क्यों बढ़ जाता है कुछ लोगों का कोलेस्ट्रॉल? आयुर्वेदाचार्य से जानें कारण और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल के घरेलू उपाय

Updated at: Dec 01, 2020
क्यों बढ़ जाता है कुछ लोगों का कोलेस्ट्रॉल? आयुर्वेदाचार्य से जानें कारण और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल के घरेलू उपाय

कोलेस्ट्रॉल हाई होने से शरीर को कई समस्याएं हो सकती हैं। आइए आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानते हैं इसे कंट्रोल करने के कुछ आसान से टिप्स।

Kishori Mishra
आयुर्वेदWritten by: Kishori MishraPublished at: Dec 01, 2020

आज के दौर में लोगों को कई गंभीर समस्याएं हो रही हैं। इन समस्याओं में हाई कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol) की समस्या प्रमुख है। ब्लड में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की वजह से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। कोलेस्ट्रॉल हाई होने से हार्ट अटैक का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल (Cholesteral) बढ़ने से डायबिटीज, किडनी फेल होना, हाई ब्लड प्रेशर,किडनी स्टोन इत्यादि जैसी समस्याएं हो सकती है। इसलिए समय रहते कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना बहुत ही जरूरी है। ऐसे में व्यक्ति को उम्र बढ़ने के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल लेवल की भी जांच कराती रहनी चाहिए। ताकि वे समय रहते कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित कर सकें। गाजियाबाद स्वर्ण जयंती के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर राहुल चतुर्वेदी बताते हैं कि आयुर्वेद के अनुसार शरीर में कफ की मात्रा ज्यादा होने से कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol) बढ़ता है। इसके अलावा कई अन्य कारणों से भी ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है।

राहुल चतुर्वेदी बताते हैं कि हमारे शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल होते हैं। गुड कोलेस्ट्रॉल (High Density Protine) और बैड कोलेस्ट्रॉल (Low Density Protine)। एक सामान्य व्यक्ति के शरीर में 200 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल होना चाहिए। वहीं, 240 मिली ग्राम कोलेस्ट्रॉल हाई कोलेस्ट्रॉल की निशानी होती है।  

कोलेस्ट्रॉल क्या है? (What is Cholesterol)

डॉक्टर राहुल चतुर्वेदी बताते हैं कि ब्लड में मौजूद सबटांस कोलेस्ट्रॉल है। कोलेस्ट्रॉल हेल्दी सेल्स का निर्माण करता है। लेकिन जब ब्लड में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा काफी ज्यादा हो जाती है, तो हाई कोलेस्ट्रॉल कहते हैं। वहीं, ब्लड में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होने पर लो कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल होते हैं। गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल। गुल कोलेस्ट्रॉल स्वस्थ शरीर के लिए बहुत ही जरूरी होता है। वहीं, बैड कोलेस्ट्रॉल सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। 

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हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण (Symptoms of High Cholesterol)

  • सांल फूलना
  • सिर दर्द
  • मोटापा
  • सीने में दर्द
  • बेचैनी इत्यादि हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण हो सकते हैं। 

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण (Causes of Colesterol)

  • असंतुलित आहार का सेवन
  • अनुवांशिक कारण
  • शराब का अधिक सेवन
  • अधिक स्ट्रेस लेना

इसके अलावा ब्लड शुगर बढ़ने और हाइपोथायराइडिज्म के मरीजों को भी कोलेस्ट्रॉल हो सकता है। इसलिए ऐसे मरीजों को नियमित रूप से कोलेस्ट्रॉल की जांच करनी चाहिए।

हाई कोलेस्ट्रॉल का निदान? (High Cholesterol diagnosis in Hindi)

सही समय पर अगर कोलेस्ट्रॉल की मात्रा पर ध्यान नहीं दिया गया, तो व्यक्ति कई गंभीर समस्याओं का शिकार हो सकता है। डॉक्टर से संपर्क करने पर कुछ जांच के जरिए कोलेस्ट्रॉल लेवल का पता लगाते हैं। आइए जानते हैं उन जांच के बारे में-

ब्लड टेस्ट कराना- ब्लड में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा जानने के लिए डॉक्टर ब्लड टेस्ट की सलाह देते हैं। इसके जरिए ब्लड में कोलेस्ट्रर का स्तर पता चलता है। 

