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बिल्‍ली पालने से नही होगी मानसिक बीमारी!

बिल्‍ली पालने से नही होगी मानसिक बीमारी!
Quick Bites
  • एक रिसर्च के बाद वैज्ञानिकों ने बिल्‍ली पालने की सलाह दी है।
  • बिल्‍ली पालने से मानसिक बीमारी होने से बचाया जा सकता है।
  • अध्ययन को साइकोलॉजिकल मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

आमतौर पर लोग अपने घरों में कुत्‍ता पालते हैं क्‍यों कि वह बहुत ही वफ़ादार जानवर होता है। लेकिन एक रिसर्च के बाद वैज्ञानिकों ने बिल्‍ली पालने की सलाह दी है। उनका मानना है कि बिल्‍ली पालने वाले व्‍यक्ति को किसी प्रकार की मानसिक बीमारी होने से बचाया जा सकता है। एक नए अध्‍ययन के मुताबिक गभार्वस्था के दौरान या बचपन में बिल्ली पालने से किसी मानसिक बीमारी का सीधा खतरा नहीं होता। ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के शोधकर्ताओं को उनके अध्ययन में पुरानी धारणा का समर्थन करने वाले कोई संकेत नहीं मिले।

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बिल्‍ली पालने की थी ये पुरानी धारणा

पहले किए गए कुछ अध्ययनों में कहा गया था कि कि बिल्लियों के साथ रहने से बिल्ली कुछ प्रकार के मानसिक विकार उत्पन्न हो सकते हैं। शोधकर्ताओं ने कहा था कि बिल्लियों में टोक्सोप्लाज्मा गोंडी (टी गोंडी) नामक एक आम परजीवी पाया जाता है। इसका सीधा संबंध स्किजोफ्रेनिया जैसी मानसिक समस्याओं से है। इसलिए पहले कहा जाता रहा था कि बिल्‍ली पालने स्किजोफ्रेनिया जैसी बीमारी हो सकती है।

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नए अध्ययन में हुआ है खुलासा  

पुरानी धारणाओं को खत्‍म करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक नया अध्‍ययन किया है जिसमें लगभग पांच हजार लोगों को शामिल किया गया। ये लोग 1991 या 1992 में जन्मे थे। या तो इनकी माताएं अपनी गर्भावस्था के दौरान बिल्लियों के संपर्क में रही थीं। या फिर ये लोग अपने बचपन में बिल्लियों के साथ रहे थे। शोधकर्ताओं को ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे साबित होता कि बिल्लियों के संपर्क ने इनके मानसिक स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव पड़ा हो। सभी व्‍यक्ति मानसिक रूप से स्‍वस्‍थ मिले। आपको बता दें कि इस अध्ययन को साइकोलॉजिकल मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित किया गया है।


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Image Source: Getty
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Written by
Atul Modi
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMar 03, 2017

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