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क्या ठंडा मौसम बैड फैट को गुड फैट में परिवर्तन कर सकता है?

हृदय स्‍वास्‍थ्‍य
By Rahul Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 18, 2014
क्या ठंडा मौसम बैड फैट को गुड फैट में परिवर्तन कर सकता है?

अध्ययनों से पता चला है कि ठंडे तापमान में जांघों तथा पेट में मौजूद अस्वस्थ सफेद वसा को भूरे वसा (ब्राउन फैट) में बदल सकता है, जोकि शरीर की गर्मी के लिए कैलोरी बर्न करता है।

Quick Bites
  • अधिकांश वयस्कों में जमा वसा, सफेद वसा के रूप में जानी जाती है।
  • केवल बच्चों में ही, उन्हें गर्म रखने के लिए ब्राउन फैट पाया जाता है।
  • हार्वर्ड टीम के अनुसार बच्चों में ब्राउन फैट मस्ल्स से उत्पन्न होता है।
  • शरीर के मोटे होने पर इस प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

एक अध्ययन में पता चला है कि ठंडे वातावरण में रहने से स्वस्थ रहा जा सकता है। अध्ययन के अनुसार, वातावरण ब्राउन फैट को बढ़ने से रोकता है, जो गर्मी पैदा करने के लिए ऊर्जा खर्च करता है और इस तरह मधुमेह और मोटापे के खतरे को कम करता है।

 

Cold Weather in Hindi

 

अध्ययन के अनुसार भी ठंडे तापमान में जांघों तथा पेट में मौजूद अस्वस्थ सफेद वसा को भूरे वसा (ब्राउन फैट) में बदल सकता है, जोकि शरीर की गर्मी के लिए कैलोरी बर्न करता है। लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है कि मोटे होने पर इस प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न  होती है।


अधिकांश वयस्कों में जमा वसा, सफेद वसा के रूप में जाना जाता है। पहले ये माना जाता था कि, केवल बच्चों में ही, उन्हें गर्म रखने के लिए ब्राउन फैट होता है।


हालांकि पिछले अनुसंधानों से पता चला था कि वयस्कों को में भी कुछ ब्राउन फैट होता है। फिर हार्वर्ड के शोधकर्ताओं द्वारा 2012 में एक अध्ययन प्रकाशित हुआ, जिसमें बताया गया कि वयस्कों में पाया जाना वाला ब्राउन फैट, शिशुओं के ब्राउन फैट से अलग होता है।


हार्वर्ड टीम ने बताया कि बच्चों में ब्राउन फैट मस्ल्स से उत्पन्न होता है, जबकि वयस्कों में ब्राउन फैट दरअसल "गहरा पीला" फैट होता है, जोकि वास्तव में सफेद चर्बी की ब्राउनिंग होता है।

 

Cold Weather in Hindi

 

वहीं एक दूसरे अध्ययन में भी पता चला कि परिवेश का तापमान इंसानों में ब्राउन फैट के बढ़ने या घटने को प्रभावित करता है। ठंडे वातावरण में ब्राउन फैट बढ़ने की संभावना कम होती है, जबकि गर्म वातावरण नुकसानदेह हो सकता है।


ऑस्ट्रेलिया के गारवन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च में एंडोक्राइनोलॉजिस्ट पद पर आसीन पॉल ली ने इस संदर्भ में बताया कि इस अध्ययन से पहले तक उन्हें यह नहीं मालूम था कि क्या ब्राउन फैट को मानव शरीर में बढ़ाया या घटाया जा सकता है? ली ने बताया कि हमें अध्ययन से उन्हें पता चला कि इंसुलीन की संवेदनशीलता और ब्राउन फैट भविष्य में ग्लूकोज के मेटाबॉलिज्म के उपचार में नए आयाम खोल सकता है। यह शोध जर्नल डायबिटीज में प्रकशित हुई थी।a

Written by
Rahul Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागOct 18, 2014

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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