बिलिनेयर बिल गेट्स का दावा 'पहली कोरोना वैक्सीन उतनी प्रभावी नहीं, जितनी हम उम्मीद कर रहे', दी 1 बड़ी चेतावनी

Updated at: Aug 07, 2020
बिलिनेयर बिल गेट्स का दावा 'पहली कोरोना वैक्सीन उतनी प्रभावी नहीं, जितनी हम उम्मीद कर रहे', दी 1 बड़ी चेतावनी

दुनिया के मशहूर बिलिनेयर बिल गेट्स ने कोरोनावायरस पर एक बड़ा बयान दिया है। साथ ही उन्होंने वैक्सीन को लेकर चेतावनी भी दी है। जानिए क्या है। 

 

Jitendra Gupta
लेटेस्टWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Aug 07, 2020

दुनियाभर में लगातार बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के बीच बीते कुछ हफ्तों से वैक्सीन बनाने की दिशा में सकरात्मक प्रगति देखी जा रही है। एक तरफ जहां हर देश के स्वास्थ्य अधिकारी बढ़ते मामलों को प्रबंधित करने की कोशिश कर रहे हैं वहीं ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, मॉडर्न इंक, फाइजर-बायोएनटेक और चीन में तैयार किए जा रहे प्रोटोटाइप जैसे अनुसंधान समूह अपने स्तर पर वैक्सीन के ट्रायल करने में जुटे हुए हैं। इन सभी ट्रायल को देखकर तो यही लगता है कि इनमें से एक वैक्सीन शायद 2020 के अंत तक लॉन्च हो सकती है या फिर कोई ऐसा मॉडल तैयार हो सकता है, जो  तुरंत उपयोग के लिए तैयार हो सकता है। इसी मामले पर डॉ. एंथोनी फौसी ने यह भी कहा है कि वे 2021 की शुरुआत में लाखों वैक्सीन की डोज की उम्मीद कर रहे हैं।

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वैक्सीन से अभी उम्मीद लगाना हमारे लिए सुरक्षित है?

हालांकि, दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन लॉन्च करने वाले किसी भी अनुसंधान समूह को किसी भी प्रकार की श्रेष्ठता नहीं मिलती है। ऐसी बहुत सी कमजोरियां, खामियां हो सकती हैं, जो एक वैक्सीन पर हमारी सभी आशाओं को धूमिल कर सकती हैं। ऐसी संभावनाएं भी हैं कि बड़े पैमाने पर टीकाकरण के लिए एक से अधिक खुराक या एक टीका के उपयोग की आवश्यकता हो सकती है।

रोजाना हो रहे बड़े-बड़े दावों के बीच अब, परोपकारी और मशहूर अरबपति बिल गेट्स ने कहा है कि इस महामारी के दौरान उपलब्ध होने वाली पहली वैक्सीन महामारी के खिलाफ हमारी रक्षा की सबसे अच्छी गारंटी नहीं दे सकती है। बता दें कि बिल गेट्स शुरुआत से ही वैक्सीन सभी के लिए उपलब्ध कराने के बारे में बात कर रहे हैं, फिर चाहे वे समाज का अंतिम व्यक्ति ही क्यों न हो।  

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पहली वैक्सीन उतनी प्रभावी नहीं, जितनी हम सोच रहें 

एक मीडिया एजेंसी से बात करते हुए गेट्स ने एक चेतावनी जारी करते हुए कहा कि भले ही वैक्सीन को बनाने का काम बहुत तेज गति से हो रहा हो लेकिन पहली वैक्सीन सबसे प्रभावी साबित नहीं हो सकती है, और इसे विकसित होने में अधिक समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि बीमारी और इसे फैलने से रोकने में टीके की प्रभावशीलता की बात की जाए तो शुरुआती टीका उतना फायदेमंद नहीं होगा और इससे बचाव की अवधि लंबी नहीं होगी। 

उन्होंने यह भी कहा कि पहले टीके मुख्य रूप से अमीर देशों के लिए केवल एक 'स्टॉप-गैप' प्रस्ताव हो सकता है। बता दें कि कुछ वक्त पहले एक साक्षात्कार में, 64-वर्षीय गेट्स ने चेतावनी दी थी कि अमीर देशों में वैक्सीन वितरित की जा रही है। 

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क्यों है ऐसा 

नोवल कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के लिए ट्रायल का काम बहुत तेजी से चल रहा है, जो पहले कभी नहीं देखा गया। आमतौर पर, एक वैक्सीन विकसित करने के लिए, शोधकर्ताओं को बहुत अधिक परीक्षणों की आवश्यकता होती है। वैक्सीन से जुड़े सुरक्षा मुद्दों को हल करने के लिए वालियंटर्स की भागीदारी बहुत जरूरी होती है। कभी-कभी, टीकों को उपयोग के लिए मंजूरी मिलने में एक या दो साल तक लग सकते हैं। यह समयावधि COVID-19 के मामले में इन समस्याओं को हल करने के प्रति अतिसंवेदनशील बनाती है क्योंकि वैक्सीन के ट्रायल अभी चल ही रहे हैं। 

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वैक्सीन का असमान वितरण भी एक बड़ी चिंता 

अमेरिका और ब्रिटेन सहित कई देशों ने पहले से ही जनता के लिए खुराक आरक्षित करने के लिए वैक्सीन डेवलपर्स के साथ अरबों रुपये की संधि पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसपर गेट्स ने यह भी कहा कि वैक्सीन के असमान वितरण की समस्या एक घातक महामारी को जन्म दे सकती है। उन्होंने कहा कि अगर हम जरूरतमंद लोगों और उन जगह,, जहां वैक्सीन की ज्यादा जरूरत है वहां पहुंचाने के बजाय दवा और वैक्सीन को सिर्फ ज्यादा बोली लगाने वाले देश के पास जाने देते हैं, तो हम लंबे समय तक और अधिक घातक घातक महामारी का अनुभव करेंगे। 

गेट्स का बयान क्या मायने रखता है

गेट्स की टिप्पणी संकट से लड़ने के लिए तैयार वैक्सीन के बारे में पूरी तरह से आशावादी नहीं हो सकती है लेकिन उन्होंने इस बात पर ध्यान दिलाने की कोशिश की है कि आधुनिक चिकित्सा इनोवेशन, उपचार और उपचार रणनीतियां वायरस का मुकाबला करने और मृत्यु दर को कम करने में सक्षम हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि डायग्नोस्टिक में नवाचार, चिकित्सा विज्ञान और वैक्सीन 2021 के अंत तक हमें इस समस्या से बाहर निकाल देंगे।"

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