अस्‍वस्‍थ होता है, उसके व्‍यवहार में स्‍वाभाविक रूप से परिवर्तन आ जाता है। उसकी दिनचर्या भी बिगड़ जाती है। इस तरह के ज्‍यादातर मामलों में सही कारणों का पता नहीं चल पाता। कुछ शोध इस बात को स्‍पष्‍ट करती हैं कि मस्तिष्‍क संबंधित इस तरह की समस्‍या के पीछे आनुवांशिक कारण, जैव‍िकीय कारण, मनोवैज्ञानिक कारणों के साथ ही पर्यावरणीय कारण भी जिम्‍मेदार हो सकते हैं।

    दिमागी अस्‍वस्‍थता के लिए किसी का कोई व्‍यक्तिगत दोष या फिर चारित्रिक दोष नहीं होता। इस लेख के जरिए हम दिमागी अस्‍वस्‍थता के लिए जिम्‍मेदार कारणों के बारे में चर्चा करेंगे। और यह जानने का प्रयास करेंगे कि आखिर कैसे कुछ बातों का ध्‍यान रख इस समस्‍या के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

     

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    आनुवांशिक कारण

    व्‍यक्ति के दिमागी रूप से अस्‍वस्‍थ होने के पीछे आनुवांशिक कारण जिम्‍मेदार होते हैं। इस तरह के कई मामलों में देखा गया है कि जिन व्‍यक्तियों को ऐसी समस्‍या हुई है, उनके खून के रिश्‍ते वाले लोगों जैसे माता-पिता या भाई- बहनों को भी इस तरह की परेशानी हो चुकी है। कुछ जीन भी दिमागी अस्‍वस्‍थता के खतरे को बढ़ाते हैं।

     

    जन्‍म से पहले का प्रभाव

    यदि बच्‍चे की मां गर्भावस्‍था के दौरान ड्रग्‍स या अल्‍कोहल का सेवन करती है तो पैदा होने वाले बच्‍चे पर इसका असर दिमागी अस्‍वस्‍थता के रूप में पड़ सकता है। कुछ शोधों में यह बात सामने आई है कि महिला द्वारा अल्‍कोहल का सेवन या किसी अन्‍य प्रकार का नशा करने का असर भ्रूण के दिमागी विकास पर पड़ता है।

    जीवन के नकारात्‍मक अनुभव

    जीवन के नकारात्‍मक अनुभव भी कई बार किसी व्‍यक्ति के व्‍यवहार पर असर डालते हैं। ऐसा देखा गया है कि प्‍यार में कामयाब न होने, आर्थिक परेशानी या फिर ज्‍यादा मात्रा में मानसिक तनाव दिमागी अस्‍वस्‍थता का कारण बन जाते हैं। सेक्‍सुअली या शारीरिक रूप से प्रताड़ना के बाद भी दिमाग पर गहरा आघात हो सकता है। ज्‍यादा सोचने पर भी इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    दिमाग पर असर

    कई बार किसी बीमारी या समस्‍या के चलते दिमाग में जैविकीय परिवर्तन होने पर व्‍यक्ति दिमागी रूप से अस्‍वस्‍थ हो जाता है। कुछ मामलों में हार्मोन असंतुलन के कारण भी दिमाग से संबंधित समस्‍या हो सकती है।

    मनोवैज्ञानिक आघात

    व्‍यक्ति के दिमागी रूप से अस्‍वस्‍थ होने के पीछे कई बार मनोवैज्ञानिक आघात भी होते हैं। शारीरिक या सेक्‍सुअली प्रताडि़त होने पर कई बार बच्‍चों के दिमाग पर विपरीत असर हो जाता है। कम उम्र में बच्‍चे के सिर से माता-पिता का साया उठ जाने पर भी ऐसी समस्‍या हो सकती है।

    पारिवारिक समस्‍या

    कई बार पारिवारिक समस्‍याओं जैसे किसी की मौत या पति-पत्‍नी के तलाक या फिर अन्‍य किसी पारिवारिक समस्‍या के चलते दिमाग पर गहरा आघात असर हो जाता है। ऐसे में व्‍यक्ति दिमागी रूप से अस्‍वस्‍थता का शिकार हो जाता है।

     

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    दिमागी अस्‍वस्‍थता के संभावित लक्षण

    आमतौर पर मानसिक रूप से अस्‍वस्‍थ व्‍यक्ति के व्‍यवहार में परिवर्तन हो जाता है। इसके अलावा भी कई ऐसे लक्षण हैं जिनसे किसी व्‍यक्ति में इस तरह की समस्‍या को पहचाना जा सकता है।

    • हमेशा चुप रहना या उदास रहना
    • विचारों में उलझे रहना या एकाग्रता की कमी
    • डर या चिंता का बना रहना
    • दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों के संपर्क में न रहना
    • समस्‍याओं का सामना न कर पाना और तनाव लेना
    • किसी भी काम में हमेशा अपनी गलती महसूस होना
    • अल्‍कोहल या ड्रग्‍स के सेवन का आदि हो जाना
    • खाने की आदत में बड़ा बदलाव होना
    • मन में बेवजह आत्‍महत्‍या का विचार आना
    • दिमाग में लड़ाई और हिंसा का विचार आना


    यदि आपको या आपके आस-पास किसी व्‍यक्ति को इस तरह की समस्‍या है तो वह दिमागी अस्‍वस्‍थता का भी शिकार हो सकता है। इसके लिए तुरंत चिकित्‍सक से संपर्क करें।

     

    ImageCourtesy@GettyImages

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    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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