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चेहरे पर झुर्रियों का कारण रूखी त्वचा तो नहीं

त्‍वचा की देखभाल
By अनुराधा गोयल , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 09, 2011
चेहरे पर झुर्रियों का कारण रूखी त्वचा तो नहीं

त्‍वचा की नमी कम होने पर चेहरे पर झुर्रियां होना आम है। झुर्रियों से बचाव के लिए जरूरी है पोषक तत्‍वों से भरपूर भोजन। चेहरे पर झुर्रियां होने का कारण जानने के लिए इस लेख को पढ़ें।

Quick Bites
  • त्वचा में नमी व कॉलेजिन की कमी है झुर्रियों का कारण।
  • शुरूआत में चेहरे की ऊपरी परत पर लकीरें पड़ती है।
  • बढ़ती उम्र के साथ त्वचा में लचीलापन आना आम है।
  • सिगरेट पीने से भी हो सकती है झुर्रियों की समस्‍या।

उम्र बढ़ने के साथ चेहरे पर झुर्रियां पड़ना आम बात है। समय से पहले झुर्रियां पड़ने का मतलब है कि आपकी त्वचा को सही पोषण नहीं मिल रहा। आमतौर पर समय से पहले झुर्रियों के पड़ने के दो ही कारण होते हैं। त्वचा की सही देखभाल न होना और दूसरा रूखी व सामान्य त्वचा होना।

causes for wrinkels
रूखी त्वचा पर झुर्रियां सबसे अधिक पड़ती हैं, क्योंकि त्वचा पर झुर्रियां पड़ने का असली कारण त्वचा का नमी खो देना है। चेहरे पर झुर्रियों का कारण धूम्रपान भी हो सकता है। बीड़ी और सिगरेट से निकलने वाला धुआं झुर्रियों का बड़ा कारण होता है। वहीं प्रदूषण जैसे वायु प्रदूषण, धूल, रसायन और कठोर रोशनी भी त्वचा पर पड़ने वाली झुर्रियों का कारण हो सकता है। इस लेख के जारिए हम आपको बताते हैं चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों के कारण।

 

  • आमतौर पर ब्यूटिशियंस का मानना है कि झुर्रियों का मुख्य कारण त्वचा में नमी और कॉलेजिन की कमी है। ऐसे में जब भी त्वचा अपनी नमी खोती है यानी त्वचा शुष्क होती है तो उस हिस्से में झुर्रियां पड़नी शुरू हो जाती है।
  • दूसरी तरह से देखा जाए तो चेहरे पर झुर्रियों के पड़ने का कारण शारीरिक कमजोरी और उम्र का बढ़ना माना जाता है।
  • झुर्रियों की शुरूआत में चेहरे की ऊपरी परत पर लकीरें पड़ने लगती है। धीरे-धीरे यही स्थायी होकर झुर्रियां बन जाती है।
  • चेहरे की बाहरी त्वचा शुष्क होते ही आड़ी तिरछी रेखाएं उस हिस्से को अपनी चपेट में ले लेती है जिससे चेहरे की निचली परत पर चिकनाई पैदा करने वाली ग्रंथियां और कमजोर पड़ने लगती है और ये आड़ी-तिरछी रेखाएं स्थायी रूप से झुर्रियों का रूप ले लेती हैं।
  • कुछ ऐसे लोग जिनकी त्वचा कुदरती रूप से शुष्क होती है यानी जिनकी त्वचा में नमी की कमी होती है उनके साथ प्रीमेच्योर एजिंग और रिंकल्स की समस्या ज़्यादा होती हैं।
  • बढ़ती उम्र के साथ त्वचा अपना लचीलापन खोने लगती है क्योंकि कोलेजेन और इलास्टिन का बनना कम हो जाता है। जिससे त्वचा अधिक पतली, सूखी होने लगती है और ढीली हो जाती है, यही से शुरू हो जाती हैं गहरी झुर्रियां पड़ने की समस्या।
  • जो लोग बहुत अधिक समय तक धूप में रहते हैं उनकी त्वचा भी जल्दी ही नमी खोने लगती है और जल्दी ही उनकी त्वचा डैमेज हो जाने से झुर्रियों की चपेट में आ जाती है।




    रूखी त्व‍चा पर झुर्रियों से बचाव के उपाय

  • झुरियों से निजात पाने के लिए अच्छा होगा कि जब भी फेशियल करवाएं तो चेहरे के साथ गर्दन की भी मसाज करवाएं। दिन के वक्त जब भी घर से बाहर निकलना हो तो चेहरे के साथ ही साथ गर्दन पर भी सनस्क्रीन जरूर लगाएं।
  • एलोवेरा एवं शहद प्राकृतिक मॉइस्चराइजर हैं। त्वचा में नमी का स्तर बढ़ाने के लिए आप इन्हें भी आजमा सकती हैं। इनसे भी झुर्रियां कम होंगी।
  • आप नियम बनाकर एक दिन में एएचए क्रीम तो दूसरे दिन कौलेजिन सीरम लगाएं। इससे आपकी त्वचा में नमी वापिस लौट आएगी और आप रिकंल्स से भी छुटाकरा पा सकते हैं।
  • अगर आप चेहरे की त्वचा की अच्छी तरह से देखभाल करेंगे, खान-पान के प्रति सजगता बरतेंगे, अधिक मसालेदार और मीठी चीजों से बचेंगे तो आपको झुर्रियों की शिकायत लंबे समय तक नहीं होगी। आपको भी झुर्रियों से निजात पाने के लिए अपने खानपान में संतुलन लाना होगा और पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देनी होगी।
  • पेट साफ रखने और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर कर आप बुढ़ापे तक चेहरे पर झुर्रियां पड़ने से रोक सकते हैं।
  • त्वचा में नमी को बरकरार रखने के लिए 3-4 लीटर पीना जरूरी है।
  • चेहरे पर नियमित रूप से मॉश्चराइजिंग क्रीम से मसाज करनी चाहिए, इससे त्वचा में नमी बनी रहेगी।

 

 

 

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Written by
अनुराधा गोयल
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागNov 09, 2011

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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