उबला हुआ पानी या RO का पानी, कौन सा पानी पीने के लिए है बेस्ट? जानें सच्चाई और पानी पीने का हेल्दी तरीका

Updated at: Aug 26, 2020
उबला हुआ पानी या RO का पानी, कौन सा पानी पीने के लिए है बेस्ट? जानें सच्चाई और पानी पीने का हेल्दी तरीका

क्या आप जानते हैं कि आपके द्वारा पिया जाने वाला पीना कितना हेल्दी है। आप कौन सा पानी पीते हैं उबला हुआ या आरओ का पानी। 

 

Jitendra Gupta
विविधWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Aug 26, 2020

मौजूदा वक्त में कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए लोग घरों में उबला हुआ पानी पी रहे हैं। हालांकि बहुत से लोग RO का पानी पसंद करते हैं क्योंकि इसे शुद्ध और साफ माना जाता है। लेकिन बहुत से लोगों को इस बात की दुविधा है कि आखिर कौन सा पानी पीना ज्यादा फायदेमंद रहता है। अगर आपके घर में भी आरओ लगा है लेकिन आप सोच रहे हैं कि उबाल कर पीना पीना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है तो ज्यादा परेशान न हों। इस लेख में हम आपकी इस दुविधा को दूर करने जा रहे हैं। तो आइए जानते हैं कौन सा पानी ज्यादा फायदेमंद है।  

water

उबला पानी

आम घरों में आने वाला सामान्य नल का पानी वॉटर ट्रीटमेंट प्लान में उपचार के बाद ही घरों में सप्लाई होता है, जिसे घर में छानने के बाद उबाल कर ही पीना बेस्ट होता है। दरअसल पानी उबलने के कारण उसमें मौजूद बैक्टरिया और दूसरे माइक्रोऑर्गनिस्म काफी हद तक खत्म हो जाते हैं। उबालने से पानी काफी हद तक शुद्ध हो जाता है और इसके रासायनिक गुणों में कोई बदलाव भी नहीं आता है। अगर आपके घर में आने वाला पानी अधिक हार्डनेस वाला है तो भी उसे आप फिल्टर कर उबाल सकते हैं। लेकिन अगर पानी की गुणवत्ता पीने योग्य है तो उबाल कर पीना पीना ही बेहतर होता है। 

RO का पानी

घर में सप्लाई का पानी कई बार काफी गंदा आता है, जिसमें कई प्रकार के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। लेकिन  RO से पास करने पर पानी में मौजूद सभी तरह की अशुद्धियां  को दूर किया जा सकता है और इसे पीने योग्य बनाया जा सकता हैं। आरओ का पानी स्वास्थ्य की दृष्टि से भी ठीक रहता हैं। इसके अलावा RO के पानी को उबालने की भी जरूरत नही होती हैं और अगर आप उबालते भी हैं तो इसे ठंडा करके पी सकते हैं।

इसे भी पढ़ेंः क्या प्रेग्नेंसी के दौरान गर्म पानी पीना सुरक्षित है? जानें गर्भावस्था में गर्म पानी पीने के फायदे और नुकसान

इन कारणों से RO का शुद्ध पानी स्वास्थ्य के लिए नहीं होता उत्तम

दरअसल होता यूं है कि RO में पानी डालने पर पानी शुद्धिकरण की प्रक्रिया से गुजरता है और इस दौरान पानी में मौजूद सभी आवश्यक खनिज (मिनरल्स) निकल जाते हैं। RO प्यूरीफायर पानी को भले ही साफ कर देता है लेकिन वो बुरे मिनरल्स के साथ-साथ अच्छे मिनरल्स भी बाहर निकाल देता है। अच्छे मिनरल से यहां मतलब है कैल्शियम, मैग्नीशियम। इस कारण नियमित रूप से आरओ का पानी पीने पर हमारे शरीर को आवश्यक मिनरल नहीं मिल पाते हैं और शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। 

rowater

RO सिस्टम में पानी को शुद्ध करने की प्रक्रिया के कारण पानी का पीएच स्तर कम हो जाता है। इस कारण आपके शरीर का पीएच लेवल भी कम हो जाता है क्योंकि जिस तरह का पानी आपको पीना चाहिए वो शरीर को नहीं मिला पाता और आपकी बॉडी का पीएच स्तर कम हो जाता है। 

RO का पानी सामान्य पानी के मुकाबले मीठा क्यों लगता है?

दरअसल आरओ में मौजूद तकनीक पानी से मौजूद सभी अशुद्धियों को निकाल देती है और यही एक कारण है कि RO का पानी हमें सामान्य पानी के मुकाबले ज्यादा मीठा लगता है। शायद आपने TDS मीटर का नाम सुना होगा? अगर नहीं सुना तो जान लीजिए कि पानी में मौजूद मिनरल और बाकी सॉलिड्स को TDS मीटर से ही नापा जाता है। Total Dissolved Solvent यानी की  TDS मीटर हमें यह जानकारी देता है कि पानी में कितनी सॉलिड चीजें मौजूद हैं। इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि पीने के पानी का TDS, ना तो बहुत ज्यादा हो और ना ही बहुत कम। 

इसे भी पढ़ेंः बरसात में दोगुना बढ़ जाता है पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा, बचाव के लिए अपनाएं ये हेल्दी बदलाव

Bureau of Indian Standards के मुताबिक,  पीने के पानी का TDS 500mg/l से कम ही होना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ WHO के मुताबिक अगर आप 100mg/l TDS से कम का पानी पीते हैं तो यह आप को नुकसान पहुंचा सकता है।

RO के पानी का TDS कितना होता है?

ज्यादातर RO फिल्टर पानी का TDS 100 से भी कम ही होता है। हमारे शरीर को कई काम करने के लिए मिनरल्स की जरूरत होती है लेकिन आरओ के पानी में जरूरी मिनरल्स खो जाते हैं। नियमित रूप से आरओ का पानी पीने पर हड्डिया कमजोर हो सकती है, ज्यादा थकान महसूस हो सकती है, वजन कम हो सकता है और दिल की बीमारियां जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

Read more articles on Miscellaneous in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK