ठूस-ठूस कर खाने से हो सकता है हार्ट अटैक? जानें भुख्खड़ लोगों को लेकर क्या कहता है ये शोध

Updated at: Sep 30, 2020
ठूस-ठूस कर खाने से हो सकता है हार्ट अटैक? जानें भुख्खड़ लोगों को लेकर क्या कहता है ये शोध

भुख्खड़ की तरह खाना खाने वाले लोगों के लिए ये आदत खतरनाक हो सकती है। शोध बताते हैं कि ये आदत दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी पैदा करती है।

Pallavi Kumari
लेटेस्टWritten by: Pallavi KumariPublished at: Sep 30, 2020

खाना खाने से जुड़ी अनहेल्दी आदतें अक्सर आपको बीमार बनाती हैं। ये न सिर्फ पेट से जुड़ी परेशानियों को पैदा करती हैं बल्कि ये कई सारी दूसरी गंभीर बीमारियों का भी कारण हैं। पर हाल ही आया एक शोध आपको हैरान कर सकता है। जी हां, इस शोध की मानें, तो जो लोग ठूस-ठूस कर खाना खाने की आदत रखते हैं, वो आगे चलकर हार्ट अटैक के (Heavy Meal and Heart Attack) शिकार भी हो सकते हैं। इस शोध में बताया गया है कि कैसे भारी भोजन दिल के दौरे को ट्रिगर कर सकता है। वहीं ज्यादा भारी भोजन करने की आदत, खाने के दो घंटे के भीतर दिल का दौरा पड़ने के खतरे (causes of heart attack) को लगभग चार गुना बढ़ा सकता है। तो आइए विस्तार से जानते हैं क्या कहता है ये शोध।

insideovereatinghabits

क्या कहता है ये शोध?

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार अमेरिका में हर साल लगभग 610,000 लोग हार्ट अटैक से मरते हैं। जब शोधकर्ताओं ने हार्ट अटैक के कारणों को जानना चाहा तो उन्हें कुछ अजीब आदतों का पता चला, जिसकी वजह से हार्ट अटैक आता है। इन्हीं आदतों में से एक है ज्यादा खाने की आदत। इस शोध से पता चला है कि भारी भोजन दिल के दौरे के लिए ट्रिगर का काम कर सकता है। यह एक ऐसे व्यक्ति के लिए विशेष रूप से सच है जो कि भारी वजन वाला है या मोटापे का शिकार है।

इसे भी पढ़ें : रक्तचाप और हृदय स्वास्थ्य में क्या है संबंध? डॉ. डोरा से जानें ब्लड प्रशेर क्यों है हमारे लिए महत्वपूर्ण

भारी भोजन से हार्ट अटैक का खतरा  (Heavy Meal May Trigger Heart Attack) 

बता दें कि ज्यादा खाना खाने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी परेशानियां भी होती हैं। जो कि दिल के स्वास्थ्य से सबसे ज्यादा जुड़ा हुआ है। दरअसल कोलेस्ट्रॉल का हाई लेवल आपके धमनियों को पतला कर देता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन में परेशानी आती है। ब्लड सर्कुलेशन की ये परेशानी ब्लड प्रेशर से जुड़ जाती है और दोनों मिल कर हार्ट अटैक को ट्रिगर करते हैं। वहीं कई और कारण भी हैं, जिसके कारण भारी भोजन दिल के दौरे की संभावना (Heart Attack Risk) को बढ़ा सकते हैं। दरअसल खाना खाने और इसे पचाने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है जो ऑक्सीजन की बढ़ती आवश्यकताओं के कारण रक्तचाप को बढ़ाती है। यह हृदय को अधिक ब्लड पंप करता है और अंग पर एक अतिरिक्त दबाव बनाता है।

insidebalancediet

वहीं ये हाई ब्लड प्रेशर भी धमनियों की दीवार में कोलेस्ट्रॉल के टुकड़े को अलग कर सकता है, जिससे थक्का निर्माण होता है जो रक्त वाहिका को अवरुद्ध करता है, जिससे दिल का दौरा या स्ट्रोक हो सकता है। इसके अलावा, एक उच्च वसा वाला भोजन एंडोथेलियम के कार्य को नुकसान पहुंचाता है, जो कि धमनियों की आंतरिक परत है। शोधकर्ताओं ने पाया कि ज्यादा भारी भोजन खाने के दो घंटे के भीतर दिल का दौरा पड़ने के खतरे को लगभग चार गुना बढ़ा जाता है। ये ट्रिगर बहुत अधिक शारीरिक परिश्रम या तेज गुस्से की तरह कार्य करता है, विशेष रूप से ऐसे लोगों में जिन्हें पहले से हृदय रोग है, जैसे कि कोरोनरी धमनियों की बीमारी या पहले भी  दिल का दौरा पड़ चुका है।

इसे भी पढ़ें : कितना खतरनाक हो सकता है सीने में दर्द उठना? एक्सपर्ट से जानें कारण और बचाव

हालांकि भारतीय भोजन कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों के संतुलित अनुपात के साथ स्वस्थ है। पर फिर भी हम लोगों के लिए इन्हें ठूस-ठूस कर खाना नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं  क्रीम या मक्खन के साथ गहरे तले हुए खाद्य पदार्थों का ज्यादा सेवन करना भी दिल की बीमारियों को आसानी से ट्रिगर कर सकता है। तो खाना आधा पेट ही खाएं और ध्यान रखें कि आपकी थाली में हरी सब्जियां और फल ज्यादा हो और तेल वाली चीजें कम।

Read more articles on Health-News in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK