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स्तन कैंसर से खुद को बचाना है तो सही समय पर पहचानें लक्षण, जानें इसकी जांच और इलाज के बारे में

कैंसर By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 15, 2015
स्तन कैंसर से खुद को बचाना है तो सही समय पर पहचानें लक्षण, जानें इसकी जांच और इलाज के बारे में

स्तन कैंसर या ब्रेस्ट कैंसर भारतीय महिलाओं में एक बड़ी बीमारी के रूप में उभरा है। स्तन कैंसर के लक्षणों की पहचान करके सही समय पर इलाज शुरू करने से खतरा कम हो जाता है और कैंसर के ठीक होने की संभावना ज्यादा रहती है। जानें ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण और इ

स्तन कैंसर (Breast Cancer) दुनियाभर की महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है। भारत में महिलाओं में पाए जाने वाले कैंसरों में स्तन कैंसर महिलाओं की मौत का सबसे बड़ा कारण है। स्तनों में गांठ महसूस होना या निप्पल से किसी तरह का रिसाव स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षण हैं। अगर सही समय पर स्तन कैंसर की पहचान कर ली जाए और इसका इलाज शुरू कर दिया जाए, तो इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है। आइए आपको बताते हैं महिलाओं में स्तन कैंसर या ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण और इलाज के बारें में।

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण

ब्रेस्ट में दर्द या गांठ ज़रा-सा भी महसूस हो तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। कभी-कभी ये भी होता है गांठ में दर्द न हो, लेकिन छूने पर ये महसूस होता है। स्तनों में पड़ने वाली गांठ को मेमोग्राफी के ज़रिए पता किया जा सकता है। इससे ब्रेस्ट कैंसर का भी पता लगाया जा सकता है और मेमोग्राफी कराने में ज्य़ादा पैसे भी नहीं लगते। 30 से 35 साल की महिला को एक बार मेमोग्राफी ज़रूर करानी चाहिए। ब्रेस्ट में गांठ और समय के साथ इसका आकार बढ़ना,  ब्रेस्ट का असामान्य तरीके से बढ़ना, बगल में सूजन आना, निप्पल का लाल पड़ना या उनसे खून आना, यदि आपके स्तन में कोई उभार या असामान्य मोटाई लगे तो तुरंत अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें।

Breast Cancer in Hindi

जांच व इलाज

यह आवश्यक है कि 30 साल की उम्र से प्रत्येक महिला माहवारी के बाद अपने स्तनों और इसके इर्दगिर्द होने वाले बदलावों की स्वय जाच करे। इसी तरह 40 साल की उम्र से प्रत्येक महिला को साल में एक बार ब्रेस्ट स्पेशलिस्ट से अपनी जाच कराकर उनके परामर्श से स्तनों का एक्सरे कराना चाहिए। इस एक्सरे को मैमोग्राम कहते हैं। मैमोग्राम के जरिये चावल के दाने जितने सूक्ष्म कैंसरग्रस्त भाग का पता लगाया जा सकता है। इस स्थिति में कैंसर के इलाज में पूरे स्तन को निकालने की जरूरत नहीं पड़ती। इस अवस्था में पता चलने वाले स्तन कैंसर के रोगियों का 90 से 95 प्रतिशत तक सफल इलाज हो सकता है। जब स्तन कैंसर का बाद की अवस्था (एडवांस्ड स्टेज) में पता चलता है, तो इसके इलाज के लिए पूरे स्तन को ऑपरेशन के जरिये निकालना पड़ता है।

महानगरों व शहरों में रहने वाली औरतों में स्तन कैंसर के मामले अधिक देखे जाते हैं। जल्द ही इस रोग के बारे में अगर कुछ ठोस कदम न उठाए गए तो स्तन कैंसर जल्द ही भारत में महिलाओं का सबसे बड़ा कैंसर बन सकता है। इससे बचने के लिए महिलाएं खुद हर महीने स्तन की जांच करें और देखें कि उसमें कोई गांठ तो नहीं है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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