बच्चे को पहली बार आम खिलाते समय बरतें कुछ खास सावधानियां, पेट खराब और एलर्जी जैसी हो सकती हैं कई परेशानियां

Updated at: Jun 16, 2020
बच्चे को पहली बार आम खिलाते समय बरतें कुछ खास सावधानियां, पेट खराब और एलर्जी जैसी हो सकती हैं कई परेशानियां

आम के इस मौसम में अगर आप अपने बच्चे को पहली बार आम खिलाने के बारे में सोच रहे हैं, तो थोड़ा रूकें और इन जरूरी सावधानियों के बारे में जान लें।

Pallavi Kumari
नवजात की देखभालWritten by: Pallavi KumariPublished at: Jun 16, 2020

आम का मौसम में बच्चे हों या बूढ़ें सबको आम खाना बेहद पसंद करते हैं। पर उन नन्हें शिशुओं का क्या जो कुछ महीने पहले ही इन दुनिया में आए हैं और सबको आम खता देख उनका मन भी ललचा रहा है। ज्यादातर भारतीय घरों में दादी-नानी बच्चे को आम के साथ खेलने छोड़े देती हैं। वहीं आपको देख कर ताजूब होगा कि शिशु इसके हर खट्टे मीठे स्वाद के साथ बड़ी रोचक प्रतिक्रिया देते हैं। ऐसे में कुछ मां अपने बच्चे को आम खिलाने का विचार कर रही हैं? लेकिन क्या आपके शिशु के लिए आम (Mango for Babies) खाना फायदेमंद है? पहली बार शिशु को आम खिलाने पर उनका शरीर कैसे रिएक्ट करता है? तो आइए जानते हैं इन तमाम सवालों के जवाब विस्तार से।

insidebabyeatingmango

बच्चे को पहली बार आम खिलाना

आपका शिशु जन्म के छह माह तक मां का ही दूध पी रहा होता है। वहीं कुछ शिशु सालों तक मां का दूध पीते हैं। ऐसे में सवाल ये है कि मां के दूध के साथ क्या बच्चे को आम खाने देना चाहिए। तो जवाब है बिलकुल भी नहीं। दरअसल बहुत छोटे बच्चे को आम खिलाना हानिकारक है। वास्तव में, अगर आप बाकी खाने के साथ एक पके हुए रसदार आम को मैश करके बच्चे को खिला रहे हैं, तो ये सही है। पर सीधे एक साबूत आम काटकर खिलाना एक नुकसानदेह हो सकता है। इसके अलावा आप धीमी आंच में भाप लगा कर, आम को ठंडा करके और मैश करके मिश्री के साथ बच्चे को मिलाकर खिलाएं तो गर्मी में उसके लिए ये फायदेमंद होगा।

आमों को खिलाते समय कुछ बातें हैं जो आपको ध्यान में रखनी चाहिए (careful while feeding mango to baby):

बच्चे को पहले फूड के रूप में न दें

आम को कभी भी अपने बच्चे को पहले वीनिंग फूड के रूप में न दें क्योंकि ये पचने में भारी होते हैं और हो सकता है कि यह आपके बच्चे के अपरिपक्व पाचन तंत्र के अनुकूल न हो। इसके बजाय, एक पका हुआ केला खिलाना अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे उन्हें कब्ज और दस्त की परेशानी (mango for babies constipation) भी हो सकती है।

इसे भी पढ़ें : शिशुओं के सिर को गोल आकार देता है राई का तकिया, जानें लाभ और सावधानियां

आठ महीने का हो जाने के बाद ही आम खाने दें

अपने बच्चे को आठ महीने का हो जाने के बाद ही आम जैसे फलों को खिलाने की कोशिश करें। ऐसा इसलिए क्योंकि तब तक आपके बच्चे का पाचनतंत्र मजबूत हो जाएगा। वहीं छह महीने की उम्र से पहले इसे कभी न दें।

एलर्जी की टेस्टिंग करें

भले ही आपका बच्चा स्वाद पसंद करता है और अधिक मांग करता है। हर दूसरे भोजन की तरह, पहले कुछ टुकड़ों ही खिला कर देखें, फिर प्रतीक्षा करें और देखें कि आपका बच्चा फल को कैसे ले रहा है। अगर आपके बच्चे को एलर्जी के कोई लक्षण दिखाई दें जैसे कि चकत्ते, दाने निकल आना या अपच जैसे ढीले दस्त आदि दिखें, तो आम खाने को न दें।

insidemangoes

इसे भी पढ़ें : कच्चा आम खाने से स्वस्थ रहते हैं पेट और लिवर, दूर होगी मोटापे और गैस की समस्या

मैंगो एलर्जी

आम के कारण होने वाली एलर्जी असामान्य है लेकिन अनसुनी नहीं है। इसलिए, जब आप आम दें तो अपने बच्चे पर नजर रखें। मैंगो एलर्जी दो तरह से प्रकट हो सकती है तुरंत होने वाली सेंसिटिविटी और और देर से होने वाली सेंसिटिविटी। तत्काल अतिसंवेदनशीलता में, आम के सेवन के तुरंत बाद प्रतिक्रियाएं शुरू हो जाती हैं और आमतौर पर इसे आम के अपच के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। इसमें आमतौर पर लक्षण दिखाई दे जैसे कि

  • -सांस लेने में कठिनाई
  • - त्वचा में लालिमा
  • - खुजली या पित्ती के साथ चकत्ते
  • - चेहरे की त्वचा के नीचे सूजन
  • - गले या पेट में घरघराहट कर रहे हैं। 

इसके अतिरिक्त कुछ अन्य बच्चो में आंखों और मुंह में खुजली, पलकों में सूजन, पसीना आना और सीने में जकड़न भी हो सकती है। हालांकि, बच्चों की तुलना में वयस्कों में ये लक्षण अधिक देखे जाते हैं। देर से होने वाले सेंसिटिविटी के चलते सूजन, पेरिऑर्बिटल एडिमा, एक्जिमाटस चकत्ते और होंठों के आसपास छाले के रूप में प्रकट हो सकती है। इसलिए आम खिलाने के बाद अपने बच्चे पर इसके होने वाले प्रभावों को लेकर नजर रखें। वहीं जैसे कि कुछ दिखाई दे, अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

Read more articles on New-Born-Care in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK