आटर्री में ब्लॉकेज के कारण बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा, जानें इससे कैसे करें बचाव

Updated at: May 11, 2020
आटर्री में ब्लॉकेज के कारण बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा, जानें इससे कैसे करें बचाव

हमारा दिल अपनी हर धडकन के साथ खून की पंपिंग करके शरीर के सभी हिस्सों में ऑक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह सुचारु ढंग से करता रहता है, लेकिन आटर्री में ब्ल

Vishal Singh
हृदय स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: Vishal SinghPublished at: May 17, 2018

आटर्री (Arteries) यानी धमनियां रक्त वाहिकाएं होती है जो आपकी बॉडी में ऑक्सीजन से भरे खून को लेकर जाती है। ये आपके दिमाग से लेकर पैर तक काम करती है। स्वस्थ धमनियों की भीतरी दीवारें चिकनी होती हैं और उनमें से रक्त आसानी से बहता रहता है। लेकिन इन आटर्री के ब्लॉक हो जाने पर ये आपके ह्दय के काम को बाधित करती है। ऐसे में आटर्री में खून के जमा होने का खतरा भी बढ़ जाता है। 

आटर्री ब्लॉक की समस्या ज्यादा वसा वाली चीजों का लगातार सेवन करने के कारण भी हो सकता है। आटर्री (Arteries) के ब्लॉक होने पर आपको हार्ट अटैक भी आ सकता है या फिर हार्ट से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। बड़े ही नहीं बल्कि कई बार बहुत कम उम्र से ही हार्ट की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल युक्त प्लाक जमा होना शुरू हो जाता है। ऐसी स्थिति में उम्र बढने के साथ-साथ यह प्लाक सख्त होता जाता है, जिससे कारण खून के थक्के जमने और हार्ट अटैक (Heart Attack) का खतरा बढ जाता है।

लक्षण 

  • सीने में तेज दर्द। 
  • बाहों में लगातार दर्द रहना। 
  • सांस लेने में तकलीफ होना। 
  • बेचैनी महसूस होना। 
  • जल्दी थकावट हो जाना। 
  • बाहों में दर्द रहना। 
  • ज्यादा बोलने में परेशानी होना। 

क्यों होती है धमनियों में रुकावट ?

भारत में दिन-प्रतिदिन ह्दय संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है और सभी उम्र के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। दिल की यह बीमारी धमनियों में रुकावट के चलते ही होती है। इसके पीछे कार्बोहाइड्रेट और रिफाइंड शुगर इसकी बड़ी वजह के रूप में देखा गया हैं। दरअसल, जब इन धमनियों में प्लॉक के रूप में कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है, तब सूजन व दर्द के अलावा दिल की कई अन्य बीमारियां का खतरा भी बढ़ने लगता हैं। इसलिए ये कहा जाता है कि अपने आपको स्वस्थ रखने के साथ अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए खानपान पर पूरा ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही हाई ब्लड प्रेशर से दिल पर काफी दबाव पड़ता है, जिससे सीएडी की आशंका बढ़ जाती है। वहीं, धूम्रपान और डायबिटीज या इंसुलिन रजिस्टेंस के अलावा लगातार घंटों बैठे रहना व अनियमित जीवनशैली भी इसकी वजह देखी गई है।

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बचाव

एक्सरसाइज 

अपने आपको स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से आपको बीमारिोयों का खतरा कम से कम होता है। डॉक्टर भी ह्दय संबंधित रोगियों के लिए एक्सरसाइज नियमित रूप से करने की सलाह देते हैं, इससे आपका ह्दय स्वस्थ रह सकता है। इसके लिए आप एरोबिक, साइकिल चलाना, जॉगिंग और कार्डियो कर सकते हैं। अगर आप एक्सरसाइज करने में सक्षम नहीं है तो आप इसके लिए रोजाना कुछ देर चल सकते हैं। 

वजन ज्यादा न बढ़ने दें

आप अपने आपको तभी फिट रख सकते हैं जब आप अपने वजन को नियंत्रित रखें। ज्यादा वजन के कारण हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा और ह्दय संबंधित रोग होने का खतरा भी बढ़ जाता है। आप इसके लिए बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स का सहारा ले सकते हैं। वजन कम करने के लिए आप रोजाना एक्सरसाइज कर सकेत हैं। 

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लहसुन

कई शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि लहसुन (Garlic) का नियमित रूप से सेवन करने पर हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रॉल और ह्दय संबंधित रोग का खतर कम होता है। इसके साथ ही ये आपके आटर्री को ब्लॉक होने से बचाने का काम करता है। नियमित रूप से जो लोग लहसुन का सेवन करते हैं उनका खून पतला होता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।   

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