• shareIcon

    इन 5 तरीकों से बूस्ट करें अपनी ब्रेन पावर, याददाश्त होगी तेज

    मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 09, 2018
    इन 5 तरीकों से बूस्ट करें अपनी ब्रेन पावर, याददाश्त होगी तेज

    अक्सर लोगों में चीजों को भूलने, गलत निर्णय लेने और किसी चीज को प्रयास के बावजूद याद न कर पाने की समस्या होती है। इन बातों को दिमाग की कमजोरी समझा जाता है। अगर आप अपने रोजमर्रा की थोड़ी सी आदतें बदल लें तो अपनी मेमोरी को बूस्ट कर सकते हैं और अपनी य

    दिमाग हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। शरीर के स्वस्थ रहने के लिए दिमाग का स्वस्थ रहना जरूरी है और दिमाग के स्वस्थ रहने के लिए शरीर का स्वस्थ रहना जरूरी है यानि दोनों एक दूसरे के का पूरक हैं। अक्सर माना जाता है कि जिसका दिमाग जितनी तेज चलता है, वो उतना ही बुद्धिमान होता है। आपके दिमाग को तेज करने के लिए आपके मां-बाप बचपन से ही कई तरह के प्रयास करते हैं जैसे- सेहतमंद और पौष्टिक चीजें खिलाना, दिमाग चलाने वाले गेम्स खेलने के लिए प्रेरित करना, किताबें पढ़ाना और स्कूल भेजना आदि।

    अक्सर लोगों में चीजों को भूलने, गलत निर्णय लेने और किसी चीज को प्रयास के बावजूद याद न कर पाने की समस्या होती है। इन बातों को दिमाग की कमजोरी समझा जाता है। अगर आप अपने रोजमर्रा की थोड़ी सी आदतें बदल लें तो अपनी मेमोरी को बूस्ट कर सकते हैं और अपनी याददाश्त बढ़ा सकते हैं।

    एक्सरसाइज और योग करें

    ध्यान, प्राणायाम और व्यायाम से तनाव दूर होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है, एकाग्रता बढ़ती है और मस्तिष्क को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन, रक्त और पोषक तत्व मिल जाते हैं। इन सबसे याददाश्त बढ़ती है। भ्रामरी प्राणायाम से ऐसे हार्मोन्स निकलते हैं जो मस्तिष्क को रिलेक्स करते हैं। साथ ही भ्रामरी प्राणायाम दिमाग में जूझने की क्षमता को बढ़ाता है।

    इसे भी पढ़ें:- भविष्य के प्रति आशा छोड़ना भी है डिप्रेशन का प्रकार, जानें पूरी जानकारी

    रोज खाएं नट्स बढ़ेगा दिमाग

    याददाश्त बनाये रखने के लिए बादाम को काफी उपयोगी माना जाता है। बादाम में मौजूद पोषक तत्‍व जैसे प्रोटीन, मैगनीज, कॉपर और राइबोफ्लाविन आदि अल्‍जाइमर और अन्‍य मस्तिष्‍क संबंधी रोगों को दूर करने में मदद करते हैं। रात को पांच बादाम भिगोकर रख दें। सुबह उठकर उनका सेवन करने से दिमाग तेज होता है। अखरोट दिखने में दिमाग जैसा ही लगता है। अखरोट तीन दर्जन से भी अधिक न्यूरॉन ट्रांसमीटर को बनाने में मदद करता है। यह मस्तिष्क प्रक्रिया के लिए बहुत जरूरी होते हैं। साथ ही अखरोट में एंटीऑक्सीडेंट व विटामिन ई भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर में मौजूद प्राकृतिक रसायनों को नष्ट होने से रोककर रोगों की रोकथाम करते हैं। इसमें उच्च मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है। रोजाना अखरोट के सेवन से याददाश्त बढ़ती है।

    नींद भी है जरूरी

    अगर आप चाहते हैं कि आपका दिमाग भी तेज-तर्रार रहे तो अच्‍छी और सुकून वाली नींद बहुत जरूरी है। नींद के कारण हम अपने दिमाग में छिपी कई चीजों को याद कर सकते हैं, अच्छी नींद से याददाश्त को बरकरार रखने की जो क्षमता मिलती है। मस्तिष्क में टेम्पोरल लोब की एक आंतरिक संरचना हिप्पोकैम्पस के ही कारण याददाश्त को बनाए रखने में बढ़ावा मिलता है, ये इंसान के मस्तिष्क में दबी हुई चीजों को बाहर लाता है और उन्हें मूल रूप से दिमाग के उसी छिपे हुए स्थान पर फिर से रीप्ले करता है। इस रीप्ले के कारण हम दिनभर में हुए महत्वपूर्ण अनुभवों को अपने मस्तिष्क में जीवित रख पाते हैं।

    इसे भी पढ़ें:- तनाव से रहना है दूर तो आहार में शामिल करें फाइबर वाले ये फूड्स

    प्राकृतिक चीजें खाएं

    फलों और हरी सब्जियों में पाए जाने वाले शक्तिशाली एंटीआक्सीडेंट मस्तिष्क की रक्त नलिकाओं को स्वस्थ व लचीला बनाए रखते हैं। इनके सेवन से मस्तिष्क को फोलिक एसिड और विटामिन मिलते हैं जो तीव्र याददाश्त और तंत्रिका तंत्र की सक्रियता के लिए जरूरी हैं। दिमाग तेज़ करने के लिए अपने खाने में बैगन का प्रयोग जरुर करें। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व मस्तिष्क के टिशू को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। चुकंदर और प्याज़ भी दिमाग बढाने में उपयोगी हैं। इसलिए अगर आपको अपनी याददाश्त अच्छी रखनी है, तो अपने आहार में मौसमी फल और सब्जियां जरूर शामिल करें।

    पर्याप्त पानी पिएं

    अगर आपकी बॉडी हाइड्रेटिड रहेगी, तब भी आपका फोकस बढ़ेगा। पानी पीने से ब्रेन को इलेक्ट्रिकल एनर्जी मिलती है जो हमारे ब्रेन के फंक्शन के लिए बहुत ज़रूरी है। इससे मेमोरी भी शार्प होती है, सोचने की शक्ति भी बढ़ती है। हमारी बॉडी के हर एक ऑर्गन का फंक्शन पानी पर डिपेंड करता है। इसलिए, कोशिश करें कि आप दिन से 6 से 8 गिलास पानी ज़रूरी पिएं।

    ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

    Read More Articles On Mental Health In Hindi

    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK