Gut Health and Sleep: खराब हाजमा बर्बाद कर सकती है आपकी नींद, सोने से पहले ध्यान रखें ये 4 बातें

Updated at: Jan 24, 2021
Gut Health and Sleep: खराब हाजमा बर्बाद कर सकती है आपकी नींद, सोने से पहले ध्यान रखें ये 4 बातें

सोने से पहले ज्यादा भारी खाना खाने से कई बार लोगों की नींद को प्रभावित करती है। ये सब 'the mind gut connection'के कारण होता है।

Pallavi Kumari
अन्य़ बीमारियांWritten by: Pallavi KumariPublished at: Jan 24, 2021

आपकी डाइट से, आपके शरीर का हर अंग जुड़ा हुआ है और इसलिए जो आप खाते हैं, उसका असर पूरे शरीर पर होता है। इसी तरह आपका खाना, आपकी नींद को भी प्रभावित कर सकता है। ये हम नहीं, बल्कि साउथ ईस्टर्न यूनिवर्सिटी (Nova Southeastern University) के शोधकर्ताओं का कहना है, जिन्होंने गट हेल्थ और नींद (gut health and sleep) के बीच के संबंधों का अध्ययन किया है। PLoS ONE नामक जर्नल में प्रकाशित शोधकर्ताओं का ये अध्ययन बताता है कि पेट का सेहत कैसे आपके नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। ये शोध बताता है कि हमारे पाचन तंत्र में  सूक्ष्म जीवाणुओं के अरबों का समुदाय है जो कि माइक्रोबायोम कहता है (gut microbiome) और इसी का सही रहना या खराब हो जाना हमारी नींद को प्रभावित करता है। तो, आइए थोड़ा विस्तार से समझते हैं हमारी नींद और पेट का संबंध (how your gut health affects your sleep) और फिर जानेंगे नींद को बेहतर बनाने के लिए  सोने से पहले ध्यान रखने वाली 4 जरूरी बातें (tips for good sleep)

inside1guthealth

क्या खराब हाजमा बर्बाद कर सकती है आपकी नींद -Can Gut Health Affect Sleep?

खराब हाजमा आपके पाचन तंत्र से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण होता है, जिसके पीछे खराब गट हेल्थ है। इस दौरान होता ये है कि आपके पेट में गुड बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ जाता है और ये आपके पाचनतंत्र को धीमा कर देता है। फिर  ये गट माइक्रोबायोम नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। वो ऐसे कि आपके आंत का वास्तव में आपके मस्तिष्क के साथ बहुत करीबी संबंध है। माइक्रोबायोम का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञ कहते हैं कि आपकी आंत में क्या है, यह आपकी नींद को प्रभावित करता है। दरअसल, मस्तिष्क शरीर का कमांड सेंटर है, जिसका काम शरीर के हर एक हिस्से और प्रणालियों से लगातार सूचना भेजना और प्राप्त करना है, जिसमें कि गट हेल्थ का प्रोसेस भी शामिल है।

इसे भी पढ़ें : सिर्फ खूबसूरती ही नहीं बढ़ाता गुलाब जल, स्वास्थ्य से जुड़ी इन 5 परेशानियों को ठीक करने में भी है मददगार

लॉस एंजिल्स में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में मेडिसिन, फिजियोलॉजी और मनोचिकित्सा के प्रोफेसर एमरन मेयर इसे द माइंड-गट कनेक्शन (the mind gut connection)कहते हैं। डॉ. मेयर की मानें, तो आंत के गुड बैक्टीरिया में कई सिग्नलिंग तंत्र होते हैं जो उन्हें मस्तिष्क के साथ उन तरीकों से संवाद करने की अनुमति देते हैं जो किसी व्यक्ति के मूड, भूख, तनाव के स्तर, और बहुत कुछ को प्रभावित कर सकता है। मस्तिष्क माइक्रोबायोम में परिवर्तन का जवाब देता है। और माइक्रोबायोम में परिवर्तन नींद को भी प्रभावित करता है। जैसे कि 

  • - जब आप भारी भरकम कुछ खा कर सोते हैं, जो आपका मस्तिष्क और आपके गट हेल्थ के बीच बातचीत जारी रहती है, जिसके चलते आपको सही से नींद नहीं आ पाती है।
  • -हमारे गट बैक्टीरिया दिन और रात के दौरान एक लय के अनुसार घूमते हैं, और इसलिए अन्य अंगों के सर्कैडियन लय को प्रभावित करते हैं। पर जब आपका गट सही नहीं होता, तो ये नींद के साइकिल को प्रभावित करता है।
  • -आपका आंत माइक्रोबायोम कई अलग-अलग हार्मोन के उत्पादन और वितरण को नियंत्रित करता है, जिसमें नींद लाने वाले हार्मोन भी शामिल हैं। जैसे कि डोपामाइन, सेरोटोनिन, जीएबीए और मेलाटोनिन। असंतुलित माइक्रोबायोम इन हार्मोनों के असंतुलित स्तर का उत्पादन कर सकता है, जो नींद पर बुरा प्रभाव डालते हैं।
insidesleep

इसे भी पढ़ें : पैरों में सूजन रहने के पीछे हो सकते हैं ये 4 गंभीर कारण, जानें इसके लक्षण और उपचार

सोने से पहले ध्यान रखें ये 4 बातें-tips for good sleep

शुरुआत के लिए, अपने स्लीप साइकिल पर काम करें और उसके लिए इन चीजों का ध्यान रखें। जैसे कि

1.बिस्तर पर जाएं और हर दिन एक ही समय के आसपास सोएं और जागें। यहां तक कि वीकेंड्स पर भी।

2. सोने से पहले जितना संभव हो सके मोबाइल और किसी भी स्क्रीन से बचें।

3. सोने से पहले अपने पाचन तंत्र को समय देने के लिए रात में हल्का भोजन करें और मीठी चीजों को खाने से बचें।

4. दिन भर की कैफीन की खपत को सीमित करें यानी कि चाय और कॉफी कम पिएं।

तो, ध्यान रहे कि नींद-आंत का रिश्ता दो-तरफा है। आपका पेट का माइक्रोबायोम आपके शरीर के बाकी हिस्सों के साथ संचार करता है और उसे प्रभावित करता है। इसलिए  सोने से पहले गर्म पानी से नहाएं, मन को शांत करें और एक अच्छी किताब पढ़ते हुए सो जाएं।

Read more articles on Other-Diseases in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK