फेफड़ों को लंबे समय तक रखना है स्वस्थ, तो आहार में शामिल करें ये 5 चीजें

फेफड़ों को लंबे समय तक रखना है स्वस्थ, तो आहार में शामिल करें ये 5 चीजें

फेफड़े हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग हैं क्योंकि हम फेफड़ों के जरिए ही सांस लेते हैं। सांसें हमारे जिंदा रहने के लिए जरूरी हैं। फेफड़ों का काम वातावरण से हवा को लेना फिर ऑक्‍सीजन को अवशोषित कर कार्बन डाइऑक्साइड को वातावरण में छोड़ना है।

फेफड़े हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग हैं क्योंकि हम फेफड़ों के जरिए ही सांस लेते हैं। सांसें हमारे जिंदा रहने के लिए जरूरी हैं। फेफड़ों का काम वातावरण से हवा को लेना फिर ऑक्‍सीजन को अवशोषित कर कार्बन डाइऑक्साइड को वातावरण में छोड़ना है। ये ऑक्सीजन धमनियों और रक्त के सहारे दिल तक पहुंचता है और फिर वहां से शरीर के बाकी अंगों में पंप किया जाता है। इसलिए हमारे शरीर के लिए फेफड़े बहुत जरूरी हैं।
हमारे खान-पान का असर हमारे फेफड़ों पर भी पड़ता है। गलत खान-पान और हवा में घुले प्रदूषण के कारण फेफड़े संबंधी कई रोग जैसे- टीबी, अस्थमा, निमोनिया, इन्फ़्लुएन्ज़ा, फेफड़े का कैंसर आदि का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन अगर आप कुछ सावधानियां रखें और सही आहार लें, तो फेफड़ों के इन रोगों से आसानी से बचा जा सकता है।

विटामिन सी वाले आहार

फेफड़ों के लिए विटामिन सी बहुत फायेदमंद है। विटामिन सी एक तरह का एंटीऑक्सीडेंट हैं जो सांस लेने के बाद ऑक्सीजन को सभी अंगों तक पहुंचाने में मदद करता है। सभी खट्टे फलों में विटामिन सी की मात्रा पर्याप्त होती है जैसे- संतरा, नींबू, टमाटर, कीवी, स्ट्रॉबेरी, अंगूर, अनानास व आम आदि। इसके अलावा विटामिन सी वाले आहारों का सेवन करने से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।

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लाइकोपेन वाले आहार

फेफड़ों के लिए लाइकोपेन वाले आहारों का सेवन बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि इन आहारों में कैरोटीनॉयड होता है। ये एक ऐसा एंटीऑक्सीडेंट है जो अस्थमा से बचाता है और फेफड़ों के कैंसर का खतरा कम करता है। लाइकोपेन के लिए आप टमाटर, गाजर, तरबूज, पपीता, शकरकंद और हरी सब्जियां खा सकते हैं।

लहसुन जरूर खाएं

लहसुन को कफनाशक समझा जाता है। भोजन के बाद लहसुन का सेवन करने से छाती साफ रहती है और कई रोगों से रक्षा होती है। लहसुन में एलिसीन होता है जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा लहसुन में कई एंटीऑक्सीडेंट हेते हैं जो संक्रमण से लड़ते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। अस्थमा रोगियों को अपने आहार में लहसुन को जरूर शामिल करना चाहिए।

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मुनक्‍का

मुनक्‍का के ताजे और साफ 15 दाने रात में 150 मिलीलिटर पानी में भिगो दें। सुबह बीज निकालकर फेंक दें। गूदे को खूब अच्‍छी तरह चबा-चबाकर खायें। बचे हुए पानी को पी लें। एक महीने तक इसका सेवन करने से फेफड़े मजबूत होते हैं।

तुलसी की पत्तियां

तुलसी के सूखे पत्‍ते, कत्‍था, कपूर और इलायची समान मात्रा में ले ल‍ीजिए। इसमें नौ गुना चीनी मिलाकर बराबर मात्रा में पीस लें। इस मिश्रण की चुटकी भर मात्रा दिन में दो बार खायें। इससे फेफड़ों में जमा कफ निकल जाता है।

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