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बर्ड फ्लू से बिहार में हो रही हैं कई मौत, यूपी और दिल्ली के लोग ऐसे बरतें सावधानी

अन्य़ बीमारियां By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 26, 2018
बर्ड फ्लू से बिहार में हो रही हैं कई मौत, यूपी और दिल्ली के लोग ऐसे बरतें सावधानी

फ्लू (इंफ्लुएंजा) कई प्रकार के होते हैं। इन्हीं में से एक है बर्ड फ्लू। यह एक ऐसा खतरनाक और जहरीला रोग है जिसके वायरस जानवरों के माध्यम से इंसान में फैलते हैं। 

फ्लू (इंफ्लुएंजा) कई प्रकार के होते हैं। इन्हीं में से एक है बर्ड फ्लू। यह एक ऐसा खतरनाक और जहरीला रोग है जिसके वायरस जानवरों के माध्यम से इंसान में फैलते हैं। हेल्थ सेक्टर में इस नाम को बहुत ही खतरनाक माना जाता है। हाल ही में बिहार में इस रोग के कई मामले देखे गए हैं। बर्ड फ्लू के चलते अबतक छ मोरोें की मौत हो चुकी है। एक्सपर्ट का कहना है कि अभी यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। इस मामले के बाद इस रोग के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और दिल्ली में फैलने की आशंका काफी बढ़ गई है।गर आपने बर्ड फ्लू का नाम तो सुना है लेकिन इसके बारे में आप कुछ नहीं जानते हैं तो यह लेख पढ़ें। आज हम आपको बर्ड फ्लू के माध्यम से कई अहम जानकारियां दे रहे हैं। 

3 प्रकार के होते हैं वायरस

अगर आप इस रोग के बारे में कुछ जानना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको यह पता होना चाहिए कि वायरस कितने प्रकार के होते हैं। अगर आपको ये जानकारी हो जाए तो यह आपकी काफी मदद करेगा और इलाज कराना भी काफी आसान हो जाएगा। आमतौर पर वायरस तीन प्रकार के होते हैं- A, B और C वहीं इन तीनों में सबसे खतरनाक A माना जाता है। यह वायरस इंसानों और जानवारों दोनों के जरिये फैल सकता है। इसीलिये बर्ड फ्लू को हम टाइप A वायरस के अंतर्गत रखते हैं।

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बर्ड फ्लू की पहचान H5N1 से होती है। यह वायरस काफी खतरनाक होते हैं जिनसे इंसान या जानवर की जान भी जा सकती है। वहीं टाइप B वायरस सिर्फ इंसानों में पाया जाता है, जिसमें ज्‍यादा खतरा नहीं होता है। हालांकि इस वायरस के सब टाइप का पता न चलने पर यह कभी-कभी काफी घातक साबित हो जाता है। तीसरा टाइप होता है C, जिसमें इंसान ज्‍यादा बीमार नहीं पड़ता है। यह नॉर्मली इलाज से सही हो जाता है। आम तौर पर इस वायरस के वाहक पक्षी होते हैं। इसी कारण इसका नाम बर्ड फ्लू पड़ा। बर्ड फ्लू का संक्रमण पालतू अथवा गैर पालतू पक्षियों से मनुष्यों में होता है। बर्ड फ्लू के संभावित प्रकोप से निपटने के लिए सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

कैसे दिखते हैं बर्ड फ्लू के लक्षण

जब कोई वायरस इंसान के शरीर पर अटैक करता है, तो उसके सिंप्‍टम्‍स दिखने लगते हैं। इसमें सबसे पह‍ले मरीज को तेज बुखार चढ़ता है, जोकि 100 से ऊपर होता है। वहीं गले में कफ बनना शुरु हो जाता है, जिसके चलते खराश हो जाती है। इसके अलावा पूरा शरीर दर्द करने लगता है और अकड़न सी महसूस होती है। इसके साथ ही काफी थकान भी हो जाती है। नाक बहना और सिर दर्द भी इसके मुख्‍य लक्षण हैं। इसके अलावा कभी-कभी मरीज को उल्टियां भी होने लगती हैं।

क्या है इसका बचाव

आपके घर में अगर कोई सदस्‍य इस तरह के किसी वायरस से संक्रमित है, तो सबसे पहले उसका कमरा अलग कर दीजिये। यह वायरस हवा के जरिये एक-दूसरे में बहुत जल्‍दी फैल जाते हैं। इसके साथ ही मरीज से बात करते समय अपने नाम और मुंह को ढककर रखें। वहीं मरीज के साथ किस करना, हाथ मिलाना आदि से दूर रहें। इसके अलावा मरीज को भी कुछ सावधानी रखनी चाहिये। वायरस से संक्रमित व्‍यक्ति को इधर-उधर नहीं थूकना चाहिये। इसके अलावा तेज बुखार होने पर सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें, वहीं गले में खराश होने पर ठंडी चीजें खाने से एवॉयड करें।

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अगर आपकी नाक ज्‍यादा बह रही है, तो उसके लिये अपने पास कोई कपड़ा रखें जिसे समय-समय पर बदलते रहें। अगर मरीज को ज्‍यादा उल्टियां आ रही हैं, तो ओआरएस का घोल पिलायें। हालांकि इन सभी सावधानियों को ध्‍यान में रखते हुये डॉक्‍टर की परामर्श जरूर लें। वहीं खाने-पीने की चीजों में भी सावधानी रखनी चाहिये। अब अगर यह स्‍वाइन फ्लू या बर्ड फ्लू है, तो आपको मांस खाने से पहले उसे अच्‍छी तरह से पका लेना चाहिये।

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