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कैंसर की चिकित्सा और उससे बचाव

कैंसर By Bharat Malhotra , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 19, 2014
कैंसर की चिकित्सा और उससे बचाव

कैंसर से बचाव के लिए जरूरी है कि आपको उसके बारे में संपूर्ण जानकारी हो। अगर शुरुआती अवस्था में इसका पता चल जाता है तो इस समस्या से बच सकते हैं।

Quick Bites
  • कैंसर से बचने के लिए धूम्रपान और नशे का सेवन ना करें।
  • स्वस्थ जीवनशैली जीने से आप कैंसर से बचे रहते हैं।
  • कैंसर के लक्षणों की जानकारी इसे गंभीर होने से बचाती है।
  • कैंसर की चिकित्सा कैंसर के प्रकार पर निर्भर करता है।

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसके नाम से ही कंपकंपी सी हो जाती है। यह डर बहुत हद तक फिल्मों और सिरियल में भी दिखाया जाता है और कभी कभी फिल्म और सिरियल लोगों में इस बीमारी को लेकर भ्रांतियां फैलाने में भी पीछे नहीं रहते हैं।  कैंसर को जानना और समझना बहुत जरूरी है क्योंकि कई बार इस बीमारी की जानकारी ना होने से स्थितियां और बिगड़ सकती हैं।

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कैंसर और ट्यूमर

  • शरीर के किसी भी भाग में कोशिकाओं का लगातार बढ़ना ट्यूमर होता है। ट्यूमर दो तरीके के होते हैं बेनाइन और मैलिग्नेंट। 
  • बेनाइन ट्यूमर तबतक नहीं फैलता है जबतक कि यह किसी वाइटल आर्गन जैसे की दिमाग में ना हो।
  • मैलिगनैंट ट्यूमर कैंसर होते हैं। मैलिगनैंट ट्यूमर जहां होता है वहां के आसपास या वहां से दूर भी फैल सकता है जैसे दिमाग में, हड्डियों में ,लिवर या फेफड़ों में कैंसर चाहे किसी भी प्रकार का हो वो जानलेवा भी हो सकता है।
  • कैंसर पुरूषों और स्त्रियों दोनों में ही हो सकता है।  कैंसर होने की अधिक सम्भावना 40 वर्ष से ऊपर के लोगोें में होती है और अकसर धूम्रपान, तम्बाकू या गुटका खाने वालों में होती है।

 

कैंसर के लक्षण

कैंसर के लक्षण इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि कैंसर शरीर के किस भाग में हुआ है जैसे सर का या गले का कैंसर। 

  •      मुंह का अल्सर
  •      गले में लगातार दर्द
  •      आवाज़ में बदलाव
  •      गले में सूजन
  •      निगलने में परेशानी होना

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कैंसर का पता करने के लिए क्लीनिकल टेस्ट होते हैं जैसे सी टी स्कैन ,एम आर आई , मैमोग्राफी ा एक्स रे से भी कैंसर का पता लगााने में मदद मिलती है। कैंसर का पता लगाने की एक नयी तकनीक है पीइटी स्कैन। कैंसर को सुनिश्चित  करने के लिए शरीर का वो भाग जो प्रभावित होता है वहां से सूई की मदद से थोड़ा सा टिश्यू लिया जाता है और इस टेस्ट को बायोप्सी कहते हैं ा


कैंसर का इलाज कैसे करे:

कैंसर के इलाज को 3 भागों में बांटा गया है ,सर्जरी ,रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी। तरह तरह के ट्यूमर की चिकित्सा के लिए तरह तरह की थेरेपी का प्रयोग होता है । सर्जरी ,रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी की मदद से कैंसर ठीक हो सकता है।  थेरेपी किस प्रकार की होनी चाहिए यह बात कैंसर की स्थिति पर निर्भर करती है।

 

Written by
Bharat Malhotra
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMay 19, 2014

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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