कार्डियो करने से शरीर में हो रही हैं ये 5 गड़बड़ियां? जानें इनके संकेत और अपने वर्कआउट रूटीन में करें बदलाव

Updated at: May 21, 2020
कार्डियो करने से शरीर में हो रही हैं ये 5 गड़बड़ियां? जानें इनके संकेत और अपने वर्कआउट रूटीन में करें बदलाव

सिर्फ कार्डियो करने से आप वजन तो कम कर लेंगें, लेकिन इसके साथ ही ये मसल्स को नुकसान पहुंचता है। इसलिए सिर्फ कार्डियो पर निर्भर न रहें।

Pallavi Kumari
एक्सरसाइज और फिटनेसWritten by: Pallavi KumariPublished at: May 21, 2020

वजन घटाने के लिए अक्सर लोग कार्डियो एक्सरसाइज का प्रयोग करते हैं। कार्डियो एक्सरसाइज के फायदे (Benefits Of Cardio Exercise) की बात करें, तो ये शरीर को और खास तौर पर दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ह्रदय में सबसे ज्यादा वसा और कैलोरी इकट्ठा होती है, जिसे ये आसानी से बर्न करने में मदद करता है। वहीं मोटापा जिसे कम करने के लिए ही ज्यादातर लोग घर पर भी (Cardio Workout Exercise at Home) इसे करते हैं, ये सीधे तौर पर आपके ह्रदय स्वास्थ्य से ही जुड़ा हुआ है। कार्डियो एक्सरसाइज (cardio workouts) में जॉगिंग, जंपिंग जैक या बर्पी जैसी कई एक्सरसाइज भी शामिल होती हैं।

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जब अच्छा व्यायाम खराब होता है

वर्कआउट रूटीन में कार्डियो करना फायदेमंद है क्योंकि यह आपकी हृदय गति को बढ़ाता है, जो बदले में ब्लड में धीरे-धीरे ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है। यह एंडोर्फिन भी बढ़ाता है, जो प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में काम करता है। एरोबिक्स, जो एक प्रकार का कार्डियो भी है, प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) को मजबूत करता है और आपके ब्लड को अधिक कुशलता से पंप करने में मदद करता है और सहनशक्ति को बढ़ाता है। लेकिन एक लंबा कार्डियो सत्र आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं।

कार्डियो करने से शरीर में हो रही हैं ये 5 गड़बड़ियां

दिल के स्वास्थ्य पर इसका असर

कार्डियो करने से आपके दिल पर सिर्फ अच्छा असर ही नहीं पड़ता है बल्कि इससे बुरा असर भी होता है। दरअसल ज्यादा कठोर कार्डियो करना ब्लड वेसल्स को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। यह नियमित रूप से हृदय गति बनाए रखने में परेशानी पैदा कर सकता है क्योंकि अतिरिक्त कार्डियो दिल के सही वेंट्रिकल को तनाव दे सकता है जो रक्त पंप करने के लिए जिम्मेदार है। अगर आपका रोज 60 मिनट से अधिक समय तक कार्डियो करते हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। वहीं एक हफ्ते में 10 घंटे से अधिक तीव्र कार्डियो करने वाले एथलीट अपने दिल को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जो कभी ठीक नहीं हो सकता है।

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मेटाबॉलिज्म को कम करके वेट लॉस को धीमा कर देता है

जब भी आप व्यायाम करते हैं, तो यह फैट को जला कर अच्छे मांसपेशियों को पाने में मदद करता है। लेकिन इसे करने का समय और तरीका सही होना चाहिए। अधिक मात्रा में कार्डियो करने से मांसपेशियों पर इसका बुरा असर पड़ता है। यह तब होता है जब शरीर ऊर्जा के बढ़े हुए स्तर को बनाए रखने के लिए संघर्ष करता है। ये आपके चयापचय (मेटाबॉलिज्म) को कमजोर करता है और वजन घटाने की प्रक्रिया को भी बाधित करता है।

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मेंस्ट्रूअल साइकिल में गड़बड़ी

अगर आपके शरीर में प्रोजेस्टेरोन का स्तर जरूरत से ज्यादा होता है, तो यह टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन बढ़ा सकता है। जब प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन के बीच संतुलन गड़बड़ा जाता है, तो यह अनियमित मेंस्ट्रूअल साइकिल कारण बनता है। वहीं अगर कार्डियो करने के बाद आपके चहरे पर मुंहासे ज्यादा होने लगे तो तब भी आपको इसे कंट्रोल करने की कोशिश करनी चाहिए।

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली

बहुत कार्डियो करने के कारण शरीर अतिरिक्त कोर्टिसोल रिलीज करता है, जो आपके शरीर का संतुलन खराब कर देता है। दरअसल कोर्टिसोल, जो कि एक प्रमुख तनाव हार्मोन है सुबह में उच्च और दोपहर तक कम होना चाहिए। वहीं सोते समय ये नीचे रहना चाहिए। जब कोर्टिसोल अधिक होता है, तो ये आपका ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को बढ़ता है, जिसकी वजह से शरीर अधिक कैलोरी को फैट के रूप में संग्रहीत करता है। ये आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी दबाव देता है। 

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कैसे जानेंगे कि आप कार्डियो बहुत अधिक कर रहे हैं? 

  • -दिन भर सुस्ती और थकान महसूस करना।
  • -सोने में परेशानी होना या नींद न आना।
  • - सामान्य से अधिक बार बीमार रहना।
  • - शरीर की वसा आपकी हाइट के अनुसार स्वस्थ स्तर से नीचे चले जाना।
  • - चोट का अनुभव करना जैसे कि तनाव फ्रैक्चर, टूटी हड्डी, या अन्य पुराने दर्द का फिर से होना।

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