मेटाबॉलिक सिंड्रोम की जांच - कई बार स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर मेटाबॉलिक सिंड्रोम की जांच करने की सलाह देते हैं। इस जांच के बाद डॉक्टर्स को इलाज करने में सुविधा होती है।

शुगर टेस्ट कराना– हाई कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित लोगों को कई बार डॉक्टर शुगर लेवल टेस्ट करने के लिए कहते हैं। ऐसा करने का उद्देश्य डायबिटीज के खतरे का पता लगाना होता है।

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इन आयुर्वेदिक तरीकों से घटा सकते हैं कोलेस्ट्रॉल (Ayurvedic Tips for Cholesterol) 

कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल कर सकता है लहसुन (Garlic for Cholesterol  in Hindi)

राहुल चतुर्वेदी बताते हैं कि कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में लहसुन आपकी मदद कर सकता है। लहसुन में पाए जाने वाले तत्व एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में असरकारी होता है। लहसुन का नियमित रूप से सेवन करने से शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल का लेवल 9 से 15 फीसदी तक घटाया जा सकता है। ऐसे में ब्लड से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए नियमित रूप से 2 लहसुन की कलियों का सेवन करें। 

धनिया के बीज (Coriander seeds for Control Cholesterol)

नियमित रूप से धनिया के बीज से तैयार पानी का सेवन करने से ब्लड में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को नियंत्रित किया जा सकताहै। इसके लिए 1 कप पानी लें। इस पानी में 2 चम्मच धनिया का बीज डालकर अच्छी तरह उबालें। दिन में दो बार खाने से 1 घंटा पहले और बाद में इसका सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है।  

अखरोट कोलेस्ट्रॉल के इलाज में फायदेमंद (Walnut for beneficial for Control Cholesterol in Hindi)

कई समस्याओं से निजात दिलाने में कोलेस्ट्रॉल हमारी मदद करता है। अखरोट की मदद से शरीर को एनर्जी मिलती है। इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम, फाइबर, फॉस्फोरस इत्यादि कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। नियमित रूप से 3-5 अखरोट खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल नियंत्रित रहता है। अखरोट खाने से रक्तवाहनियों में जमा कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे पिघलने लगता है।

ओट्स से कोलेस्ट्रॉल स्तर को करें नियंत्रित (Oats Helps to Reduce Cholesterol Level)

ओट्स में बीटा ग्लूकॉन नामक तत्व होता है, जो आंतों की सफाई काफी अच्छे से करता है। इसके सेवन से कब्ज की समस्या दूर रहती है। ऐसे में यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का अवशोषण नहीं हो पाता। अगर आप तीन महीने तक लगातार ओट्स का सेवन करते हैं, तो शरीर से लभग 5 फीसदी कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को घटाई जा सकती है। 

नींबू में छिपा है कोलेस्ट्रॉल का इलाज (Lemon Beneficial to Control Cholesterol)

स्किन से लेकर शरीर की कई समस्याओं से निजात दिलाने में नींबू आपकी मदद करता है। नियमित रूप से नींबू का सेवन करने से ब्लड में कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है। दरअसर, नींबू में घुलनशील फाइबर होता है, जो खाने की थैली में जाकर बैड कोलेस्ट्रॉल को रक्त प्रवाह में जाने से रोकता है। नींबू के अलावा खट्टे फल जैसे- मौसमी, संतरा, आंवला भी कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में असरकारी साबित होते हैं। 

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लाल प्याज है कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में असरकारी (Red Onion for Cholesteral)

हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित रखने में लाल प्याज काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके लिए 1 चम्मच लाल प्याज का रस लें। इसमें 1 चम्मच करीब ऑर्गेनिक शहद मिलाएं। 1 महीने लगातार इसका सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है। 

अलसी है कोलेस्ट्रॉल में लाभकारी (Flaxseed for Control Cholesterol)

अलसी शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। यह थायराइड को कंट्रोल करने में हमारी मदद कर सकते हैं। इसके साथ ही अलसी के सेवन से कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम किया जा सकता है। अलसी का सेवन आप किसी भी रूप मे कर सकते हैं। पानी में भिगोकर खाने से यह अधिक लाभकारी होता है। इसके अलावा रोस्टेड अलसी का भी आप सेवन कर सकते हैं।

  

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