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सिर्फ इंसानों को ही क्यों आता है हार्ट अटैक? जानें हृदय रोगों का मुख्य कारण और बचने के टिप्स

हृदय स्‍वास्‍थ्‍य By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 24, 2019
सिर्फ इंसानों को ही क्यों आता है हार्ट अटैक? जानें हृदय रोगों का मुख्य कारण और बचने के टिप्स

हार्ट अटैक (Heart Attack) का खतरा सिर्फ इंसानों को ही आता है, जानवरों को नहीं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इंसानों की ही कुछ गलत आदतें हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाती हैं। जानें हार्ट अटैक क्यों आता है और इससे कैसे बच सकते हैं आप।

क्या आपने सोचा है कि सिर्फ इंसानों को ही हार्ट अटैक क्यों आता है? हार्ट अटैक एक गंभीर समस्या है। दुनियाभर में होने वाली मौतों में, एक तिहाई मौतों का कारण दिल की बीमारियां बनती हैं। ये बात आपको चौंका सकती है कि हार्ट अटैक के कारण हर साल 18 करोड़ से भी ज्यादा लोग मरते हैं। हाल में ही 'यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफोर्निया सैन डियागो स्कूल ऑफ़ मेडिसिन' में एक इस बारे में रिसर्च की गई कि सिर्फ इंसानों को ही हार्ट अटैक का खतरा क्यों ज्यादा होता है? आइए आपको बताते हैं रिसर्च में क्या पता चला।

क्या जानवरों को नहीं आता हार्ट अटैक?

जानवरों को दिल की बीमारियां होती हैं, मगर उनको वैसा हार्ट अटैक नहीं आता है, जैसा इंसानों को आता है। आमतौर पर जानवरों को कार्डियक अरेस्ट होता है, मगर यह भी सामान्य स्थिति में नहीं होता, बल्कि बिजली का झटका लगने पर होता है। अगर जानवरों में बॉडी फैट बढ़ भी जाता है, तो भी उनका दिल खास प्रभावित नहीं होता है। यहां तक कि चिम्पैंजी, जो इंसान का सबसे नजदीकी जीव है, उनमें भी हार्ट अटैक नहीं होता है। इसलिए चिकित्सक ऐसा मानते हैं कि इंसानों की संरचना और उसकी गलत आदतें ही हार्ट अटैक का कारण बनती हैं।

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क्यों आता है हार्ट अटैक?

आमतौर पर हार्ट अटैक तब आता है जब धमनियों में फैट या कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है (Atherosclerosis), जिससे हृदय तक ऑक्सीजनयुक्त खून नहीं पहुंच पाता है। आप अक्सर ये पढ़ते-सुनते होंगे कि हार्ट अटैक को बढ़ाने वाले मुख्य कारक हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, एक्सरसाइज की कमी, बुढ़ापा, मोटापा, धूम्रपान की आदत आदि हैं। मगर सच्चाई ये है कि दिल की बीमारियों के सिर्फ 15% मामलों में ये सभी कारण जिम्मेदार होते हैं, बाकी के 85% मामलों में धमनियों में जमा ये फैट ही कारण बनता है।

क्या कहती है रिसर्च?

रिसर्च के अनुसार आज से 20-30 लाख साल पहले इंसानों में एक सिंगल जीन के लुप्त होने से इंसानों में हार्ट अटैक की संभावना विकसित हुई। इसके अलावा इंसानों में रेड मीट (लाल मांस) खाने की आदत ने भी हार्ट अटैक के मामलों को काफी बढ़ दिया है। ये रिसर्च 22 जुलाई को PNAS (Proceedings of the National Academy of Sciences of the United States of America) ने छापा है।

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इंसानों की कौन सी आदतें बनती हैं हार्ट अटैक का कारण?

चिकित्सक बताते हैं कि इंसानों में ऐसी कई आदतें हैं, जो हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाती हैं। धमनियों में कोलेस्ट्रॉल या फैट जमा होने का मुख्य कारण ये गलत आदतें ही हैं।

  • वसायुक्त चिकनी चीजें (तेल, मक्खन, घी) आदि वाले आहारों का ज्यादा सेवन करना।
  • शुरुआत से हरी सब्जियां, फल और दूसरे प्राकृतिक आहार के बजाय प्रॉसेस्ड फूड्स खाना।
  • शारीरिक मेहनत या एक्सरसाइज न करना, या करना भी तो बहुत देर से शुरू करना।
  • गलत जीवनशैली जैसे- देर रात तक जागना, पर्याप्त नींद न लेना।
  • मोटापा भी हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण है।
  • लंबे समय तक रेड मीट का सेवन करने से शरीर में सिलिएक एसिड बढ़ना और अंदरूनी सूजन का बढ़ना भी हार्ट अटैक का कारण बनता है।
  • शरीर के दूसरे रोग जैसे- डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर आदि भी हार्ट अटैक का कारण बनते हैं।
  • अगर आप इन सभी आदतों को बदल दें, तो काफी हद तक हार्ट अटैक के खतरे से बच सकते हैं।

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