पेट की बीमारी का कारण बनता है खराब डाइजेशन, जानिए भोजन को तेजी से पचाने के 6 प्राकृतिक उपाय

Updated at: Jul 21, 2020
पेट की बीमारी का कारण बनता है खराब डाइजेशन, जानिए भोजन को तेजी से पचाने के 6 प्राकृतिक उपाय

Tips to Improve Digestion: भोजन का सही तरीके से पाचन न होने के कारण आप कब्‍ज, एसिडिटी जैसी समस्‍याओं से परेशान हो सकते हैं।

Atul Modi
स्वस्थ आहारWritten by: Atul ModiPublished at: Jul 21, 2020

खराब पाचन (Poor Digestion) के कारण होने वाली परेशानी से आप पूरे दिन परेशान रहते हैं। इससे आपके काम करने की गति धीमी पड़ जाती है। धीमी पाचन क्रिया (Slow Digestion) के कई कारण हो सकते हैं। ज्‍यादा तेल मसालों वाले आहार, पानी न पीना, एक्‍सरसाइज न करना और तनाव लेना आदि, ये सभी पाचन को धीमा कर देते हैं। जब पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है, तो भोजन ठीक तरह से नहीं पचता है। इससे भोजन आंत में ही सड़ने लगता है। ठीक से भोजन का पाचन नहीं होने से पेट के कई रोग जैसे कब्‍ज, एसिडिटी, आंतों में सूजन, संक्रमण, सीलिएक रोग, क्रोहन रोग, अल्सरेटिव कोलाइटिस, इंटेस्‍टाइनल इस्किमिया आदि की समस्‍या हो सकती है। इसलिए डाइजेशन का ठीक होना बहुत ही आवश्‍यक है। बेहतर डाइजेशन संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य के लिए आवश्‍यक है। भोजन को सही तरीके से पचाने के लिए भोजन करने के दौरान और बाद में क्‍या-क्‍या करना चाहिए इन सब के बारे में यहां हम आपको स्‍टेप बाई स्‍टेप जानकारी दे रहे हैं।

भोजन को तेजी से पचाने के उपाय - How To Have Healthy Digestion In Hindi

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1. भोजन से पहले फल या सलाद खाएं

भोजन करने से करीब आधा या एक घंटे पहले अच्‍छी मात्रा में फल और सब्जियों (सलाद) का सेवन करना चाहिए। इसमें मौजूद फाइबर तत्‍व आंतों की अच्‍छी तरह से सफाई करता है। भूख को कम करता है, जो वजन कम करने में मदद करता है। यह कब्‍ज की समस्‍या को समाप्‍त कर सकती हैं। इससे पाचन सुचारू रूप से होता रहता है। इस तरह के आहार से सुबह पेट आसानी से साफ हो जाता है।

2. भोजन करने के दौरान गर्म पानी या छाछ पीएं

आयुर्वेद के अनुसार, भोजन के दौरान या बाद में गर्म पानी का सेवन करना चाहिए। इससे भोजन आसानी से पचता है। पानी घूंट-घूंट कर के पीना चाहिए। अगर आप पानी नहीं पी सकते हैं तो छाछ पी सकते हैं। छाछ क्षारीय होता है जो शरीर में अम्‍ल या विषाक्‍त पदार्थों को बाहर निकालता है। इससे पाचन क्रिया तेज हो जाती है। भोजन के दौरान ठंडा पानी या फ्रिज का पानी पीने से बचना चाहिए।

3. एक ही बार में ज्‍यादा भोजन न करें 

एक बार में ही ज्‍यादा भोजन कर लेने से पाचन तंत्र को अधिक मेहनत करनी पड़ी इसकी वजह से खाना ठीक तरीके से डाइजेस्‍ट नहीं होता है। आयुर्वेद के अनुसार, कुछ घंटे का गैप देकर कम-कम मात्रा में भोजन करना चाहिए। इससे भोजन आसानी से और तेजी से पचता है। ज्‍यादा मात्रा में एक साथ भोजन कर लेने अग्नि धीमी पड़ जाती है। आप अपने पूरे दिन की डाइट को कम से कम 4 से 5 घंटे के अंतराल में बांट लेना चाहिए।

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4. भोजन करने के बाद वज्रासन में बैठें

आयुर्वेद के अनुसार, भोजन करने के बाद एक वज्रासन मुद्रा में थोड़ी देर बैठना चाहिए। इससे खाना पचने में दिक्‍कत नहीं होती है। खाना खाने के तुरंत बाद न तो लेटना चाहिए और न ही वॉक करना चाहिए। आप खाना खाने के बाद कम से कम 5 मिनट तक वज्रासन मुद्रा में रीढ़ को सीधा करके बैठना चाहिए। वज्रासन में बैठने के लिए आपको अपने पैरों को घुटनों से मोड़कर हिप के नीचे रखना होता है।

5. भोजन करने के बाद कुछ देर टहलें

भोजन करने के बाद वज्रासन मुद्रा में बैठने के बाद थोड़ी देर टहलना चाहिए। जब आप वॉक करते हैं तो आपकी पाचन क्रिया तेज गति से कार्य करती है। इससे आपका सारा भोजन डाइजेस्‍ट हो जाता है और आंतों में भोजन सड़ता नहीं है। आप जब भी भोजन करते हैं तो इस नियम को जरूर फॉलो करें।

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6. रात को सोने से 3 घंटे पहले भोजन करें 

कुछ लोग रात के भोजन के बाद बिस्‍तर पकड़ लेते हैं। जबकि, आयुर्वेद कहता है कि सोने से कम से कम 3 घंटे पहले भोजन करना चाहिए। इससे आपको अच्‍छी नींद भी आती है और भोजन आसानी से पचता है। भोजन करने के बाद पहले वज्रासन में बैठें और फिर कम से कम 100 कदम चलें ताकि आपका खाना अच्‍छी तरह से डाइजेस्‍ट हो जाए।

यहां बताए गए सभी नियमों को अच्‍छी तरह से फॉलो करने पर निश्चित रूप से आपको कब्‍ज, गैस और एसिडिटी की समस्‍या दूर होगी। साथ ही आप भोजन को पेट में सड़ने और उससे होने वाली बीमारियों से खुद को बचा पाएंगे। इसके लिए आप अपने एक्‍सपर्ट की भी सलाह ले सकते हैं।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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