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जानें किन कारणों से कान के पर्दे होते हैं संक्रमित

अन्य़ बीमारियां By Gayatree Verma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 18, 2016
जानें किन कारणों से कान के पर्दे होते हैं संक्रमित

हर दर्द एक तरफ और कान का दर्द एक तरफ, जिसे होता है वही जानता है कि इसका दर्द कितना कष्‍टकारी होता है, लेकिन क्‍या आप जानते हैं किन कारणों से कान संक्रमित होते हैं, इस लेख में विस्‍तार से पढ़ें।

सभी तरह के दर्द एक तरफ और कान का दर्द एक तरफ। कान में दर्द संक्रमण की वजह से होता है जो बहुत ज्यादा असहनीय होता है। कान में दर्द, कान के संक्रमित होने का सबसे पहला और सामान्य लक्षण है जिसे कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सामान्य तौर पर कान में दर्द कान में मैल के जमा होने से, कान में पानी जाने से, कान गलत तरीके से साफ करने से और कान के पर्दे खराब हो जाने से होता है। ऐसे समय में कान को अपने से साफ करने की गलती कभी ना करें क्योंकि इससे कान मे संक्रमण फैलने का खतरा भी होता है।
 
कान के दर्द का उपचार घरेलू नुस्खों से भी हो सकता है। लेकिन इस संक्रमण को सही समय पर साफ नहीं करेंगे तो इससे कान के परदे को नुकसान भी हो जाता है। जो इंसान को बहरा बना देता है। तो आइए इस लेख में जानें कान में संक्रमण होने के कारण औऱ उसके निवारण।

कान का संक्रमण

कान में दर्द के कारण

  • कान में मैल जम जाने से।
  • कान में पानी जाने से।
  • कान में घाव या फुंसी के हो जाने से।
  • कान में सूजन या चर्म रोग हो जाने पर।
  • कान में शैम्पू या साबुन के चले जाने से।
  • खाने में पोषक-तत्वों की कमी से भी होता है।
  • ये आनुवांशिक कारणों से भी होता है।  

 

कान दर्द का इलाज

  • खाली समय में कान में अदरक के रस की दो बूंदें डालकर लेट जाएं। कान के दर्द और सूजन में आराम मिलेगा।
  • जैतून के तेल की बोतल गर्म पानी में रखें। जब तेल हल्का गुनगुना गर्म हो जाए तो उसकी 2-3 बूँदें कान में डाल लें औऱ कान को रुईं के गोले से बंद कर लें। कान के दर्द में राहत मिलेगी।
  • नाक हमेशा साफ कर के रखें जिससे नाक की नली हमेशा साफ रहे और पानी जाने पर भी उसमें पानी ना जमे।
  • दर्द के दौरान कान में हायड्रोजन पेराक्साइड की 2-3 बूंदे डालें। इससे कान में जमा मैल पिघल कर बाहर निकल जाएगा। अगर कान में संक्रमण है तो वो भी हायड्रोजन पेराक्साइड से जीवाणुनाशक हो जाएगा। जिसे आप अगले गिन उंगली में कपड़ा लपेट कर कान साफ करके निकाल सकते हैं।
  • अगर बच्चों के कान में संक्रमण हो गया है तो किसी भी महिला के दूध की बूंदें कान में टपकाएं। इससे बच्चे का कान साफ हो जाएगा। महिला के दूध में प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने का गुण होता है जो कान को साफ करने में मदद करता है।
  • गर्म सरसों तेल का इस्तेमाल कर के भी कान साफ कर सकते हैं।
  • सोते वक्त हमेशा बड़ा तकिया सर के नीचे रखें। इससे कान मे मौजूद युस्टेशियन नली में जमा श्लेष्मा नीचे खिसकेगी और नली साफ़ होगी।

 

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